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Budaun News: जिला अस्पताल के डॉक्टर लिखेंगे तभी होगा सीटी स्कैन, भटक रहे मरीज
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गुड्डी देवी, दातागंज
बदायूं। दूसरे अस्पताल से पर्चा लिखवाकर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन नहीं करवाया जा सकेगा। अब जिला अस्पताल के डाक्टर के लिखने पर ही यहां सीटी स्कैन होगा। पूर्व में चल रही व्यवस्था में सीएमएस ने बदलाव कर दिया है। इससे मरीज परेशान हैं।
शासन ने 2021 से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा फ्री में मुहैया कराई है। नियम था कि कहीं का भी मरीज यहां आकर सीटी स्कैन करा सकता है। उसके पास आधार कार्ड, डॉक्टर का लिखा हुआ सीटी स्कैन फार्म होना आवश्यक है। शुरुआत में तो 10 से 15 सीटी स्कैन ही जिला अस्पताल में हो रहे थे, लेकिन आसपास के जिले के लोगों को सुविधा के बारे में जानकारी हुई थी तो मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। पिछले महीने तक यहां 100 से 120 सीटी स्कैन प्रत्येक दिन हो रहे थे।
अब तक जिले के अलावा बरेली, कासगंज, शाहजहांपुर, संभल, मेडिकल कॉलेज और सीएचसी के डॉक्टर सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल भेज देते थे। उनकी आसानी से जांच हो जाती थी, लेकिन सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने किसी दूसरे अस्पताल के डॉक्टराें के पर्चे में लिखा हुआ सीटी स्कैन कराने पर रोक लगा दिया है।
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उनका कहना है कि जिसका इलाज जिला अस्पताल में होगा। उन्हीं का यहां पर सीटी स्कैन कराया जाएगा। ऐसे में दूर-दूर से आए मरीज अब भटकने को मजबूर हो रहे हैं। उनका सीटी नहीं हो पा रहा है।
साबितगंज के रहने वाले रामराज सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनको मेडिकल कॉलेज में रविवार को भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में सीटी की सुविधा नहीं है। मरीज की इमरजेंसी में जांच होनी थी। उसको जिला अस्पताल लाया गया। एक से चार बजे तक मरीज स्ट्रेचर पर रहा, लेकिन सीटी स्कैन नहीं हो सका। तीमारदार कभी डॉक्टर तो कभी सीएमएस के कमरे की दौड़ लगाते रहे। उनको सीएमएस नहीं मिले और सीटी स्कैन नहीं हो सका।
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परेशान होकर लौटे मरीज
डॉक्टर ने नहीं लिखा सीटी स्कैन
- पैर में दर्द हो रहा है। दवा लेने से भी आराम नहीं मिल पा रहा था। सीएचसी दातागंज पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने सीटी स्कैन कराने की स लाह दी। सोमवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के सीटी स्कैन के कमरे में पहुंची। वहां कर्मचारियों ने अस्पताल के डॉक्टर का पर्चा लाने को कहा। परेशान होकर बिना जांच के ही लौटना पड़ा। - गुड्डी देवी, दातागंज
नहीं हो सकी जांच
- दातागंत के डहरपुर से आईं मरीज ने बताया कि उनके कंधे में करीब एक महीने से दर्द हो रहा है। डॉक्टर को दिखाया तो दवा दे दी, लेकिन कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हो सका। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। फार्म भरकर जिला अस्पताल भेजा, लेकिन यहां सीएमएस ने हस्ताक्षर नहीं किए, जिसकी वजह से जांच नहीं हो सकी। - विमला देवी, डहरपुर
कोट,
सीटी स्कैन की आवश्यकता हर मरीज को नहीं होती है। लगातार सीटी स्कैन को लेकर भीड़ बढ़ती जा रही थी। इसी को लेकर नियम लागू किया गया है। बिना सीएमएस कार्यालय की अनुमति के सीटी स्कैन हो सकेगा। इमरजेंसी के मरीजों को सुविधा हर समय है। ऑफिस में एक अधिकारी को नामित कर बैठाया जा रहा है। फार्म पर हस्ताक्षर के बाद ही सीटी स्कैन की सुविधा मिल सकेगी। मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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शासन ने 2021 से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा फ्री में मुहैया कराई है। नियम था कि कहीं का भी मरीज यहां आकर सीटी स्कैन करा सकता है। उसके पास आधार कार्ड, डॉक्टर का लिखा हुआ सीटी स्कैन फार्म होना आवश्यक है। शुरुआत में तो 10 से 15 सीटी स्कैन ही जिला अस्पताल में हो रहे थे, लेकिन आसपास के जिले के लोगों को सुविधा के बारे में जानकारी हुई थी तो मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। पिछले महीने तक यहां 100 से 120 सीटी स्कैन प्रत्येक दिन हो रहे थे।
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अब तक जिले के अलावा बरेली, कासगंज, शाहजहांपुर, संभल, मेडिकल कॉलेज और सीएचसी के डॉक्टर सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल भेज देते थे। उनकी आसानी से जांच हो जाती थी, लेकिन सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने किसी दूसरे अस्पताल के डॉक्टराें के पर्चे में लिखा हुआ सीटी स्कैन कराने पर रोक लगा दिया है।
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उनका कहना है कि जिसका इलाज जिला अस्पताल में होगा। उन्हीं का यहां पर सीटी स्कैन कराया जाएगा। ऐसे में दूर-दूर से आए मरीज अब भटकने को मजबूर हो रहे हैं। उनका सीटी नहीं हो पा रहा है।
साबितगंज के रहने वाले रामराज सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उनको मेडिकल कॉलेज में रविवार को भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में सीटी की सुविधा नहीं है। मरीज की इमरजेंसी में जांच होनी थी। उसको जिला अस्पताल लाया गया। एक से चार बजे तक मरीज स्ट्रेचर पर रहा, लेकिन सीटी स्कैन नहीं हो सका। तीमारदार कभी डॉक्टर तो कभी सीएमएस के कमरे की दौड़ लगाते रहे। उनको सीएमएस नहीं मिले और सीटी स्कैन नहीं हो सका।
परेशान होकर लौटे मरीज
डॉक्टर ने नहीं लिखा सीटी स्कैन
- पैर में दर्द हो रहा है। दवा लेने से भी आराम नहीं मिल पा रहा था। सीएचसी दातागंज पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने सीटी स्कैन कराने की स लाह दी। सोमवार की दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल के सीटी स्कैन के कमरे में पहुंची। वहां कर्मचारियों ने अस्पताल के डॉक्टर का पर्चा लाने को कहा। परेशान होकर बिना जांच के ही लौटना पड़ा। - गुड्डी देवी, दातागंज
नहीं हो सकी जांच
- दातागंत के डहरपुर से आईं मरीज ने बताया कि उनके कंधे में करीब एक महीने से दर्द हो रहा है। डॉक्टर को दिखाया तो दवा दे दी, लेकिन कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं हो सका। डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। फार्म भरकर जिला अस्पताल भेजा, लेकिन यहां सीएमएस ने हस्ताक्षर नहीं किए, जिसकी वजह से जांच नहीं हो सकी। - विमला देवी, डहरपुर
कोट,
सीटी स्कैन की आवश्यकता हर मरीज को नहीं होती है। लगातार सीटी स्कैन को लेकर भीड़ बढ़ती जा रही थी। इसी को लेकर नियम लागू किया गया है। बिना सीएमएस कार्यालय की अनुमति के सीटी स्कैन हो सकेगा। इमरजेंसी के मरीजों को सुविधा हर समय है। ऑफिस में एक अधिकारी को नामित कर बैठाया जा रहा है। फार्म पर हस्ताक्षर के बाद ही सीटी स्कैन की सुविधा मिल सकेगी। मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल

गुड्डी देवी, दातागंज

गुड्डी देवी, दातागंज