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‘आप ही कुछ कराएं, यूपी पुलिस पर नहीं है भरोसा’
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:02 AM IST
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लापता बच्ची का सुराग नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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कछला से गुम मासूम रौनक के पिता की पीएम मोदी से गुहार
पिछले साल सोमवती अमावस्या पर गुम हुई थी राजस्थान की रौनक
मानव तस्करों का हाथ होने का है घरवालों को शक
करीब 10 महीना पहले सोमवती अमावस्या वाले दिन कछला गंगाघाट से गुम छह साल की मासूम रौनक के घरवालों की आंखें उसकी एक झलक पाने को पथरा गई हैं। घरवालों को शक है कि बच्चों की तस्करी करने वाले किसी गिरोह ने उसे अगवा कर लिया। बरामद कराने के लिए घरवाले कासगंज, अलीगढ़ और आगरा के पुलिस अफसरों से कई बार मिले। जांच कासगंज की क्राइम ब्रांच ने भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई चिट्ठी में मासूम के पिता ने यूपी पुलिस पर अविश़्वास जताते हुए कार्रवाई कराने की गुहार लगाई है।
राजस्थान के धौलपुर के सर्किट हाउस के पिछबाडे़ गुर्जर कालोनी निवासी गिरीश कुमार शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी में घटनाक्रम से जुड़ी हर वह बात लिखी है जिसका उसे सामना करना पड़ा। छह साल की मासूम रौनक 18 अप्रैल को माता-पिता और भाई के साथ सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को कछला घाट पर पहुंची थी। घाट से ही वह गुम हो गई। बकौल गिरीश- कई महीनों की खोजबीन के बाद उसे कासगंज जिले में नगरिया और घाट से सटे पंखियानगला के दो युवकों पर शक हुआ। दोनों में से एक का नाम और पता कासगंज की सोरों पुलिस को बता भी दिया गया लेकिन पुलिस पूछताछ के नाम पर औपचारिकता पूरी कर आरोपी को हिरासत मुक्त कर दिया था।
गिरीश को शक है कि नगरिया के युवक ने रौनक को बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के हाथों बेच दिया है। बेटी की खातिर अलीगढ़ और आगरा के आईजी और डीआईजी से लेकर एसएसपी से भी वह गुहार लगा चुका है। गिरीश की मानें तो कासगंज पुलिस के खिलाफ उसने इलाहाबाद हाईकोट में भी शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस थोड़ी सक्रिय तो हुई लेकिन कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता ही पूरी की जाती रही। रौनक के पिता ने यूपी पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। उसका कहना है कि पुलिस अगर सक्रियता दिखाती तो उसकी बेटी को अब तक बरामद कर लिया जाता। पीएम मोदी से गुहार में उसका यहां तक कहना है कि आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी।
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तफ्तीश कासगंज से बदायूं ट्रांसफर!
उझानी। मासूम रौनक के पिता गिरीश ने बताया कि उसने आगरा के आईजी से कासगंज पुलिस की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विवेचना कासगंज क्राइम ब्रांच से हटाकर बदायूं ट्रांसफर कर दी गई है। अब तफ्तीश मानव तस्करी से जुड़ा अनुभाग करेगा। इस मामले में पूर्व विवेचक दरोगा सस्पेंड भी हो चुका है।
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पिछले साल सोमवती अमावस्या पर गुम हुई थी राजस्थान की रौनक
मानव तस्करों का हाथ होने का है घरवालों को शक
करीब 10 महीना पहले सोमवती अमावस्या वाले दिन कछला गंगाघाट से गुम छह साल की मासूम रौनक के घरवालों की आंखें उसकी एक झलक पाने को पथरा गई हैं। घरवालों को शक है कि बच्चों की तस्करी करने वाले किसी गिरोह ने उसे अगवा कर लिया। बरामद कराने के लिए घरवाले कासगंज, अलीगढ़ और आगरा के पुलिस अफसरों से कई बार मिले। जांच कासगंज की क्राइम ब्रांच ने भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई चिट्ठी में मासूम के पिता ने यूपी पुलिस पर अविश़्वास जताते हुए कार्रवाई कराने की गुहार लगाई है।
राजस्थान के धौलपुर के सर्किट हाउस के पिछबाडे़ गुर्जर कालोनी निवासी गिरीश कुमार शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी में घटनाक्रम से जुड़ी हर वह बात लिखी है जिसका उसे सामना करना पड़ा। छह साल की मासूम रौनक 18 अप्रैल को माता-पिता और भाई के साथ सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को कछला घाट पर पहुंची थी। घाट से ही वह गुम हो गई। बकौल गिरीश- कई महीनों की खोजबीन के बाद उसे कासगंज जिले में नगरिया और घाट से सटे पंखियानगला के दो युवकों पर शक हुआ। दोनों में से एक का नाम और पता कासगंज की सोरों पुलिस को बता भी दिया गया लेकिन पुलिस पूछताछ के नाम पर औपचारिकता पूरी कर आरोपी को हिरासत मुक्त कर दिया था।
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गिरीश को शक है कि नगरिया के युवक ने रौनक को बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह के हाथों बेच दिया है। बेटी की खातिर अलीगढ़ और आगरा के आईजी और डीआईजी से लेकर एसएसपी से भी वह गुहार लगा चुका है। गिरीश की मानें तो कासगंज पुलिस के खिलाफ उसने इलाहाबाद हाईकोट में भी शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस थोड़ी सक्रिय तो हुई लेकिन कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता ही पूरी की जाती रही। रौनक के पिता ने यूपी पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। उसका कहना है कि पुलिस अगर सक्रियता दिखाती तो उसकी बेटी को अब तक बरामद कर लिया जाता। पीएम मोदी से गुहार में उसका यहां तक कहना है कि आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी।
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तफ्तीश कासगंज से बदायूं ट्रांसफर!
उझानी। मासूम रौनक के पिता गिरीश ने बताया कि उसने आगरा के आईजी से कासगंज पुलिस की शिकायत की थी। शिकायत के बाद विवेचना कासगंज क्राइम ब्रांच से हटाकर बदायूं ट्रांसफर कर दी गई है। अब तफ्तीश मानव तस्करी से जुड़ा अनुभाग करेगा। इस मामले में पूर्व विवेचक दरोगा सस्पेंड भी हो चुका है।