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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Police station rushed to swindle Many victims and youth

कोतवाली पहुंचे ठगी के शिकार कई और युवक

Sun, 28 Jun 2015 08:39 PM IST
Ujani
Ujani Updated Sun, 28 Jun 2015 08:39 PM IST
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ठगी के आरोपी एनजीओ संचालक के सर्टिफिकेट का सत्यापन कराने में जुटी पुलिस ने दूसरे दिन कई अहम जानकारियां हासिल कर ली हैं। एनजीओ रायबरेली में पंजीकृत है। उसका कार्य सदस्यों को सशुल्क जोड़ना सामने आया लेकिन किसी से भी मोटी रकम ऐंठने का पुलिस को प्रमाण नहीं मिल पा रहा है। इस बीच, रविवार को सहसवान समेत आसपास इलाके से कई और युवक भी खुद को धोखाधड़ी का शिकार बताकर कोतवाली पहुंच गए।

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कोतवाली पहुंचे ज्यादातर युवकों ने पुलिस को बताया कि पकड़े गए युवक ने ही उनसे नकदी वसूली की है। नकदी वसूली से पहले आरोपी ने रोजगार मुहैया कराने का भरोसा भी दिलाया था लेकिन एक महीना से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। सूत्रों की मानें तो ठगी के शिकार युवकों में ज्यादातर अंबियापुर और सहसवान ब्लॉक क्षेत्र के हैं। उझानी ब्लॉक क्षेत्र में वह अभी ठीक से पैर नहीं पसार पाया था कि शनिवार को मामला उजागर होने पर बीडीओ राजकुमार ने आरोपी को पुलिस के हवाले करा दिया था। फर्जी एनजीओ संचालक की तहकीकात में जुटी कोतवाली पुलिस ने रविवार सुबह में ऐसे कई लोगों से फोन पर बात की जिनके नाम आरोपी यशपाल गौतम ने पुलिस का यह कहते हुए बताए थे जो कि उसकी बेगुनाही का प्रमाण दे सकते हैं। कुछेक ने एनजीओ के बारे में अहम जानकारियां भी दी हैं। आरोपी की मानें तो वह जिस एनजीओ के लिए काम करता है, उसका पंजीकरण  रायबरेली से है। उसने पंजीकरण के अभिलेख भी पुलिस को दिखा दिए हैं। पुलिस ने उन लोगों की फेहरिस्त तैयार करनी शुरू कर दी है जिन्होंने ठगी का आरोप लगाया है। कोतवाल देवराज सिंह राठी ने बताया कि आरोपों से जुड़े हर पहलू पर गौर किया जा रहा है। कार्रवाई करने से पहले तथ्यों को भी शामिल किया जाएगा।
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पुलिस ने मांगे वसूली के सबूत
उझानी। फर्जी एनजीओ संचालक पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने रविवार को कोतवाली पहुंचे युवकों से वसूली के सबूत भी मांगे हैं। पुलिस ने उनसे यह भी कहा कि वसूली के बाद अगर किसी को रसीद दी गई है तो वह उसे भी लाकर प्रस्तुत करे। पुलिस  वसूली की रसीद को सबूत के रूप में शामिल कर सकती है।

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