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पुलिस का पहरा, नहीं मनी पत्थर मार दिवाली
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 10 Nov 2015 07:51 PM IST
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दशकों पुरानी परंपरा अब खत्म होने के कगार पर
दो गांवों के बीच मनाई जाती है पत्थर मार दीवाली
फैजगंज बेहटा में दशकों से पत्थर मार दिवाली मनाई जाती है। सड़क के एक ओर गांव फैजगंज है और दूसरी ओर बेहटा। छोटी दिवाली पर दोनों गांवों केलोग मैदान में जमा होकर एक दूसरे पर पत्थरों की बरसात करते हैं। इसमें कफी लोग घायल भी होते थे। पिछले तीन साल से पुलिस-प्रशासन ने इस परंपरा पर नकेल की कवायद शुरू की थी। पिछले साल तो लोग रस्म अदा करने में कामयाब हो गए थे, लेकिन इस बार सख्त पहरा होने की वजह से रस्म भी नहीं निभाई जा सकी। कुछ लोग जमा जरूत हुए लेकिन पुलिस ने इनको खदेड़ दिया।
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दो गांवों के बीच मनाई जाती है पत्थर मार दीवाली
फैजगंज बेहटा में दशकों से पत्थर मार दिवाली मनाई जाती है। सड़क के एक ओर गांव फैजगंज है और दूसरी ओर बेहटा। छोटी दिवाली पर दोनों गांवों केलोग मैदान में जमा होकर एक दूसरे पर पत्थरों की बरसात करते हैं। इसमें कफी लोग घायल भी होते थे। पिछले तीन साल से पुलिस-प्रशासन ने इस परंपरा पर नकेल की कवायद शुरू की थी। पिछले साल तो लोग रस्म अदा करने में कामयाब हो गए थे, लेकिन इस बार सख्त पहरा होने की वजह से रस्म भी नहीं निभाई जा सकी। कुछ लोग जमा जरूत हुए लेकिन पुलिस ने इनको खदेड़ दिया।