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बाजार में दीप पर्व की रौनक, खूब हुई खरीदारी
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
Updated Sun, 30 Oct 2016 12:18 AM IST
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दिवाली बाजार में खरीदारी
रोशनी के त्योहार दिवाली से ऐन पहले शहर का बाजार गुलजार दिखा। शनिवार को लोगों ने त्योहार की तैयारियां कीं। पटाखों की खूब खरीदारी हुई। घरों को रोशन करने के लिए कंडील, दीये, मोमबत्ती, झालरें, फूल, भगवान गणेश, लक्ष्मी, कुबेर जी की प्रतिमाओं को लिया। मिठाई की दुकानों पर रात भर तांता लगा रहा। चॉकलेट, मेवों, गिफ्ट आइटम भी खरीदे। कपड़ों की भी शॉपिंग की। खरीदारों के साथ व्यापारी वर्ग भी खासा उत्साहित नजर आया।
युवाओं व बच्चों ने सबसे ज्यादा खरीदारी झालर, लाइटिंग आदि की की। वहीं महिलाओं ने दीये, साजसज्जा की चीजें खरीदीं। वहीं घरों की रंगाई-पुताई, साफ सफाई के बाद भव्य सजावट की। छोटी दीपावली पर दीये सजाकर भगवान यम की पूजा की गई।
खूब खरीदे खील, खिलौने
त्योहार पर महिलाओं ने खूब खील, खिलौने खरीदे। मिट्टी के दीयों के अलावा मोमबत्ती, रंगोली, मां लक्ष्मी के चरण खरीदे।
स्वदेशी झालरों का क्रेज
बाजार में चाइनीज उत्पादों का विरोध भी नजर आया। लोगों ने स्वदेशी झालरें खरीदीं। वहीं बड़े बल्बों की झालरों का क्रेज नजर आया।
गेंदा के फूलों से होगी सजावट
बाजार में गेंदा का फूल 90 से 120 रुपये तक बिका। लोगों ने घर की साज सज्जा के लिए इसे खरीदा। इसके अलावा दरवाजों, अलमारी की सजावट के लिए कृत्रिम फूलों की भी बिक्री हुई।
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चांदी के लक्ष्मी, गणेश भी बिके
पूजा के लिए चांदी से निर्मित लक्ष्मी, गणेश भी लोगों ने खरीदे। सर्राफा बाजार में भी भीड़ लगी रहीं। इसके अलावा शॉपिंग काम्प्लेक्स में लोगों ने कपड़ों की भी जमकर खरीददारी की।
भीड़ से जाम दिखा शहर
एक तरफ लोगों व वाहनों की भीड़ ने शहर को जाम से जकड़ दिया, वहीं ट्रैफिक व्यवस्थाएं चौपट रहीं। महिलाओं व बच्चों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर रही भारी भीड़
दिवाली से एक दिन पहले ही रोडवेज के दावे हवाई साबित हो गए। जिले के लोकल रूटों पर बसों की कमी की वजह से लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर दिन भर यात्रियों की भारी भीड़ रही। दीपावली से एक दिन पहले ही डिपो के दावे हवाई साबित हो गए। लोकल रूटों पर बसों की कमी के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, रेलवे स्टेशन पर भी काफी भीड़ रही। फिलहाल ट्रेनों की संख्या कम होने की वजह से लोग घंटों इंतजार करते रहे। डग्गामार वाहनों ने खूब चांदी काटी। बदायूं डिपो की ज्यादातर बसों को बदायूं-दिल्ली रूट पर लगा दिया गया।
देहात के बाजार भी गुलजार
जरीफनगर। कस्बा दहगवां के बाजार में दीपावली पर्व को लेकर खरीददारी करने वालों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीण इलाकों के लोगों ने भी खरीदारी की। मिट्टी के दीये भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि आधुनिकता की चकाचौंध में दीयों की बिक्री कम नजर आ रही है। दीया विक्रेता नत्थू प्रजापति ने बताया कि दिवाली पर मिट्टी के दीये उपेक्षित होते जा रहे हैं।
कुंवरगांव। क्षेत्र में दीप पर्व पर लोग बाजार में खरीदारी को निकले। दिन भर रौनक देखने को मिली। आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी पहुुंचे। चाइनीज उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान खरीदा। क्षेत्र में दीयों की भी खूब बिक्री हुई। व्यापारी वर्ग में खुशी देखी गई।
इस समय करें पूजन
पंडित गिरीश कुमार कहते हैं कि लक्ष्मी चंचल होती हैं। एक जगह नहीं रुकती हैं। इनकी पूजा स्थित लग्न से भगवान विष्णु, गणेश, कुबेर और सरस्वती के साथ दीपावली की रात में विधान से की जाए तो स्थिरता के योग बनते हैं। क्योंकि दिवाली लक्ष्मी माता का प्राकट्य दिवस है।
स्थिर लग्न- शाम 6:19 से 8:15
रात- 12:49 से 3:12
इस समय में व्यापारी, नौकरी पेशा, राजनीतिक, गृहस्थ आदि सभी वर्ग के लोग पूजन कर सकते हैं।
अन्य मुहूर्त
प्रदोष काल
शाम- 5:32 से 6:44
इस समय में इसके अलावा लक्ष्मी पूजन, दीपदान, कुबेर, बही खाता आदि पूजन शुभ रहेगा
निशिथकाल
शाम- 6:44 से 9:08 बजे स्त्रोत आरती मंत्र जप आदि शुभ रहेगा।
महा निशीथकाल
रात्रि 9:8 से 11:32 बजे तक तांत्रिक कार्य को शुभ है।
ध्यान देने योग्य बातें
- कुबेर पूजन दो दिन करना है, धरतेरस और दीपावली को।
- यम हेतु दीपदान दो दिन करना है, धरतेरस और चतुर्दशी को।
- दीपदान दीपावली को लक्ष्मी के लिए करे।
- दीपावली को व्रत ब्रह्मचर्य से रहे। श्री सुक्त कनकधारा गोपाल शहस नाम का पाठ करे/ हवन करें कमलगट्टा से।
- कर्ज गरीबी मिटाने को अशोक के पत्तों पर राम राम लिखें। श्री सुक्त के पाठ से भगवान राम को चढ़ाए। ये काम तीन दिन करें।
मंत्र- ओं महा लक्ष्मए नमा मम: ग्रहै आगच्छाय फट्
स्नान- दिवाली को सूर्य उदय से पहले स्नान करें। जल में गंगाजल, दूध, दही, घी, तिल का तेल, शहद, हल्दी या केसर डालकर साल भर निरोगता रहेगी। शक्ति बुद्धि लक्ष्मी ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।
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युवाओं व बच्चों ने सबसे ज्यादा खरीदारी झालर, लाइटिंग आदि की की। वहीं महिलाओं ने दीये, साजसज्जा की चीजें खरीदीं। वहीं घरों की रंगाई-पुताई, साफ सफाई के बाद भव्य सजावट की। छोटी दीपावली पर दीये सजाकर भगवान यम की पूजा की गई।
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खूब खरीदे खील, खिलौने
त्योहार पर महिलाओं ने खूब खील, खिलौने खरीदे। मिट्टी के दीयों के अलावा मोमबत्ती, रंगोली, मां लक्ष्मी के चरण खरीदे।
स्वदेशी झालरों का क्रेज
बाजार में चाइनीज उत्पादों का विरोध भी नजर आया। लोगों ने स्वदेशी झालरें खरीदीं। वहीं बड़े बल्बों की झालरों का क्रेज नजर आया।
गेंदा के फूलों से होगी सजावट
बाजार में गेंदा का फूल 90 से 120 रुपये तक बिका। लोगों ने घर की साज सज्जा के लिए इसे खरीदा। इसके अलावा दरवाजों, अलमारी की सजावट के लिए कृत्रिम फूलों की भी बिक्री हुई।
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चांदी के लक्ष्मी, गणेश भी बिके
पूजा के लिए चांदी से निर्मित लक्ष्मी, गणेश भी लोगों ने खरीदे। सर्राफा बाजार में भी भीड़ लगी रहीं। इसके अलावा शॉपिंग काम्प्लेक्स में लोगों ने कपड़ों की भी जमकर खरीददारी की।
भीड़ से जाम दिखा शहर
एक तरफ लोगों व वाहनों की भीड़ ने शहर को जाम से जकड़ दिया, वहीं ट्रैफिक व्यवस्थाएं चौपट रहीं। महिलाओं व बच्चों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर रही भारी भीड़
दिवाली से एक दिन पहले ही रोडवेज के दावे हवाई साबित हो गए। जिले के लोकल रूटों पर बसों की कमी की वजह से लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर दिन भर यात्रियों की भारी भीड़ रही। दीपावली से एक दिन पहले ही डिपो के दावे हवाई साबित हो गए। लोकल रूटों पर बसों की कमी के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर, रेलवे स्टेशन पर भी काफी भीड़ रही। फिलहाल ट्रेनों की संख्या कम होने की वजह से लोग घंटों इंतजार करते रहे। डग्गामार वाहनों ने खूब चांदी काटी। बदायूं डिपो की ज्यादातर बसों को बदायूं-दिल्ली रूट पर लगा दिया गया।
देहात के बाजार भी गुलजार
जरीफनगर। कस्बा दहगवां के बाजार में दीपावली पर्व को लेकर खरीददारी करने वालों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीण इलाकों के लोगों ने भी खरीदारी की। मिट्टी के दीये भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि आधुनिकता की चकाचौंध में दीयों की बिक्री कम नजर आ रही है। दीया विक्रेता नत्थू प्रजापति ने बताया कि दिवाली पर मिट्टी के दीये उपेक्षित होते जा रहे हैं।
कुंवरगांव। क्षेत्र में दीप पर्व पर लोग बाजार में खरीदारी को निकले। दिन भर रौनक देखने को मिली। आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी पहुुंचे। चाइनीज उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान खरीदा। क्षेत्र में दीयों की भी खूब बिक्री हुई। व्यापारी वर्ग में खुशी देखी गई।
इस समय करें पूजन
पंडित गिरीश कुमार कहते हैं कि लक्ष्मी चंचल होती हैं। एक जगह नहीं रुकती हैं। इनकी पूजा स्थित लग्न से भगवान विष्णु, गणेश, कुबेर और सरस्वती के साथ दीपावली की रात में विधान से की जाए तो स्थिरता के योग बनते हैं। क्योंकि दिवाली लक्ष्मी माता का प्राकट्य दिवस है।
स्थिर लग्न- शाम 6:19 से 8:15
रात- 12:49 से 3:12
इस समय में व्यापारी, नौकरी पेशा, राजनीतिक, गृहस्थ आदि सभी वर्ग के लोग पूजन कर सकते हैं।
अन्य मुहूर्त
प्रदोष काल
शाम- 5:32 से 6:44
इस समय में इसके अलावा लक्ष्मी पूजन, दीपदान, कुबेर, बही खाता आदि पूजन शुभ रहेगा
निशिथकाल
शाम- 6:44 से 9:08 बजे स्त्रोत आरती मंत्र जप आदि शुभ रहेगा।
महा निशीथकाल
रात्रि 9:8 से 11:32 बजे तक तांत्रिक कार्य को शुभ है।
ध्यान देने योग्य बातें
- कुबेर पूजन दो दिन करना है, धरतेरस और दीपावली को।
- यम हेतु दीपदान दो दिन करना है, धरतेरस और चतुर्दशी को।
- दीपदान दीपावली को लक्ष्मी के लिए करे।
- दीपावली को व्रत ब्रह्मचर्य से रहे। श्री सुक्त कनकधारा गोपाल शहस नाम का पाठ करे/ हवन करें कमलगट्टा से।
- कर्ज गरीबी मिटाने को अशोक के पत्तों पर राम राम लिखें। श्री सुक्त के पाठ से भगवान राम को चढ़ाए। ये काम तीन दिन करें।
मंत्र- ओं महा लक्ष्मए नमा मम: ग्रहै आगच्छाय फट्
स्नान- दिवाली को सूर्य उदय से पहले स्नान करें। जल में गंगाजल, दूध, दही, घी, तिल का तेल, शहद, हल्दी या केसर डालकर साल भर निरोगता रहेगी। शक्ति बुद्धि लक्ष्मी ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।