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पत्नी की गोली मारकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Wed, 24 May 2017 12:03 AM IST
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- फोटो : google
कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना भी ठोंका
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. कपिला राघव ने दहेज हत्या में नामजद पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दहेज हत्या की वारदात थाना मुजरिया में 23 जुलाई 2015 को हुई थी। थाना बिल्सी के गांव खैरी निवासी वादी विकार हुसैन पुत्र सिराज हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन आसमा की शादी थाना मुजरिया के लहरा असदुल्लापुर के रहने वाले अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम के साथ की थी। उसकी बहन के ससुराल वाले दिए गए दहेज से खुश नहीं थे। शादी के बाद उसकी बहन से दहेज में एक लाख रुपये तथा एक पल्सर बाइक की मांग करते थे। उसने एक लाख रुपये और बाइक देने में असमर्थता जताई। 23 जुलाई 2015 को सुबह सात बजे अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम ने अपने घर वालों के कहने पर उसकी बहन आसमा की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी और ससुराल वाले शव को घर में छोड़कर फरार हो गए। न्यायाधीश डॉ. कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद पत्नी की हत्या में नामजद अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम पुत्र अम्मन मियां को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि सास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. कपिला राघव ने दहेज हत्या में नामजद पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दहेज हत्या की वारदात थाना मुजरिया में 23 जुलाई 2015 को हुई थी। थाना बिल्सी के गांव खैरी निवासी वादी विकार हुसैन पुत्र सिराज हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन आसमा की शादी थाना मुजरिया के लहरा असदुल्लापुर के रहने वाले अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम के साथ की थी। उसकी बहन के ससुराल वाले दिए गए दहेज से खुश नहीं थे। शादी के बाद उसकी बहन से दहेज में एक लाख रुपये तथा एक पल्सर बाइक की मांग करते थे। उसने एक लाख रुपये और बाइक देने में असमर्थता जताई। 23 जुलाई 2015 को सुबह सात बजे अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम ने अपने घर वालों के कहने पर उसकी बहन आसमा की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी और ससुराल वाले शव को घर में छोड़कर फरार हो गए। न्यायाधीश डॉ. कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद पत्नी की हत्या में नामजद अच्छे मियां उर्फ अब्दुल कय्यूम पुत्र अम्मन मियां को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि सास को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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