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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Waiting for the bodies of the mother and infant autopsy

पोस्टमार्टम का इंतजार करता रहा जच्चा-बच्चा के शव

Sun, 04 Sep 2016 11:19 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 04 Sep 2016 11:19 PM IST
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चौबीस घंटे के बाद हो सका दोनों शव का पोस्टमार्टम
अलापुर पीएचसी पर इलाज में लापरवाही से हुई थी मौत

 इलाज के अभाव में दम तोड़ने वाली प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची के शव घंटों पोस्टमार्टम का इंतजार करते रहे। अलापुर पुलिस ने शनिवार को ही दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए थे। इनका पोस्टमार्टम रविवार दोपहर बाद हो सका। डॉक्टरों की लापरवाही पहले तो इलाज में सामने आई, इसके बाद पोस्टमार्टम में भी संवेदनहीनता दिखी। पोस्टमार्टम में देरी पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब सफाई दे रहे हैं। 
अलापुर कस्बे के वार्ड नंबर एक के मुकेश की गर्भवती पत्नी आशा देवी शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पड़ोस की बिटोला और सुखदेवी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। यहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मीरा यादव ने आशा को भर्ती नहीं किया। आखिर आशा ने अस्पताल के दरवाजे पर तड़पते हुए बच्ची को जन्म दिया। ज्यादा रक्त स्राव होने से आशा की शनिवार तड़के तीन बजे मौत हो गई थी। बाद में नवजात न भी दम तोड़ दिया था। 
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पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों शव शनिवार पूरी रात के बाद रविवार को दिन में भी घंटों पड़े रहे। कोई डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचा। यहां भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखने को मिली। करीब चौबीस घंटे के बाद रविवार शाम को दोनों शव का पोस्टमार्टम हो सका। 
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अक्सर पुलिस के कागजात तैयार होने पर पोस्टमार्टम में देरी हुआ करती है। रात में पोस्टमार्टम के लिए डीएम के आदेश की जरूरत होती है। शनिवार को शव काफी देरी से पहुंचे थे। इस वजह से रविवार को पोस्टमार्टम हो सका।
-डॉ. एके गुप्ता, सीएमएस
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