फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Crisis on tuberculosis medicine deepens again, medicine not available for more than three days

Budaun News: क्षय रोग की दवा पर फिर गहराया संकट, तीन दिन से अधिक नहीं मिल पा रही दवा

Fri, 02 Aug 2024 05:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Fri, 02 Aug 2024 05:29 AM IST
विज्ञापन
Crisis on tuberculosis medicine deepens again, medicine not available for more than three days
जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी मरीजों की कतार। संवाद
बदायूं। जिले में क्षय रोग की दवा पर फिर संकट गहरा गया है। मरीजों को पहले 15 से एक माह तक दवा उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन अब मात्र तीन दिन तक की ही दवा दी जा रही है। ऐसे में मरीजों को बार-बार जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं, दो-दो घंटे की लाइन के बाद कहीं जाकर नंबर आ रहा है, ऐसे में कमजोरी व अन्य समस्या से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दवा की किल्लत का प्रमुख कारण लखनऊ मुख्यालय से दवा कंपनी का टेंडर न होना बताया जा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्थानीय स्तर से ही दवा खरीदकर मरीजों को दी जा रही हैं।
विज्ञापन


जिला अस्पताल के टीबी विभाग में अव्यवस्थाएं हावी हैं। तीन महीने से यहां दवाओं का टोटा चल रहा है। मरीजों को तीन-तीन दिन की ही दवा मिल पा रही है। मरीज बार-बार अस्पताल आने को परेशान हो रहे हैं। सुबह आठ बजे की ओपीडी होने के बाद भी बृहस्पतिवार को नौ बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। यहां मरीजों की कतार भी पास-पास लगी मिली। इस वजह से अस्पताल आने वाले टीबी संभावित मरीज और तीमारदारों के भी संक्रमित होने का खतरा है। अगर ऐसा ही रहा तो क्षय रोग को जड़ से खत्म करने का सपना भी सपना ही रह जाएगा।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को सुबह 9.05 बजे बड़ी संख्या में डॉक्टर कक्ष के बाहर मरीज खड़े मिले। पूछने पर जरीफनगर के आकाश ने बताया कि वह दवा लेने के लिए सुबह आठ बजे अस्पताल आ गए थे, अब तक डॉक्टर नहीं आए हैं। दवा पहले मिल सके इसलिए लाइन में खड़े हो गए। हालात यह है कि यहां पैर रखने की जगह नहीं है। चनी निवासी वीरेंद्र ने बताया कि यहां कई दिन से देख रहे हैं कि डॉक्टर समय से ओपीडी में नहीं बैठते। समय तो आठ बजे से दो बजे का लिखा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच के लिए भी भटकते हैं मरीज
डॉक्टर के परामर्श और दवा लेने के साथ ही मरीजों को जांच कराने के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। जांच कराने आए अशोक कुमार ने बताया कि दो दिन से आ रहे हैं, लेकिन जांच नहीं हो पा रहीं है। बलगम जांच के लिए डिब्बी तक नहीं मिल पा रही है। आज भी जांच नहीं हो सकी।

दो-दो घंटे कतार में लगने बाद मिल पा रही दवा

-हर तीसरे दिन दवा लेने अस्पताल आना पड़ रहा है। दो-दो घंटे कतार में लगना पड़ता है। मरीजों की भीड़ इस कदर रहती है कि तीमारदार को कतार में लगा दिया जाए जो संक्रमित होने से बच नहीं सकता। शरीर में कमजोरी है तो लाइन में बैठना पड़ रहा है। नौ बजे हैं लेकिन डॉक्टर ही नहीं आए हैं। -राजा, नेकपुर


एक घंटे में लाइन में लगकर मिली दवा
दवा तीन दिन की दी जा रही है। बार-बार आने से परेशान हैं। बृहस्पतिवार को दवा लेन आए तो पहले तो एक घंटे तक कतार में लगना पड़ा। उसके बाद डॉक्टर को दिखाया। दवा काउंटर से तीन दिन की दवा दी गई। बड़ी मिन्नतें की तब कहीं जाकर पांच दिन की दवा दी गई है। 15 दिन की दवा न मिलने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मीरा, कादरचौक



जिस कंपनी से दवाओं का टेंडर होता आ रहा था, उससे आचार संहिता के समय से दिक्कत आई है। अभी सीएमएस के स्तर से ही दवाएं खरीदी जा रहीं हैं। मरीजों को महीने में अधिक बार तो अस्पताल आना पड़ रहा है लेकिन किसी मरीज की दवा न छूट पाए इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देर से ओपीडी में पहुंचने की बात यह है कि कभी सुबह में सीएमओ स्तर की बैठक निकल आती है तभी देरी होती है। कोशिश रहती है कि समय से पहुंचकर मरीजों को समय से दवा मिल सके। फिर भी इसका अपने स्तर से ध्यान रखा जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। डॉ. विनेश कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी

जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी मरीजों की कतार। संवाद

जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी मरीजों की कतार। संवाद

जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी मरीजों की कतार। संवाद

जिला अस्पताल के टीबी वार्ड में लगी मरीजों की कतार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed