{"_id":"944720d689308f0abfd23c65064ac3ae","slug":"mobile-shop-owner-attempted-sucide-died-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल शॉप के मालिक ने गोली मारकर जान दी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मोबाइल शॉप के मालिक ने गोली मारकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो ,बदायूं
Updated Tue, 29 Sep 2015 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सचिन मिश्रा (30) पुत्र सुनील मिश्रा की इंदिरा चौक इलाके में मोबाइल शॉप है। सोमवार को रोज की तरह सचिन दुकान बंद करके घर आया। रात में किसी वक्त सचिन ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सचिन के पिता ने दो शादियां की थीं। सचिन के पास मिले सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपनी पत्नी को सुख नहीं दे पाया। अपनी आर्थिक तंगी के लिए उसने अपने पिता को जिम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि पिता ने अपने सुख के लिए उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी।
खबर मिलने पर इंस्पेक्टर कोतवाली मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सचिन के कमरे से एक तमंचा, दो मोबाइल कब्जे में लिए हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल से भी पुलिस को उम्मीद है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस सचिन की मौत को खुदकुशी मान रही है। अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
एसपी सिटी अनिल यादव का कहना है कि यह खुदकुशी का मामला है। फिर भी जांच की जा रही है। सुसाइड नोट पर राइटिंग सचिन का ही है। उसके कमरे से दो मोबाइल मिले हैं। इनकी कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी।
विज्ञापन
आत्महत्या की वजह बनी एक दुकान
बदायूं। मोबाइल शॉप स्वामी सचिन मिश्रा की आत्महत्या की वजह उसके पिता की एक दुकान बताई जा रही है। दरअसल, सचिन लंबे समय से दुकान मांग रहा था। पिता ने इंकार कर दिया था। सोमवार को उसने अपने पिता सुनील मिश्रा और भाई राहुल को फोन करके दुकान की बात की थी। सचिन का पूरा परिवार भी बिखरा हुआ था। छोटा भाई राहुल अपनी पत्नी के साथ रुद्रपुर में रहता है। पिता दूसरी शादी करने के बाद अलग रहते हैं। सचिन किराए के मकान में रह रहा था। सचिन का परिवार आमदनी से ज्यादा खर्चों की वजह से आर्थिक तंगी के कगार पर था।
बंटवारे में सचिन के पिता सुनील मिश्रा ने उसको चार लाख रुपये दिए थे। इससे सचिन ने मोबाइल का कारेाबार शुरू किया। उसने इंदिरा चौक इलाके में 20 हजार रुपये महीने पर एक दुकान किराए पर ले रखी थी। घर भी किराए का था। रात साढ़े आठ बजे सचिन घर से निकल गया। इसके बाद 11.30 बजे घर आया। उसकी पत्नी शीतल दूसरे कमरे में सो रही थी। इसी दौरान सचिन ने खुद के सिर में गोली मार ली। गोली की आवाज होने पर मकान मालिक और पत्नी जागे भी, लेकिन वह उस कमरे में नहीं गए, जहां सचिन था। पत्नी ने देर रात फोन करके सचिन के घर न आने की बात अपने देवर राहुल से भी कही। राहुल अपने काम के सिलसिले में बदायूं आया था। वह यहां एक होटल में ठहरा हुआ था। मंगलवार तड़के एक कमरा अंदर से बंद होने पर पत्नी शीतल ने जब खिड़की से झांककर देखा तो पति का शव जमीन पर पड़ा था। सिर से निकल रहा खून फर्श पर फैला हुआ था। पास ही तमंचा और मोबाइल पड़ा था। बदहवास पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजे तोड़कर शव कब्जे में लिया। स़ुसाइड नोट शव के पास ही पड़ा था।
विज्ञापन
खबर मिलने पर इंस्पेक्टर कोतवाली मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सचिन के कमरे से एक तमंचा, दो मोबाइल कब्जे में लिए हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल से भी पुलिस को उम्मीद है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस सचिन की मौत को खुदकुशी मान रही है। अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।
विज्ञापन
एसपी सिटी अनिल यादव का कहना है कि यह खुदकुशी का मामला है। फिर भी जांच की जा रही है। सुसाइड नोट पर राइटिंग सचिन का ही है। उसके कमरे से दो मोबाइल मिले हैं। इनकी कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी।
विज्ञापन
आत्महत्या की वजह बनी एक दुकान
बदायूं। मोबाइल शॉप स्वामी सचिन मिश्रा की आत्महत्या की वजह उसके पिता की एक दुकान बताई जा रही है। दरअसल, सचिन लंबे समय से दुकान मांग रहा था। पिता ने इंकार कर दिया था। सोमवार को उसने अपने पिता सुनील मिश्रा और भाई राहुल को फोन करके दुकान की बात की थी। सचिन का पूरा परिवार भी बिखरा हुआ था। छोटा भाई राहुल अपनी पत्नी के साथ रुद्रपुर में रहता है। पिता दूसरी शादी करने के बाद अलग रहते हैं। सचिन किराए के मकान में रह रहा था। सचिन का परिवार आमदनी से ज्यादा खर्चों की वजह से आर्थिक तंगी के कगार पर था।
बंटवारे में सचिन के पिता सुनील मिश्रा ने उसको चार लाख रुपये दिए थे। इससे सचिन ने मोबाइल का कारेाबार शुरू किया। उसने इंदिरा चौक इलाके में 20 हजार रुपये महीने पर एक दुकान किराए पर ले रखी थी। घर भी किराए का था। रात साढ़े आठ बजे सचिन घर से निकल गया। इसके बाद 11.30 बजे घर आया। उसकी पत्नी शीतल दूसरे कमरे में सो रही थी। इसी दौरान सचिन ने खुद के सिर में गोली मार ली। गोली की आवाज होने पर मकान मालिक और पत्नी जागे भी, लेकिन वह उस कमरे में नहीं गए, जहां सचिन था। पत्नी ने देर रात फोन करके सचिन के घर न आने की बात अपने देवर राहुल से भी कही। राहुल अपने काम के सिलसिले में बदायूं आया था। वह यहां एक होटल में ठहरा हुआ था। मंगलवार तड़के एक कमरा अंदर से बंद होने पर पत्नी शीतल ने जब खिड़की से झांककर देखा तो पति का शव जमीन पर पड़ा था। सिर से निकल रहा खून फर्श पर फैला हुआ था। पास ही तमंचा और मोबाइल पड़ा था। बदहवास पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजे तोड़कर शव कब्जे में लिया। स़ुसाइड नोट शव के पास ही पड़ा था।