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‘राष्ट्र तभी सुरक्षित रहेगा जब वैदिक संस्कृति और हमारे संस्कार जीवित रहें’
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बिल्सी। गांव पुसगवां में मनाए जा रहे तीन दिवसीय वेद महोत्सव के राष्ट्र रक्षा सम्मेलन में आचार्य प्रणव शास्त्री ने कहा कि विस्फोटकों के हमले से हम विकलांग हो सकते हैं, लेकिन विधर्मी होने पर कई पीढ़ियां मानसिक अपराधी की श्रेणी में आ जाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र तभी सुरक्षित रह सकता है जब वैदिक संस्कृति और हमारे संस्कार जीवित रहेंगे।
दिल्ली से आए पंडित लोकेश शर्मा ने कहा कि आर्य समाज ही राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका निभाती है। इस देश में युग पुरुष स्वामी दयानंद सरस्वती ने संस्कार का सूत्र गुरुकुल एवं वेदों के माध्यम से दिया। आज की विषम परिस्थितियों में महाराणा प्रताप छत्रपति शिवाजी महारानी लक्ष्मी बाई जैसी वीर वीरांगनाओं की महती आवश्यकता है। पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल, कवि नरसिंह आर्य, पंडित तेजपाल धामा, पंडित जितेंद्र आर्य ने भी विचार रखे। अध्यक्षता राजपाल सिंह एवं संचालन कौशल शास्त्री ने किया। इस मौके पर मुनेंद्र आर्य, सत्येंद्र वशिष्ठ, अजीत, योगेंद्र शर्मा, चंद्रकांता, खेमपाल आर्य आदि मौजूद रहे। संवाद
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दिल्ली से आए पंडित लोकेश शर्मा ने कहा कि आर्य समाज ही राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका निभाती है। इस देश में युग पुरुष स्वामी दयानंद सरस्वती ने संस्कार का सूत्र गुरुकुल एवं वेदों के माध्यम से दिया। आज की विषम परिस्थितियों में महाराणा प्रताप छत्रपति शिवाजी महारानी लक्ष्मी बाई जैसी वीर वीरांगनाओं की महती आवश्यकता है। पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल, कवि नरसिंह आर्य, पंडित तेजपाल धामा, पंडित जितेंद्र आर्य ने भी विचार रखे। अध्यक्षता राजपाल सिंह एवं संचालन कौशल शास्त्री ने किया। इस मौके पर मुनेंद्र आर्य, सत्येंद्र वशिष्ठ, अजीत, योगेंद्र शर्मा, चंद्रकांता, खेमपाल आर्य आदि मौजूद रहे। संवाद
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