{"_id":"5eb82fa18ebc3e903b7311a3","slug":"damage-due-to-bad-weather-badaun-news-bly405423038","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी-बारिश ने तबाही मचाई... कई पेड़ गिरे, मकान क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी-बारिश ने तबाही मचाई... कई पेड़ गिरे, मकान क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/उझानी। अचानक आयी तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को चपेट में ले लिया। आसमान पर छायी काली घटा ने दिन में ही अंधेरा कर दिया। इससे लोगों को दिन में सड़क पर गुजरने वालों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ गई। आंधी की रफ्तार को पेड़ और फसलों के साथ घरों के आगे पड़े टीनशेड समेत छप्पर भी सहन नहीं कर पाए। इसके कारण वे उड़कर दूर जा गिरे। बरेली-मथुरा, फर्रुखाबाद-मुरादाबाद और बदायूं-मेरठ हाईवे पर पेड़ गिर गए। इसके चलते हाईवे पर घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। देहात क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर गिरे पेड़ों की टहनियों को हटाने के लिए ग्रामीण देर शाम तक मशक्कत करते रहे। फसलों में सर्वाधिक नुकसान अगेती मक्का, बागवानी में आम को हुआ है।
आंधी की शुरूआत दोपहर में करीब एक बजे हुई। धूल भरी आंधी के दौरान इलाकों में अंधेरा छा गया। जबर्दस्त रफ्तार के साथ आंधी का असर करीब डेढ़ घंटे तक रहा। इसके बाद हालांकि बूंदाबांदी होने लगी लेकिन बाद में बारिश ने भी रफ्तार पकड़ ली। जिले में अलापुर, बिसौली, सहसवान, उझानी- कछला, दातागंज, ओरछी और कुवरगांव क्षेत्र में ज्यादा नुकसान पहुंचाया। आंधी में ज्यादातर स्थानों पर पेड़ गिरे हैं। ओरछी, कादरचौक, दबतोरी, अलापुर के इलाके के करीब एक दर्जन इलाकों में घरों के बाहर टीनशेड और छप्पर उड़ कर दूर जा गिरे। पेड़ गिरने से गांवों में दो दर्जन से अधिक मकानों की दीवारें भी ढह गईं। ग्रामीणों को घरों के बाहर से सामान समेटना भी मुश्किल हो गया। कृषि कार्य के लिए खेतों पर मौजूद ग्रामीणों ने भागकर घरों में शरण ली। अगेती मक्का की फसल के साथ बागवानी में आम को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला, जजपुरा, बिनावर, बदायूं-मेरठ हाईवे पर जरीफनगर, सहसवान और कोल्हाई, फर्रुखाबाद-मुरादाबाद हाईवे पर गांव अभियासा के पास पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कादरचौक-उझानी रोड पर भी करीब तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। कुछेक स्थानों पर लोगों ने खुद ही मशक्कत कर पेड़ों की मोटी टहनियों को हटाकर सड़क किनारे किया तो आवागमन शुरू हो पाया। इसके अलावा आंधी के बाद से देर शाम तक शहर समेत आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली के पोल और लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
विज्ञापन
आंधी और बारिश से अगेती मक्का की फसल के साथ बागवानी में आम को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। जिन खेतों में मक्का की फसल छोटी है, वह आंधी नहीं गिर पाई। सब्जी फसलों में कोई खास नुकसान नहीं है। -डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक।
विज्ञापन
आंधी की शुरूआत दोपहर में करीब एक बजे हुई। धूल भरी आंधी के दौरान इलाकों में अंधेरा छा गया। जबर्दस्त रफ्तार के साथ आंधी का असर करीब डेढ़ घंटे तक रहा। इसके बाद हालांकि बूंदाबांदी होने लगी लेकिन बाद में बारिश ने भी रफ्तार पकड़ ली। जिले में अलापुर, बिसौली, सहसवान, उझानी- कछला, दातागंज, ओरछी और कुवरगांव क्षेत्र में ज्यादा नुकसान पहुंचाया। आंधी में ज्यादातर स्थानों पर पेड़ गिरे हैं। ओरछी, कादरचौक, दबतोरी, अलापुर के इलाके के करीब एक दर्जन इलाकों में घरों के बाहर टीनशेड और छप्पर उड़ कर दूर जा गिरे। पेड़ गिरने से गांवों में दो दर्जन से अधिक मकानों की दीवारें भी ढह गईं। ग्रामीणों को घरों के बाहर से सामान समेटना भी मुश्किल हो गया। कृषि कार्य के लिए खेतों पर मौजूद ग्रामीणों ने भागकर घरों में शरण ली। अगेती मक्का की फसल के साथ बागवानी में आम को सर्वाधिक नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला, जजपुरा, बिनावर, बदायूं-मेरठ हाईवे पर जरीफनगर, सहसवान और कोल्हाई, फर्रुखाबाद-मुरादाबाद हाईवे पर गांव अभियासा के पास पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कादरचौक-उझानी रोड पर भी करीब तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। कुछेक स्थानों पर लोगों ने खुद ही मशक्कत कर पेड़ों की मोटी टहनियों को हटाकर सड़क किनारे किया तो आवागमन शुरू हो पाया। इसके अलावा आंधी के बाद से देर शाम तक शहर समेत आसपास के इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली के पोल और लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
विज्ञापन
आंधी और बारिश से अगेती मक्का की फसल के साथ बागवानी में आम को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। जिन खेतों में मक्का की फसल छोटी है, वह आंधी नहीं गिर पाई। सब्जी फसलों में कोई खास नुकसान नहीं है। -डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक।