{"_id":"57431a844f1c1bb415691497","slug":"police-chased-the-animal-traffickers-12-animals-recovered","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने भगा दिए पशु तस्कर, 12 पशु बरामद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस ने भगा दिए पशु तस्कर, 12 पशु बरामद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2016 11:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फिर सामने आई चर्चित सिपाही की संलिप्तता
बड़े पैमाने पर हो रही गोवंशीय पशुओं की तस्करी
गोवंशीय पशुओं की तस्करी रोकने के स्थान पर पुलिस ने तस्करी को बढ़ावा दे रही है। रविवार रात भी पुलिस ने पांच पशु तस्करों को भगा दिया। मौके से 12 गोवंशीय पशु मिले हैं। पशुओं को वध के लिए ले लाया जा रहा है। तस्करों को भगाने के मामले में फैजगंज बेहटा थाने के एक चर्चित सिपाही की भूमिका चर्चाओं में है। पुलिस छापामारी से पहले तस्करों तक खबर पहुंच गई थी।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र गोवंशीय पशुओं की तस्करी और वध के लिए बदनाम है। पिछले सप्ताह पुलिस ने वार्ड नंबर दो में बूचड़खाना पकड़ा था। यहां से गोवंशीय पशुओं के 12 सिर और खालों के साथ तीन जीवित पशु भी मिले थे। इस मामले में भी कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने लीपापोती की।
रविवार रात पुलिस को खबर मिली कि मितरोली फैजगंज बेहटा रोड से गोवंशीय पशुओं को तस्करी कर ले जाया जा रहा है। एसओ मनीष यादव ने मौके पर छापामारी की। यहां पुलिस को 12 गोवंशीय पशु मिले। तस्कर भाग गए थे। स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस के आने से पहले थाने का एक चर्चित सिपाही वहां पहुंच गया था। सिपाही ने ही तस्करों को वहां से भागने का मौका दिया।
विज्ञापन
-----
पांच साल से एक ही थाने में है सिपाही
फैजगंज बेहटा। गोवंशीय पशुओं की तस्करी को बढ़ावा और तस्करों को संरक्षण देने वाला चर्चित सिपाही पांच साल से फैजगंज बेहटा थाने में ही जमा हुआ है। तीन साल तक यहां रहने के बाद इसका तबादला कर दिया गया था। बाद में यह फिर से फैजगंज बेहटा आ गया। एसओ और सिपाही के बीच चल रही तना-तनी भी इन दिनों थाना स्टाफ में चर्चा है।
बड़े पैमाने पर हो रही गोवंशीय पशुओं की तस्करी
गोवंशीय पशुओं की तस्करी रोकने के स्थान पर पुलिस ने तस्करी को बढ़ावा दे रही है। रविवार रात भी पुलिस ने पांच पशु तस्करों को भगा दिया। मौके से 12 गोवंशीय पशु मिले हैं। पशुओं को वध के लिए ले लाया जा रहा है। तस्करों को भगाने के मामले में फैजगंज बेहटा थाने के एक चर्चित सिपाही की भूमिका चर्चाओं में है। पुलिस छापामारी से पहले तस्करों तक खबर पहुंच गई थी।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र गोवंशीय पशुओं की तस्करी और वध के लिए बदनाम है। पिछले सप्ताह पुलिस ने वार्ड नंबर दो में बूचड़खाना पकड़ा था। यहां से गोवंशीय पशुओं के 12 सिर और खालों के साथ तीन जीवित पशु भी मिले थे। इस मामले में भी कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने लीपापोती की।
विज्ञापन
रविवार रात पुलिस को खबर मिली कि मितरोली फैजगंज बेहटा रोड से गोवंशीय पशुओं को तस्करी कर ले जाया जा रहा है। एसओ मनीष यादव ने मौके पर छापामारी की। यहां पुलिस को 12 गोवंशीय पशु मिले। तस्कर भाग गए थे। स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस के आने से पहले थाने का एक चर्चित सिपाही वहां पहुंच गया था। सिपाही ने ही तस्करों को वहां से भागने का मौका दिया।
विज्ञापन
-----
पांच साल से एक ही थाने में है सिपाही
फैजगंज बेहटा। गोवंशीय पशुओं की तस्करी को बढ़ावा और तस्करों को संरक्षण देने वाला चर्चित सिपाही पांच साल से फैजगंज बेहटा थाने में ही जमा हुआ है। तीन साल तक यहां रहने के बाद इसका तबादला कर दिया गया था। बाद में यह फिर से फैजगंज बेहटा आ गया। एसओ और सिपाही के बीच चल रही तना-तनी भी इन दिनों थाना स्टाफ में चर्चा है।