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हत्या मामले में दो लोगों को उम्रकैद
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:00 AM IST
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कोर्ट ने दोनों पर 19-19 हजार जुर्माना भी बोला
कादरचौक के मनी नगला में हुई थी बच्ची की हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम रईस अहमद ने हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए दो लोगों को उम्रकैद और 19-19 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दो लोगों को बरी भी कर दिया है। मामला थाना कादरचौक के मनी नगला गांव का करीब ढाई साल पुराना है।
थाना कादरचौक के गांव मनी नगला के गिरीश पुत्र रघुनाथ यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 मार्च 2014 की रात वह घर में लेटा हुआ था। रात करीब 12 बजे कुछ बदमाश आए। आहट होने पर वह जाग गया। उसकी मां भी जाग गई। लाइट की रोशनी में उसने बदमाशों को पहचान लिया। यह थाना क्षेत्र के गांव मुन्ता नगला के शमीम, शाबिर, आरिफ और अशरफ थे। दो अन्य को वह पहचान नहीं सका। शमीम ने उसे जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली उसकी चार साल की बेटी मीना को लगी। उसकी मौके पर मौत हो गई। छर्रे उसे भाई मुनीश को भी लगे। शोर मचाने पर हमलावर भाग गए।
विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद साबिर और शमीम को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव ने बहस की। कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्र कैद के साथ 19-19 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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कटरा कांड में सुनवाई 10 नवंबर को
बदायूं। चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी। सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय ने अगली सुनवाई की तारीख तय की है। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता दीप नारायण ने कोर्ट में पैरवी की।
कादरचौक के मनी नगला में हुई थी बच्ची की हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम रईस अहमद ने हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए दो लोगों को उम्रकैद और 19-19 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दो लोगों को बरी भी कर दिया है। मामला थाना कादरचौक के मनी नगला गांव का करीब ढाई साल पुराना है।
थाना कादरचौक के गांव मनी नगला के गिरीश पुत्र रघुनाथ यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 मार्च 2014 की रात वह घर में लेटा हुआ था। रात करीब 12 बजे कुछ बदमाश आए। आहट होने पर वह जाग गया। उसकी मां भी जाग गई। लाइट की रोशनी में उसने बदमाशों को पहचान लिया। यह थाना क्षेत्र के गांव मुन्ता नगला के शमीम, शाबिर, आरिफ और अशरफ थे। दो अन्य को वह पहचान नहीं सका। शमीम ने उसे जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली उसकी चार साल की बेटी मीना को लगी। उसकी मौके पर मौत हो गई। छर्रे उसे भाई मुनीश को भी लगे। शोर मचाने पर हमलावर भाग गए।
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विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद साबिर और शमीम को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव ने बहस की। कोर्ट ने दोनों दोषियों को उम्र कैद के साथ 19-19 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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कटरा कांड में सुनवाई 10 नवंबर को
बदायूं। चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी। सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय ने अगली सुनवाई की तारीख तय की है। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता दीप नारायण ने कोर्ट में पैरवी की।