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अब कौन करेगा मुकुल एनकाउंटर की पैरवी
badaun
Updated Sat, 11 Apr 2015 12:02 AM IST
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विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो की हत्या के बाद लोगों के जेहन में सवाल उठ रहा है कि अब मुकुल गुप्ता के फर्जी एनकाउंटर मामले में पैरवी कौन करेगा। विजेंद्र गुप्ता बड़ी शिद्दत के साथ इस फर्जी एनकाउंटर के आरोपी एक आईपीएस अफसर समेत 11 पुलिस कर्मियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। विधि विशेषज्ञों की मानें तो विजेंद्र गुप्ता की हत्या के बादे मामले में पैरवी कमजोर होगी।
मुकुल गुप्ता को पुलिस ने 30 जून 2007 को एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच करके दस पुलिस कर्मियों के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी थी। चार्जशीट में आईपीएस जेआर गौड़ का नाम शामिल नहीं था। उनका नाम शामिल कराने के लिए विजेंद्र गुप्ता कानून लड़ाई लड़ रहे थे। इस मामले में तारीख 22 अप्रैल को है। इससे पहले ही विजेंद्र गुप्ता की हत्या कर दी गई।
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रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता ने हत्या की आशंका जताई थी। करीब दो साल पहले एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि मुकुल एनकाउंटर में पैरवी बंद करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। कई बार उनको धमकी दी गई कि जो हश्र मुकुल का हुआ, वही उनका होगा। उन्होंने आईपीएस अफसर जेआर गौड़ पर सबूतों और गवाहों को मिटाने का आरोप भी लगाया था। उस वक्त उनको एक्सीडेंट में मरवाने की भी धमकी दी गई थी।
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डीआईजी खुद कर रहे मॉनीटरिंग
बुजुर्ग गुप्ता हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई की मॉनीटरिंग खुद डीआईजी आरकेएस राठौर कर रहे हैं। गुरुवार देर रात तक डीआईजी बदायूं में ही डेरा जमाए रहे। रात में उन्होंने एसएसपी सौमित्र यादव, एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा और कोतवाल एसएस बराच के साथ बैठक कर सभी पहलु पर गौर कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
पहले से घर में मौजूद थे हत्यारे!
बुजुर्ग गुप्ता दंपति घर में पहली मंजिल पर अकेले रहते थे। हत्यारों को यह बात पता थी। वह रोज छह से सात बजे के बीच दूध लेने जाते थे। इस दौरान उनका मुख्य दरवाजा खुला रहता था। वापस आने के बाद वह दरवाजा बंद करते थे। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि हत्यारे सुबह इसी दरमियान घर में घुसे होंगे। विजेंद्र गुप्ता ने पांच अप्रैल को दोपहर 12.31 बजे अपनी पुत्रवधु से फोन पर बात की। इसके बाद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। संभवत: दोपहर या शाम को मौका मिलने पर गुप्ता दंपति की हत्या कर दी गई। बाद में हत्यारे दूसरे दरवाजे से बाहर निकल गए।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार रात पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों ने लालपुल स्थित शिव मुक्तिधाम श्मशान में गुप्ता दंपति का अंतिम संस्कार कर दिया। बड़े पुत्र शेखर गुप्ता ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर मोहल्ले के कुछ लोग और उनके रिश्तेदार मौजूद रहे।
एक्सपर्ट 28 सैंपल से करेंगे कातिलों की तस्दीक
बरेली और मुरादाबाद के फिंगर प्रिंट, फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल से 28 सैंपल लिए हैं। इनमें खून के साथ कुछ बर्तन, कपड़े, चादर आदि शामिल हैं। सबसे ज्यादा सैंपल खून के हैं। फॉरेंसिक टीम को जांच के दौरान रसोई, आंगन, घर की सीढ़ियों और दरवाजे के हैंडल पर खून के धब्बे मिले थे।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट इन सैंपल के जरिए कातिल तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घर की सीढ़ियों और दरवाजे के हैंडल पर किसके खून के धब्बे हैं। सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा ने बताया कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दरवाजे के हैंडल पर कातिल का खून लगा हुआ है, क्यों कि हालात बयां कर रहे हैं कि हत्यारे पेशेवर और घर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हैं। उन्होंने बड़े इत्मीनान से घटना को अंजाम दिया। हत्यारों ने इस बात का पूरा फायदा उठाया कि दंपति एकांतवासी हैं। मोहल्ले में उनका किसी से कोई विशेष मतलब नहीं है। ना ही उनके यहां किसी का आना-जाना।
बुजुर्ग को गला दबाकर मारा, फिर किया गया पत्नी का खून
रिटायर्ड इंजीनियर दंपति के हत्यारे पांच अप्रैल को उनके घर में उस समय घुस गए थे, जब विजेंद्र गुप्ता सुबह दूध लेने के लिए निकले थे। पुलिस की पड़ताल भी इस दिशा में बढ़ रही है। गुप्ता दंपति के पोस्टमार्टम में भी चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसके मुताबिक हत्यारों ने पहले विजेंद्र गुप्ता की गला दबाकर हत्या की। उनकी पत्नी को चाकुओं से गोदा। बाद में विजेंद्र गुप्ता के शव को घसीट कर रसोई में डाल दिया। यहां हत्यारों ने उनके शरीर पर भी चाकू और नुकीली रॉड से अनगिनत वार किए गए।
गुरुवार को गुप्ता दंपति का पोस्टमार्टम डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. राजेश वर्मा और डॉ. अंकित गुप्ता के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई। रात करीब 10.30 बजे पोस्टमार्टम निपटा। पहले सन्नो का पोस्टमार्टम हुआ। उनके शरीर पर 12 गहरे जख्म मिले। मौत की वजह अत्यधिक रक्त स्राव बताई गई है। विजेंद्र गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट चौंकाने वाली निकली। उनकी हत्या गला दबाकर की गई। बाद में शव को घसीट कर रसोई में डाला गया। बाद में उनके शरीर को भी धारदार और नुकीली चीज से गोदा गया। उनके शरीर पर भी जख्मों के आधा दर्जन निशान थे। दोनों की हत्या पांच अप्रैल को दिन में ही कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसकी पुष्टि कर रही है।
मौत की वजह स्पष्ट फिर भी बिसरा प्रिजर्व
बदायूं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बुजुर्ग दंपति की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। इसके बावजूद पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोनों का बिसरा प्रिजर्व कर लिया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके वर्मा ने बताया कि मामला हाई प्रोफाइल है। एहतियात के तौर पर बिसरा सुरक्षित किया गया है।
पुलिस ने पूछताछ के लिए दस लोग उठाए
रिटायर्ड इंजीनियर दंपति हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस ने दस लोगों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए उठाया है। इनमें तीन वह लोग भी शामिल हें, जो गुप्ता दंपति के घर की रंगाई-पुताई कर रहे थे। घर में मिले कुछ कागजात भी पुलिस ने छानबीन के लिए कब्जे में लिए हैं। हालांकि, किसी ठोस क्लू के नाम पर अभी पुलिस के हाथ खाली हैं।
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्ना गुप्ता के शव बुधवार को घर में मिले थे। उनकी चाकुओं और नुकीली रॉड से गोदकर हत्या की गई थी। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। विजेंद्र गुप्ता के पुत्र शेखर गुप्ता ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस वारदात को अंजाम देने वालों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के साथ पुलिस की चार टीमों को भी लगाया गया है। हत्याकांड की जांच में जुटी कोतवाली पुलिस ने दस लोगों को शक के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें वह तीन लोग भी शामिल हैं, जो विजेंद्र गुप्ता के घर की रंगाई-पुताई करा रहे थे।
जांच कर रहे इंस्पेक्टर कोतवाली एसएस बराच ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। शक के आधार पर भी पूछताछ हो रही है। हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।