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बच्चों को धर्म का ज्ञान दिया जाना आवश्यक : शास्त्री
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नईसराय पुलिस चौकी मंदिर में कथावाचन करते रविकांत शास्त्री। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। पंडित रविकांत शास्त्री ने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है तो वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना आवश्यक है।
श्री हिंदू युवा गणेश सेवा मंडल के तत्वावधान में नई सराय पुलिस चौकी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक ने भक्त प्रह्लाद के प्रसंग का बखान किया। उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था, जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे।
इसके उपरांत उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है।
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इस मौके पर संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर आयोजक शुभम अग्रवाल, शिवओम शंखधार, अंकित शर्मा, महेंद्र गुप्ता, पूजा गुप्ता, रेखा साहू, रविन्द्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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श्री हिंदू युवा गणेश सेवा मंडल के तत्वावधान में नई सराय पुलिस चौकी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक ने भक्त प्रह्लाद के प्रसंग का बखान किया। उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था, जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे।
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इसके उपरांत उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है।
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इस मौके पर संकीर्तन मंडली की सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कई मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर आयोजक शुभम अग्रवाल, शिवओम शंखधार, अंकित शर्मा, महेंद्र गुप्ता, पूजा गुप्ता, रेखा साहू, रविन्द्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।