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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Declining levels of potash in the soil, growing threat

मृदा में घट रहा पोटाश का स्तर बढ़ रहा खतरा

Thu, 08 Sep 2016 11:21 PM IST
ब्यूरो /बदायूं
ब्यूरो /बदायूं Updated Thu, 08 Sep 2016 11:21 PM IST
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मृदा और फसल चक्र पर आधारित एक विचार गोष्ठी उझानी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में हुई, जिसमें मृदा वैज्ञानिक डॉ. फूल सिंह ने कहा कि फसल चक्र में छेड़छाड़ करके लगातार फसलों का उत्पादन किए जाने से मृदा में पोटाश का स्तर घटने लगा है, जो फसल उत्पादन के लिए खतरे की घंटी बन सकता है, क्योंकि फसलें पोटाश तत्व को सर्वाधिक ग्रहण करती हैं। कहा, किसानों को डीएपी के स्थान पर एनपीके का इस्तेमाल करना चाहिए। 
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उद्यान वैज्ञानिक डॉ. यशपाल सिंह ने फूलगोभी की खेती पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि किसान बोरोन तत्व का प्रयोग कर गोभी को फटने से बचा सकते हैं। सूड़ी से बचाव के लिए इमामेक्टिन रसायन का प्रयोग बेहतर होता है। इफको के सहायक क्षेत्र प्रबंधक राजेश कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। साथ ही डीएपी और एनपीके उर्वरकों के प्रयोग के बारे में बताया। कहा कि किसान खड़ी फसलों में जल विलेय उर्वरकों का छिड़काव करें।
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