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Budaun News: पिता की गमी की होली पर घर आए युवक का मिला शव
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ओमेंद्र का फाइल फोटो।
बदायूं। पिता की मौत के बाद गमी की होली पर घर लौटे पुत्र का शव बुधवार को गांव के एक खाली मकान में पड़ा मिला। परिजनों ने चचेरे भाई समेत दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कठोली निवासी ओमेंद्र (45 साल) पुत्र गोवर्धन हिमाचल प्रदेश में रहकर किसी फैक्टरी में नौकरी करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। ओमेंद्र के पिता गोवर्धन का बीमारी के चलते निधन हो गया था। ओमेंद्र अपने पिता की गमी की होली पर सात मार्च को गांव आए थे।
आरोप है कि वह अपने घर जाने के बजाय चाचा के घर रुक गए। दस मार्च को वह काम पर वापस हिमाचल प्रदेश जाने के लिए निकले तो ओमेंद्र का चचेरा भाई और गांव का ही रहने वाला युवक ई-रिक्शा में बैठाकर उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़ने गया था। ट्रेन नहीं मिली तो वह वापस घर लौट आए। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे उसके चाचा ने भाई को बताया कि आमेंद्र की हालत खराब है। परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो ओमेंद्र का शव गांव में एक खाली मकान में पड़ा था।
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भाई सचिन कुमार ने बताया कि जब चाचा के घर पर भाई रुका हुआ था तो उसका शव उसके खाली पड़े मकान में कैसे पहुंचा। उसने चचेरे भाई व गांव के ही एक अन्य युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को सूचना दी, जिसपर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव जिला मुख्यालय भेजकर जांच शुरू कर दी है।
देर शाम शव लेकर परिजन गांव पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर हरेद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कठोली निवासी ओमेंद्र (45 साल) पुत्र गोवर्धन हिमाचल प्रदेश में रहकर किसी फैक्टरी में नौकरी करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। ओमेंद्र के पिता गोवर्धन का बीमारी के चलते निधन हो गया था। ओमेंद्र अपने पिता की गमी की होली पर सात मार्च को गांव आए थे।
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आरोप है कि वह अपने घर जाने के बजाय चाचा के घर रुक गए। दस मार्च को वह काम पर वापस हिमाचल प्रदेश जाने के लिए निकले तो ओमेंद्र का चचेरा भाई और गांव का ही रहने वाला युवक ई-रिक्शा में बैठाकर उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़ने गया था। ट्रेन नहीं मिली तो वह वापस घर लौट आए। बुधवार की सुबह करीब नौ बजे उसके चाचा ने भाई को बताया कि आमेंद्र की हालत खराब है। परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो ओमेंद्र का शव गांव में एक खाली मकान में पड़ा था।
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भाई सचिन कुमार ने बताया कि जब चाचा के घर पर भाई रुका हुआ था तो उसका शव उसके खाली पड़े मकान में कैसे पहुंचा। उसने चचेरे भाई व गांव के ही एक अन्य युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को सूचना दी, जिसपर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव जिला मुख्यालय भेजकर जांच शुरू कर दी है।
देर शाम शव लेकर परिजन गांव पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर हरेद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

ओमेंद्र का फाइल फोटो।