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पुलिस के सामने हिस्ट्रीशीटर ने बाप-बेटे को मारी गोली
उघैती।
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:55 PM IST
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अपराधियों पर कानून का कोई खौफ नहीं है। पुलिस के सामने ही एक हिस्ट्रीशीटर ने बाप-बेटे को गोली मारकर घायल कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद दरोगा को भी सर्विस रिवाल्वर से फायर करना पड़ा। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। मौके पर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घायल की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मामला थाना क्षेत्र के गांव सराय बघौली का है। मंगलवार को दिन में गांव निवासी नुसरत अली की बहन महरूल और इसराद के बच्चों में झगड़ा हो गया था। इससे नाराज होकर इसराद ने गाली गलौज कर महरूल को हड़का दिया। शाम करीब सात बजे उसका भाई नुसरत घर आया। तब बहन ने इसराद की दबंगई के बारे में उसमे सामने पूरा वाक्या बयां कर दिया। यह सुनने के बाद नुसरत उसके घर पहुंचा और गालियां देने का विरोध करते हुए पुलिस कार्रवाई की बात कहीं। पुलिस कार्रवाई की बात सुनते ही इसराद और उसका हिस्ट्रीशीटर बेटा आरिफ, सरताज और रिजवान भी मौके पर आ गए। आरिफ हाथों में तमंचा लहराकर परिवार के लोगों को धमकाने लगा। इससे डरकर परिवार की महिलाओं ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही एसआई रोहिताश कुमार और कॉस्टेबिल प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामला शांत कराने का प्रयास करना शुरू किया ही था कि तभी आरिफ ने तमंचे से फायर झोक दिया। गोली के छर्रे नुसरत व नजदीक में खड़े उसके बुजुर्ग पिता हबीब खां को लगे। गोली लगने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। दरोगा रोहिताश कुमार ने भी फायर करने के बाद आरोपियों की घेराबंदी करनी शुरू कर दी, लेकिन सिर्फ दो पुलिस कर्मी होने की वजह से सिर्फ सरताज को ही पुलिस पकड़ सकी। बाकी तीनों लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस और ग्रामीणों की सूचना पर एंबुलेंस से घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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...अपराधी है आरिफ
यूं तो पुलिस महकमे के अधिकारी हिस्ट्रीशीटरों और जिला बदर बदमाशों पर खास नजर रखने के साफ निर्देश देते हैं। लेकिन उघैती पुलिस की लापरवाही के चलते आरिफ काफी दिनों से गांव में रहकर उत्पात मचा रहा था। अगर उसके अपराधिक रिकार्ड पर नजर डाली जाए तो बदायूं जिले के अलावा रामपुर, शाहबाद सहित कई थानों में उसके खिलाफ तमाम मुकदमें दर्ज हैं। गांव कौल्हाई की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में लूटपाट करने के मामले में भी वह जेल जा चुका है लेकिन कोर्ट से पैरोल मिलने के बाद वह गांव में रहकर जिंदगी काट रहा था।
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मामला थाना क्षेत्र के गांव सराय बघौली का है। मंगलवार को दिन में गांव निवासी नुसरत अली की बहन महरूल और इसराद के बच्चों में झगड़ा हो गया था। इससे नाराज होकर इसराद ने गाली गलौज कर महरूल को हड़का दिया। शाम करीब सात बजे उसका भाई नुसरत घर आया। तब बहन ने इसराद की दबंगई के बारे में उसमे सामने पूरा वाक्या बयां कर दिया। यह सुनने के बाद नुसरत उसके घर पहुंचा और गालियां देने का विरोध करते हुए पुलिस कार्रवाई की बात कहीं। पुलिस कार्रवाई की बात सुनते ही इसराद और उसका हिस्ट्रीशीटर बेटा आरिफ, सरताज और रिजवान भी मौके पर आ गए। आरिफ हाथों में तमंचा लहराकर परिवार के लोगों को धमकाने लगा। इससे डरकर परिवार की महिलाओं ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही एसआई रोहिताश कुमार और कॉस्टेबिल प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामला शांत कराने का प्रयास करना शुरू किया ही था कि तभी आरिफ ने तमंचे से फायर झोक दिया। गोली के छर्रे नुसरत व नजदीक में खड़े उसके बुजुर्ग पिता हबीब खां को लगे। गोली लगने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। दरोगा रोहिताश कुमार ने भी फायर करने के बाद आरोपियों की घेराबंदी करनी शुरू कर दी, लेकिन सिर्फ दो पुलिस कर्मी होने की वजह से सिर्फ सरताज को ही पुलिस पकड़ सकी। बाकी तीनों लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस और ग्रामीणों की सूचना पर एंबुलेंस से घायलों को इलाज के लिए भेजा गया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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...अपराधी है आरिफ
यूं तो पुलिस महकमे के अधिकारी हिस्ट्रीशीटरों और जिला बदर बदमाशों पर खास नजर रखने के साफ निर्देश देते हैं। लेकिन उघैती पुलिस की लापरवाही के चलते आरिफ काफी दिनों से गांव में रहकर उत्पात मचा रहा था। अगर उसके अपराधिक रिकार्ड पर नजर डाली जाए तो बदायूं जिले के अलावा रामपुर, शाहबाद सहित कई थानों में उसके खिलाफ तमाम मुकदमें दर्ज हैं। गांव कौल्हाई की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में लूटपाट करने के मामले में भी वह जेल जा चुका है लेकिन कोर्ट से पैरोल मिलने के बाद वह गांव में रहकर जिंदगी काट रहा था।
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