फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   STF not Could trace the killers

एसटीएफ भी नहीं कर सकी हत्यारों को ट्रेस

Fri, 08 May 2015 12:05 AM IST
badaun
badaun Updated Fri, 08 May 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन

रिटायर्ड इंजीनियर दंपति के हत्यारों को एटीएस भी ट्रेस करने में नाकाम रही है। हत्याकांड को एक महीना बीत चुका है, एक महीने बाद भी पुलिस और एटीएस को हत्यारों के संबंध में कोई ठोस क्लू नहीं मिला है। बुजुर्ग दंपति के सगे संबंधियों समेत उनसे मेल-जोल रखने वाले दो दर्जन से ज्यादा लोगों से अब तक पूछताछ भी की जा चुकी है। इसके बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।

विज्ञापन

शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो का शव आठ अप्रैल को रसोई में मिला था। उनकी नृशंस हत्या की गई थी। नौ अप्रैल को आईजी जोन विजय मीना और डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। हत्याकांड का खुलासा और अज्ञात हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ समेत लोकल पुलिस की चार टीमों को लगाया गया।
विज्ञापन

पुलिस तफ्तीश का मॉनीटरिंग खुद आईजी और डीआईजी कर रहे हैं। डीजीपी ने हत्यारों की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। बुजुर्ग दंपति हत्याकांड को एक महीना बीत चुका है। इस दौरान एसटीएफ और लोकल पुलिस की चार टीमों ने बुजुर्ग दंपति के बैंक खाते, लॉकर आदि भी खंगाले। विजेंद्र गुप्ता गिरवीं-गांठे का काम भी करते थे। पुलिस ने इनसे लेन-देन करने वालों से भी पूछताछ की। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शातिर हत्यारों ने नहीं छोड़ा कोई सबूत
बदायूं। बुजुर्ग दंपति की हत्या करने वाले शातिर थे। उन्होंने प्री प्लानिंग घटना को अंजाम दिया। मुरादाबाद और बरेली से आईं फॉरेंसिक टीमों ने भी घटना स्थल को खंगाला, लेकिन कोई ठोस क्लू नहीं मिला। बुजुर्ग दंपति की हत्या करने के लिए पेंचकस का इस्तेमाल हुआ था। विजेंद्र गुप्ता की गला दबाकर हत्या की गई। बाद में उनको पेंचकस से गोदा गया था।

करीबियों पर शक, कोई ठोस सबूत नहीं
बदायूं। हत्याकांड के बाद से ही पुलिस का शक गुप्ता दंपति के करीबियों पर था। एक करीबी से थाने में कई-कई घंटे पूछताछ की गई। इसके बाद भी पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला। हालांकि पुलिस की जांच अब भी करीबियों पर ही केंद्रित है, लेकिन ठोस सबूत न होने की वजह से पुलिस किसी पर हाथ डालने से बच रही है।



हत्यारे शातिर थे। कुछ लाइनें मिली हैं। इन पर काम किया जा रहा है। बुजुर्ग दंपति के बैंक खाते और लॉकर भी खंगाले गए हैं। हत्याकांड का जल्द खुलासा हो जाएगा। -अनिल यादव, एसपी सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed