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निजी बस परिचालक की संदिग्ध मौत पर थाने में काटा हंगामा
बदायूं।
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:11 AM IST
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निजी बस परिचालक राजेंद्र गुप्ता की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके परिवार वालों ने कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह के भाई ओमपाल सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इन लोगों ने विषाक्त जूस पिलाकर राजेंद्र की हत्या कर दी। इस दौरान मृतक के परिवार वालों ने भाजपा नेता और पूर्व मंत्री के पुत्र के साथ सिविल लाइंस थाने में घुसकर हंगामा किया। पुलिस ने इन लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
कादरचौक निवासी राजेंद्र गुप्ता (42) पुत्र कोमिल प्रसाद निजी बस का परिचालक था। इन दिनों वह कांग्रेस प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह के भाई ओमपाल सिंह की बस का संचालन कर रहा था। राजेंद्र के भाई राजेश गुप्ता का कहना है कि ओमपाल और राजेंद्र के बीच लेन-देन का विवाद चल रहा था। आरोप है कि गुरुवार को ओमपाल सिंह, राजा और गुड्डू राजेंद्र को घर से बुलाकर ले गए। बाद में उसे जूस में मिलाकर विषाक्त दे दिया। घर पहुंचने पर राजेंद्र की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे इलाज के लिए बदायूं ला रहे थे। उसकी रास्ते में मौत हो गई।
परिवार वाले राजेंद्र का शव लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने हंगामा किया। सीओ सिटी आरएस धामा भी थाने पहुंच गए। बाद में पुलिस ने राजेश की तहरीर पर ओमपाल सिंह, राजा और गुड्डू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता लग सकेगी।
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पूर्व मंत्री के पुत्र समेत 50 लोगों पर मुकदमा
थाने में घुसकर हंगामा करना महंगा पड़ा
बदायूं। थाने में घुसकर हंगामा करना पूर्व मंत्री के पुत्र को महंगा पड़ गया। पुलिस ने पूर्व मंत्री के पुत्र समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 लोगों के खिलाफ इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया है।
राजेंद्र गुप्ता का शव लेकर परिवार वाले थाने पहुंचे। उनके साथ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के पुत्र यादवेंद्र शाक्य भी समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। यहां यह लोग नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। एसओ अजय यादव ने उनको भरोसा दिलाया कि वह तहरीर लिखकर दें। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद पूर्व मंत्री के पुत्र के समर्थक हंगामा करते रहे।
सिविल लाइंस एसओ अजय यादव ने बताया कि राजेंद्र की हत्या के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के पूर्व यादवेंद्र शाक्य समेत राजेश गुप्ता, विजय गुप्ता, अनिल गुप्ता, मनेंद्र यादव को नामजद करते हुए 45 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में घुसकर हंगामा, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
वर्जन-
तलहरीर मिलने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही मालूम हो सकेगी। कुछ लोग बेवजह थाने में हंगामा कर रहे थे। इस मामले में पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा कायम किया गया है।-अनिल यादव, एसपी सिटी
वर्जन-
तीन महीने पहले राजेंद्र को हार्टअटैक हुआ था। उस वक्त उसके परिवार वालों को मैंने 40 हजार रुपये इलाज के लिए दिए थे। इसके बाद से राजेंद्र बस पर नहीं आ रहा था। मंगलवार को मैंने कादरचौक के एजेंट राजा से राजेंद्र के बारे में पूछा था। गुरुवार को राजेंद्र के भाई का फोन आया। उसने राजेंद्र के विषाक्त खाने संबंधी जानकारी दी। फोन पर मुझे फंसाने की धमकी भी दी। अब बस भी राजेश के कब्जे में है।-ओमपाल सिंह, बस मालिक
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कादरचौक निवासी राजेंद्र गुप्ता (42) पुत्र कोमिल प्रसाद निजी बस का परिचालक था। इन दिनों वह कांग्रेस प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह के भाई ओमपाल सिंह की बस का संचालन कर रहा था। राजेंद्र के भाई राजेश गुप्ता का कहना है कि ओमपाल और राजेंद्र के बीच लेन-देन का विवाद चल रहा था। आरोप है कि गुरुवार को ओमपाल सिंह, राजा और गुड्डू राजेंद्र को घर से बुलाकर ले गए। बाद में उसे जूस में मिलाकर विषाक्त दे दिया। घर पहुंचने पर राजेंद्र की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे इलाज के लिए बदायूं ला रहे थे। उसकी रास्ते में मौत हो गई।
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परिवार वाले राजेंद्र का शव लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंचे। यहां उन्होंने हंगामा किया। सीओ सिटी आरएस धामा भी थाने पहुंच गए। बाद में पुलिस ने राजेश की तहरीर पर ओमपाल सिंह, राजा और गुड्डू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता लग सकेगी।
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पूर्व मंत्री के पुत्र समेत 50 लोगों पर मुकदमा
थाने में घुसकर हंगामा करना महंगा पड़ा
बदायूं। थाने में घुसकर हंगामा करना पूर्व मंत्री के पुत्र को महंगा पड़ गया। पुलिस ने पूर्व मंत्री के पुत्र समेत पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 लोगों के खिलाफ इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया है।
राजेंद्र गुप्ता का शव लेकर परिवार वाले थाने पहुंचे। उनके साथ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के पुत्र यादवेंद्र शाक्य भी समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। यहां यह लोग नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। एसओ अजय यादव ने उनको भरोसा दिलाया कि वह तहरीर लिखकर दें। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद पूर्व मंत्री के पुत्र के समर्थक हंगामा करते रहे।
सिविल लाइंस एसओ अजय यादव ने बताया कि राजेंद्र की हत्या के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य के पूर्व यादवेंद्र शाक्य समेत राजेश गुप्ता, विजय गुप्ता, अनिल गुप्ता, मनेंद्र यादव को नामजद करते हुए 45 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में घुसकर हंगामा, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
वर्जन-
तलहरीर मिलने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मौत की वजह पोस्टमार्टम के बाद ही मालूम हो सकेगी। कुछ लोग बेवजह थाने में हंगामा कर रहे थे। इस मामले में पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा कायम किया गया है।-अनिल यादव, एसपी सिटी
वर्जन-
तीन महीने पहले राजेंद्र को हार्टअटैक हुआ था। उस वक्त उसके परिवार वालों को मैंने 40 हजार रुपये इलाज के लिए दिए थे। इसके बाद से राजेंद्र बस पर नहीं आ रहा था। मंगलवार को मैंने कादरचौक के एजेंट राजा से राजेंद्र के बारे में पूछा था। गुरुवार को राजेंद्र के भाई का फोन आया। उसने राजेंद्र के विषाक्त खाने संबंधी जानकारी दी। फोन पर मुझे फंसाने की धमकी भी दी। अब बस भी राजेश के कब्जे में है।-ओमपाल सिंह, बस मालिक