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गेहूं खरीद में डेढ़ करोड़ का घोटाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:33 AM IST
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मंडी समिति में हुई गेहूं खरीद के मामले में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस संबंध में विपणन निरीक्षक ने गेहूं तुलाई और ढुलाई ठेकेदार समेत चार लोगों के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपये का गेहूं गबन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिससे माफिया में खलबली मच गई है।
नगर की मंडी समिति में मई और जून 2018 में शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद कराई गई थी। गेहूं 1735 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया था। मंडी में गेहूं तुलाई और ढुलाई का ठेका कांसपुर रोड दातागंज निवासी ओमेंद्र गुप्ता पुत्र रामसेवक गुप्ता के पास था। उसने इस ठेके में कांसपुर रोड निवासी पवन गुप्ता पुत्र अशोक गुप्ता, उमेश गुप्ता और बुध बाजार निवासी अमर गुप्ता पुत्र महेंद्र पाल गुप्ता को भी शामिल कर लिया था। यही लोग किसानों का गेहूं तुलाई कराते थे। फिर बोरियों में गेहूं पैक करवाकर ट्रक से सरकारी गोदाम भिजवा देते थे। आरोप है कि खरीदारी बंद होने के बाद गेहूं और किसानों के भुगतान की रकम का मिलान किया गया, जिसमें यह घोटाला सामने आया। इस संबंध में डीएम से शिकायत हुई । उसके बाद डीएम के आदेश पर विपणन निरीक्षण राघवेंद्र ने इस मामले की जांच की। पता चला कि मंडी समिति में गेहूं खरीद के दौरान 8323 क्विंटल गेहूं गायब कर दिया गया। गेहूं खरीद शुरू होने से लेकर बंद होने तक एक-एक क्विंटल गेहूं का हिसाब लगाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह लोग यहां से असली कागजात ले जाते थे। रास्ते में फर्जी कागजात तैयार कर गेहूं गबन कर लेते थे। धीरे-धीरे करके इन लोगों ने 8323 क्विंटल गेहूं गायब कर दिया। जो 1735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 14440405 करोड़ रुपये का निकला। गुरुवार को विपणन निरीक्षण ने इस संबंध में ओमेंद्र गुप्ता, पवन गुप्ता, उमेश गुप्ता और अमर गुप्ता के खिलाफ दातागंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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नगर की मंडी समिति में मई और जून 2018 में शासन के निर्देश पर गेहूं खरीद कराई गई थी। गेहूं 1735 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया था। मंडी में गेहूं तुलाई और ढुलाई का ठेका कांसपुर रोड दातागंज निवासी ओमेंद्र गुप्ता पुत्र रामसेवक गुप्ता के पास था। उसने इस ठेके में कांसपुर रोड निवासी पवन गुप्ता पुत्र अशोक गुप्ता, उमेश गुप्ता और बुध बाजार निवासी अमर गुप्ता पुत्र महेंद्र पाल गुप्ता को भी शामिल कर लिया था। यही लोग किसानों का गेहूं तुलाई कराते थे। फिर बोरियों में गेहूं पैक करवाकर ट्रक से सरकारी गोदाम भिजवा देते थे। आरोप है कि खरीदारी बंद होने के बाद गेहूं और किसानों के भुगतान की रकम का मिलान किया गया, जिसमें यह घोटाला सामने आया। इस संबंध में डीएम से शिकायत हुई । उसके बाद डीएम के आदेश पर विपणन निरीक्षण राघवेंद्र ने इस मामले की जांच की। पता चला कि मंडी समिति में गेहूं खरीद के दौरान 8323 क्विंटल गेहूं गायब कर दिया गया। गेहूं खरीद शुरू होने से लेकर बंद होने तक एक-एक क्विंटल गेहूं का हिसाब लगाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह लोग यहां से असली कागजात ले जाते थे। रास्ते में फर्जी कागजात तैयार कर गेहूं गबन कर लेते थे। धीरे-धीरे करके इन लोगों ने 8323 क्विंटल गेहूं गायब कर दिया। जो 1735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 14440405 करोड़ रुपये का निकला। गुरुवार को विपणन निरीक्षण ने इस संबंध में ओमेंद्र गुप्ता, पवन गुप्ता, उमेश गुप्ता और अमर गुप्ता के खिलाफ दातागंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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