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मोबाइल टॉवर लगाने के नाम  पर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा

Wed, 01 Jun 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Wed, 01 Jun 2016 11:17 PM IST
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 The name of the mobile tower A gang caught cheating
ठगी - फोटो : अमर उजाला
दो ठग गिरफ्तार, देहरादून से चलाते थे ठगी का रैकेट
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27 मोबाइल, सात वायरलैस फोन, 30 हजार रुपये बरामद

एसओजी और सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, गिरोह का सरगना पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। ठगी गैंग ने देहरादून, दिल्ली समेत कई जगह कॉल सेंटर खोल रखे थे। बुधवार को गिरोह के दो सदस्य बदायूं में रुपये लेने आए थे। इनको पुलिस ने रोडवेज के पास से दबोच लिया। एसपी सिटी अनिल कुमार यादव ने बताया कि गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी सुशील को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शहर के पथिक चौक इलाके में रहने वाले अनंत प्रकाश त्रिपाठी से मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर बड़ी ठगी हुई थी। उन्होंने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी ने वर्कआउट में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस और एसओजी इंचार्ज संदीप तोमर को लगाया था। सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार दोपहर रोडवेज के पास से हरियाणा प्रांत के जिला हिसार के कस्का हासी निवासी साहिल अरोड़ा और दिल्ली के बी-58 कैप्टन सतीश मार्ग निवासी कपिल को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, सात वायरलेस फोन, 15 चार्जर, एक नेट सेटर, एक लैपटॉप और तीस हजार रुपये बरामद किए हैं।
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टीम में शामिल इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अशोक कुमार, एसओजी इंचार्ज संदीप तोमर समेत एसओजी के सौरभ शुक्ला, सुधीर कुमार, मनोज कुमार, नीरेश कुमार, लोकेंद्र, यशवीर सिंह, एसआई कामेश कुमार और कांस्टेबल राजाराम को एसएसपी सुनील सक्सेना ने पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 
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अखबारों में विज्ञापन देकर करते थे ठगी
बदायूं। इस गिरोह के लोग अखबारों में मोबाइल टॉवर लगवाने संबंधी विज्ञापन दिया करते थे। उसके साथ एक नंबर भी दिया जाता था। जब कोई इनसे संपर्क करता था तो वह बताते थे कि रजिस्ट्रेशन के लिए ढाई हजार रुपये खाते में जमा कराते थे। इसके बाद एनओसी, एग्रीमेंट के नाम पर दो बार 30-30 हजार रुपये जमा कराते थे। शातिर गिरोह इस तरह से मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर एक व्यक्ति से तीन लाख रुपये तक की ठगी करता था। 
 
डीएम के रिश्तेदार से भी कर ली लाखों की ठगी
बदायूं। शातिर ठगों ने डीएम सीपी त्रिपाठी के रिश्तेदार को भी नहीं छोड़ा। ठगी का शिकार हुए अनंत प्रकाश त्रिपाठी डीएम सीपी त्रिपाठी के रिश्तेदार हैं। जाहिर सी बात है कि अगर मामला डीएम के रिश्तेदार से जुड़ा हुआ नहीं होता, तो पुलिस इस ठगी गिरोह का इतनी जल्द पर्दाफाश नहीं करती। 



मोबाइल टॉवर लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के सरगना को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीमें अपना काम कर रही हैं।
-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी
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