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वीर शिवाजी की जयंती पर भेंट कीं गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएं
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उझानी में बालिकाओं को गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिका भेंट करते संजीव शर्मा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। गायत्री परिवार से जुड़ी बाल संस्कारशाला पर सोमवार दोपहर कार्यक्रम कर बालिकाओं को छत्रपति वीर शिवाजी महाराज का पाठ पढ़ाया गया। उन्हें राष्ट्र निर्माता बताते हुए उनके जीवन से जुड़े पहलुओं से अवगत कराया गया। बालिकाओं को गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएं भी भेंट की गईं।
कार्यक्रम शुरू होने पर गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने छत्रपति वीर शिवाजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। कहा कि वीर शिवाजी ने अपने पवित्र आचरण और अतुलनीय शक्ति से हिंदुत्व की रक्षा की।
माता जीजाबाई से मिले संस्कारों ने शिवाजी महाराज को राष्ट्र निर्माता और कुशल प्रशासक बनाया। शिवाजी ने अपनी सैन्य प्रतिभा से औरंगजेब जैसे शक्तिशाली शासक को भी हिलाकर रख दिया। मृत्युंजय शर्मा ने भी विचार रखे। छात्रा हंसिका सिंह ने शिवाजी महाराज के जीवन से शिक्षा लेने की सलाह दी। बालिकाओं ने कई प्रसंग भी सुनाए। पुरस्कार के रूप में उन्हें गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएं भेंट की गईं। इस मौके पर कशिश शर्मा, कल्पना, नेहा शर्मा, दीप्ति शर्मा, भूमि शर्मा आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन हेमंत शर्मा ने किया।
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कार्यक्रम शुरू होने पर गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने छत्रपति वीर शिवाजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। कहा कि वीर शिवाजी ने अपने पवित्र आचरण और अतुलनीय शक्ति से हिंदुत्व की रक्षा की।
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माता जीजाबाई से मिले संस्कारों ने शिवाजी महाराज को राष्ट्र निर्माता और कुशल प्रशासक बनाया। शिवाजी ने अपनी सैन्य प्रतिभा से औरंगजेब जैसे शक्तिशाली शासक को भी हिलाकर रख दिया। मृत्युंजय शर्मा ने भी विचार रखे। छात्रा हंसिका सिंह ने शिवाजी महाराज के जीवन से शिक्षा लेने की सलाह दी। बालिकाओं ने कई प्रसंग भी सुनाए। पुरस्कार के रूप में उन्हें गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिकाएं भेंट की गईं। इस मौके पर कशिश शर्मा, कल्पना, नेहा शर्मा, दीप्ति शर्मा, भूमि शर्मा आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन हेमंत शर्मा ने किया।
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