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लोन लेकर बंद कर दी मिनी कामधेनु डेयरी
बदायूं
Updated Mon, 15 Feb 2016 07:52 PM IST
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जिले में कामधेनु योजना के तहत लेकर डेयरी खोलने वाले लाभार्थियों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बैंक प्रबंधतंत्र भी कम असमंजस में नहीं हैं। जिले के एक लाभार्थी ने कामधेनु योजना के तहत लोन लिया। डेयरी खोली और चंद महीनों में डेयरी बंद करके फरार हो गया। बैंककर्मियों ने मौके पर जाकर देखा को वहां पर एक भी पशु नहीं मिला। इससे बैंक कर्मियों के होश उड़ गए।
जिले में मिनी कामधेनु योजना के तहत 40 लोगों ने आवेदन किए थे। इसमें 21 आवेदकों का लोन स्वीकृत कर लिया गया था, जबकि आवेदकों का मामला पेंडिंग है, जबकि छह आवेदकों के प्रपत्र पूरे न होने की वजह से आवेदनों को वापस कर दिया गया है। इन 21 आवेदकों में एक आवेदक ऐसा है, जो बैंक के करीब 23 लाख रुपयों का लोन लेकर फरार हो गया है। उस लाभार्थी ने पंजाब नेशनल बैंक की सराफा बाजार बैंक शाखा से लोन कराया था।
बैंककर्मियों को इसकी जानकारी तब हुई, जब उन्होंने डेयरी का निरीक्षण किया। चला कि लाभार्थी के बताए गए डेयरी के स्थान पर तो कोई गाय-भैंस ही नहीं है। बैंककर्मियों के मुताबिक या तो लाभार्थी ने गाय-भैंसों को बेच दिया। या फिर उन्हें अन्यत्र कहीं शिफ्ट कर दिया है। इससे बैंक के अधिकारी असमंजस में हैं कि लोन दी गई धनराशि की रिकवरी कैसे की जाए।
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आवेदक को लोन देने के साथ ही वसूली भी की जा रही है। अब तक दो लाख 15 हजार रुपये वसूल भी किए जा चुके हैं। शेष रुपयों की वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
-महाराज सिंह, पीएनबी शाखा प्रबंधक, सर्राफा बाजार
जिले में मिनी कामधेनु योजना के तहत 40 लोगों ने आवेदन किए थे। इसमें 21 आवेदकों का लोन स्वीकृत कर लिया गया था, जबकि आवेदकों का मामला पेंडिंग है, जबकि छह आवेदकों के प्रपत्र पूरे न होने की वजह से आवेदनों को वापस कर दिया गया है। इन 21 आवेदकों में एक आवेदक ऐसा है, जो बैंक के करीब 23 लाख रुपयों का लोन लेकर फरार हो गया है। उस लाभार्थी ने पंजाब नेशनल बैंक की सराफा बाजार बैंक शाखा से लोन कराया था।
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बैंककर्मियों को इसकी जानकारी तब हुई, जब उन्होंने डेयरी का निरीक्षण किया। चला कि लाभार्थी के बताए गए डेयरी के स्थान पर तो कोई गाय-भैंस ही नहीं है। बैंककर्मियों के मुताबिक या तो लाभार्थी ने गाय-भैंसों को बेच दिया। या फिर उन्हें अन्यत्र कहीं शिफ्ट कर दिया है। इससे बैंक के अधिकारी असमंजस में हैं कि लोन दी गई धनराशि की रिकवरी कैसे की जाए।
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आवेदक को लोन देने के साथ ही वसूली भी की जा रही है। अब तक दो लाख 15 हजार रुपये वसूल भी किए जा चुके हैं। शेष रुपयों की वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
-महाराज सिंह, पीएनबी शाखा प्रबंधक, सर्राफा बाजार