फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   cultural

‘संतदर्शन और सत्संग श्रवण से मानव जीवन बनता है सौभाग्यशाली’

Thu, 19 Sep 2019 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 01:55 AM IST
विज्ञापन
cultural
बदायूं। बदायूं क्लब में आयोजित सात दिवसीय शिवकथा ज्ञानयज्ञ का देव और व्यास पूजन के साथ प्रारंभ हुआ। महंत राधेश्याम व्यास के उत्तराधिकारी आचार्य शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि मानव जीवन मात्र संत दर्शन और सत्संग श्रवण करने पर ही सौभाग्यशाली बनता है। बोले-मानव जीवन को आयु, विद्या, धन, बल, यश और परिवार, कारोबार, रिश्तेदार, संस्कार केवल कर्मानुसार ही प्राप्त होते हैं, जबकि संतदर्शन और सत्संग श्रवण का अवसर ही मात्र ईश्वर की कृपा से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि इन दोनों को प्राप्त करने वाला मानव ही सौभाग्यशाली बनता है।
विज्ञापन

आचार्य शशिकांत ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि रावण जाति में उच्चकुल वंश ब्राह्मण, आयु में सबसे बड़ा, विद्धता में परम विद्वान, धनवान, ज्ञानवान, बलवान था परंतु संतदर्शन व सत्संग के अभाव में वह दुर्भाग्यशाली बना। इसलिए हर वर्ष रावण का पुतला फूंका जाता है और रावण नाम ही कलंकित बन गया। आचार्य ने शिवपुराण कथा का भी पूर्ण परिचय दिया। इस मौके पर मुख्य यजमान नरेश शंखधार, सुरेंद्र कुमार दीक्षित, अरुण गुप्ता, संत कुमार गुप्ता, महीपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed