बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव चनी के पंचायत घर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन वृंदावन से पधारीं कथावाचक कल्पना शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अहंकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता। यह धन संपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करो। उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। कथा के बीच कई आकर्षक झांकीं दिखाई गईं। इस मौके पर भीष्मपाल, हरप्रसाद, सौरभ शर्मा, राजीवकुमार, महादेव प्रसाद, तेजपाल, बनवारी लाल आदि मौजूद रहे। संवाद