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जानलेवा हो रहा डेंगू, एलाइजा जांच पर नहीं दिया जा रहा ज्यादा ध्यान
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बदायूं। जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अब भी बुखार से मौतों की बात को नकार रहा है। डेंगू से भी जिले में अब तक कोई मौत न होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद संदिग्ध बुखार से लगातार मौतें हो रही हैं। चौबीस घंटे में एक युवक और एक युवती की बुखार से मौत हो गई। दो दिन पहले भी वजीरगंज ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव और एक किशोरी की बुखार से जान चली गई थी। इसके बाद बिल्सी में गल्ला व्यापारी की पत्नी की मौत हो गई। इन तीनों को निजी लैब की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। अब दो अन्य लोगों की मौत हुई है। इनमें युवती को डेंगू और युवक को दिमागी बुखार बताया गया था। बुखार से सबसे ज्यादा मौतें बिसौली तहसील में हुई हैं।
जिला मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से संवेदनशील है। पिछले दो साल यहां मलेरिया का भयंकर प्रकोप रहा था। इस साल मलेरिया को लेकर तो सतर्कता बरती गई, लेकिन मलेरिया का सीजन खत्म होने के साथ जिले में वायरल बुखार और डेंगू पैर पसारने लगा। स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू फैलने की बात को नकारता रहा। डेंगू संदिग्धों की एलाइजा जांच के मामले में भी लापरवाही की गई। पिछले दिनों 20 लोगों का एलाइजा टेस्ट कराया गया तो इनमें अकेले सैदपुर में ही सात लोग डेंगू पीड़ित निकले थे। काफी संख्या में बुखार पीड़ितों को निजी लैब की जांच में भी डेंगू की पुष्टि हुई। कई लोगों की अब तक जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर ज्यादा संजीदा नहीं है। ऐसे में लगातार बुखार और संदिग्ध डेंगू से लोगों की जान जा रही है।
बुखार से युवती की मौत, निजी डॉक्टर ने बताया था डेंगू
बिसौली। बिसौली तहसील के कई गांवों में डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। करीब दो महीने से निजी लैब और डॉक्टर बुखार पीड़ितों को डेंगू की पुष्टि कर रहे हैं। बुखार से लोगों की जान भी जा रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच के नाम पर डेंगू की बात से इंकार कर रहा है। इस बीच शनिवार को एक युवती की डेंगू से मौत हो गई।
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बिसौली तहसील के कस्बा वजीरगंज में ब्लॉक कॉलोनी के सामने रहने वाले अरुण शेखर सक्सेना और उनकी 22 साल की बेटी सोना को कई दिन से बुखार आ रहा था। निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू बताया गया। दो दिन पहले सोना को इलाज के लिए बिसौली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां फायदा न होने पर परिवार वालों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शनिवार को सोना की मौत हो गई। अरुण शेखर भी बुखार की चपेट में हैं। प्लेटलेट्स के आधार पर निजी लैब ने उनको भी डेंगू होने की बात कही है। अरुण शेखर को भी शनिवार को इलाज के लिए बरेली रेफर कर दिया गया है। कस्बे में अन्य लोग भी संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं।
बुखार से युवक की मौत, अलीगढ़ जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ा
दातागंज। दातागंज ब्लॉक में भी बुखार से मौतें हो रही हैं। शुक्रवार रात एक युवक की बुखार से मौत हो गई। उसको निजी डॉक्टरों ने दिमागी बुखार बताया था। जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे। उसकी रास्ते में मौत हो गई।
दातागंज के गांव कछुआ नगला निवासी 26 वर्षीय सर्वेश पुत्र ओमवीर को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वालों ने निजी डॉक्टर से इलाज कराया तो डॉक्टर ने सर्वेश को दिमागी बुखार के लक्षण होने की बात कही। इसके बाद सर्वेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार वाले इलाज के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिवार में पत्नी के साथ एक बेटा और एक बेटी हैं। सर्वेश परिवार में सबसे बड़ा था। मेहनत मजदूरी करके वही परिवार का गुजारा किया करता था। परिवार में कोहराम है।
सेवा नगला में फैला मलेरिया, 160 रोगी मिले, कई को फैल्सीपेरम
दातागंज। तहसील के गांव सेवा नगला में एक बार फिर से मलेरिया का प्रकोप है। गांव में लगातार सामान्य मलेरिया के साथ जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। शनिवार को बुखार पीड़ित 32 लोगों की हेल्थ कैंप में जांच की गई। इनमें नौ लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है।
दातागंज ब्लॉक के कई गांवों में लगभग हर साल मलेरिया का प्रकोप होता है। इस बार हालात कुछ हद तक काबू में थे, लेकिन अब हालात बिगड़ते दिख रहे हैं। सेवा नगला गांव में करीब एक सप्ताह से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। जब यहां हेल्थ कैंप लगाया गया तो सच्चाई सामने आई। पांच दिन में यहां जांच के दौरान मलेरिया के 160 रोगी मिल चुके हैं। सौ से ज्यादा रोगी तो फैल्सीपेरम मलेरिया के ही हैं। शनिवार को भी नौ और रोगी मिले। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि लगातार बुखार पीड़ितों की जांच की जा रही है। धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में हो रही है। मलेरिया रोगियों को दवाओं का वितरण किया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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जिला मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से संवेदनशील है। पिछले दो साल यहां मलेरिया का भयंकर प्रकोप रहा था। इस साल मलेरिया को लेकर तो सतर्कता बरती गई, लेकिन मलेरिया का सीजन खत्म होने के साथ जिले में वायरल बुखार और डेंगू पैर पसारने लगा। स्वास्थ्य विभाग लगातार डेंगू फैलने की बात को नकारता रहा। डेंगू संदिग्धों की एलाइजा जांच के मामले में भी लापरवाही की गई। पिछले दिनों 20 लोगों का एलाइजा टेस्ट कराया गया तो इनमें अकेले सैदपुर में ही सात लोग डेंगू पीड़ित निकले थे। काफी संख्या में बुखार पीड़ितों को निजी लैब की जांच में भी डेंगू की पुष्टि हुई। कई लोगों की अब तक जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर ज्यादा संजीदा नहीं है। ऐसे में लगातार बुखार और संदिग्ध डेंगू से लोगों की जान जा रही है।
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बुखार से युवती की मौत, निजी डॉक्टर ने बताया था डेंगू
बिसौली। बिसौली तहसील के कई गांवों में डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। करीब दो महीने से निजी लैब और डॉक्टर बुखार पीड़ितों को डेंगू की पुष्टि कर रहे हैं। बुखार से लोगों की जान भी जा रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच के नाम पर डेंगू की बात से इंकार कर रहा है। इस बीच शनिवार को एक युवती की डेंगू से मौत हो गई।
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बिसौली तहसील के कस्बा वजीरगंज में ब्लॉक कॉलोनी के सामने रहने वाले अरुण शेखर सक्सेना और उनकी 22 साल की बेटी सोना को कई दिन से बुखार आ रहा था। निजी लैब में जांच कराई तो डेंगू बताया गया। दो दिन पहले सोना को इलाज के लिए बिसौली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां फायदा न होने पर परिवार वालों ने बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान शनिवार को सोना की मौत हो गई। अरुण शेखर भी बुखार की चपेट में हैं। प्लेटलेट्स के आधार पर निजी लैब ने उनको भी डेंगू होने की बात कही है। अरुण शेखर को भी शनिवार को इलाज के लिए बरेली रेफर कर दिया गया है। कस्बे में अन्य लोग भी संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं।
बुखार से युवक की मौत, अलीगढ़ जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ा
दातागंज। दातागंज ब्लॉक में भी बुखार से मौतें हो रही हैं। शुक्रवार रात एक युवक की बुखार से मौत हो गई। उसको निजी डॉक्टरों ने दिमागी बुखार बताया था। जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे। उसकी रास्ते में मौत हो गई।
दातागंज के गांव कछुआ नगला निवासी 26 वर्षीय सर्वेश पुत्र ओमवीर को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वालों ने निजी डॉक्टर से इलाज कराया तो डॉक्टर ने सर्वेश को दिमागी बुखार के लक्षण होने की बात कही। इसके बाद सर्वेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार वाले इलाज के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज जा रहे थे। उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिवार में पत्नी के साथ एक बेटा और एक बेटी हैं। सर्वेश परिवार में सबसे बड़ा था। मेहनत मजदूरी करके वही परिवार का गुजारा किया करता था। परिवार में कोहराम है।
सेवा नगला में फैला मलेरिया, 160 रोगी मिले, कई को फैल्सीपेरम
दातागंज। तहसील के गांव सेवा नगला में एक बार फिर से मलेरिया का प्रकोप है। गांव में लगातार सामान्य मलेरिया के साथ जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। शनिवार को बुखार पीड़ित 32 लोगों की हेल्थ कैंप में जांच की गई। इनमें नौ लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है।
दातागंज ब्लॉक के कई गांवों में लगभग हर साल मलेरिया का प्रकोप होता है। इस बार हालात कुछ हद तक काबू में थे, लेकिन अब हालात बिगड़ते दिख रहे हैं। सेवा नगला गांव में करीब एक सप्ताह से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। जब यहां हेल्थ कैंप लगाया गया तो सच्चाई सामने आई। पांच दिन में यहां जांच के दौरान मलेरिया के 160 रोगी मिल चुके हैं। सौ से ज्यादा रोगी तो फैल्सीपेरम मलेरिया के ही हैं। शनिवार को भी नौ और रोगी मिले। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि लगातार बुखार पीड़ितों की जांच की जा रही है। धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में हो रही है। मलेरिया रोगियों को दवाओं का वितरण किया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।