फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Which was killed, he Was alive with boyfriend

जिसकी हत्या हो गई, वह  प्रेमी के साथ जिंदा मिली

Sun, 17 Jul 2016 11:44 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 17 Jul 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
डेढ़ महीने पहले सैदपुर में मिला शव नसरीन का नहीं था
परिवार वालों ने युवती के शव की शिनाख्त कर ली थी

 थाना क्षेत्र के कस्बा सैदपुर में हतरा-लहरा रोड पर करीब डेढ़ महीने पहले मिला युवती का शव नसरीन का नहीं था। मामले के वर्क आउट में लगी एसओजी ने नसरीन को उत्तराखंड के खटीमा से उसके प्रेमी के साथ बरामद कर लिया है। उसके परिवार वालों को भी खबर दे दी गई है। नसरीन ने अरुण सक्सेना नाम के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद से वह खटीमा में ही रह रही थी।
सैदपुर कस्बे के बाद हतरा-लहरा रोड पर पुलिया के पास 31 मई को युवती का शव मिला था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। एक जून को शव की शिनाख्त नसरीन (24) पुत्री बुंदू निवासी मोहल्ला कसाईबाड़ा चदौसी के रूप में उसके परिवार वालों ने की थी। पोस्टमार्टम के बाद वह शव ले गए और दफन भी कर दिया। नसरीन सैदपुर में अपने रिश्तेदार मोहम्मद उमर और मोहम्मद अयूब के घर आई थी। परिवार वालों ने रिश्तेदारों पर ही नसरीन की हत्या का आरोप लगाया था। वर्क आउट के लिए एसएसपी ने एसओजी को लगाया था।
विज्ञापन

हत्याकांड के खुलासे में जुटी एसओजी ने नसरीन के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। डेढ़ महीने बाद नसरीन खटीमा से अपने प्रेमी के साथ जिंदा बरामद हुई तो एसओजी भी दंग रह गई। नसरीन और उसके प्रेमी अरुण सक्सेना को वजीरगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उसके परिवार वालों को खबर दे दी गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

------
नसरीन नहीं तो किसकी थी बरामद लाश
वजीरगंज। सैदपुर में बरामद लाश अगर नसरीन की नहीं थी तो किसकी थी। आखिर किस आधार पर नसरीन के परिवार वालों ने शव की शिनाख्त की। जबकि शव भी ज्यादा पुराना नहीं था। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के स्थान पर उलझती नजर आ रही है। पुलिस भी पशोपेश में है।
सैदपुर में हतरा-लहरा रोड पर 31 मई की रात करीब 24 वर्षीय युवती का शव मिला था। एक जून को चंदौसी के कसाईबाड़ा निवासी बुंदू अपने परिवार के साथ वजीरगंज थाने पहुंचे। इन लोगों ने शव की पहचान की। सवाल यह उठता है कि नसरीन के परिवार वालों ने पहचान में चूक कैसे कर दी। यह कोई चूक है या फिर प्लानिंग इस बारे में तो जांच के बाद ही पता लग सकेगा। पुलिस के सामने अब यह चुनौती है कि वह शव नसरीन का नहीं तो किसका था। इसका जवाब जल्द मिलता नजर नहीं आ रहा। 

-----
दो महीने पहले मिस्ड कॉल से शुरू हुई प्रेम कहानी
वजीरगंज। नसरीन और अरुण सकसेना के बीच प्रेम कहानी करीब दो महीने पहले एक मिस्ड कॉल से शुरू हुई थी। नसरीन के नंबर से चंदौसी के रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रहने वाले अरुण सक्सेना के फोन पर मिस्ड कॉल पहुंची थी। इसके बाद दोनों में अक्सर बात होने लगी। दोनों ने घर से भागकर शादी करने का फैसला कर लिया। मई में नसरीन सैदपुर स्थित अपनी रिश्तेदारी में आई थी। उसने फोन करके अरुण को बुला लिया और यहां से दोनों लोग भाग गए। उत्तराखंड के खटीमा में रहने लगे। अरुण यहीं प्राइवेट नौकरी करने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed