फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   katra kand

बर्खास्त सिपाहियों को मिल सकती है राहत

Sun, 14 Dec 2014 12:10 AM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Sun, 14 Dec 2014 12:10 AM IST
विज्ञापन
katra kand
कटरा सआदतगंज कांड में आरोपी बनाए जाने के बाद बर्खास्त किए गए सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। कानून के जानकारों की मानें तो नौकरी पर फिर से बहाली के लिए सिपाहियों को कानूनी और विभागीय लड़ाई लड़नी होगी।
विज्ञापन

कटरा सआदतगंज कांड के बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले मे में तीन सगे भाइयों के साथ आरोपी बनाए गए दोनों पुलिसकर्मियों को तीन महीने तक जेल में रहना पड़ा था। जब सीबीआई मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी तो सितंबर के पहले सप्ताह में दोनों सिपाहियों समेत पांचों आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दे दी थी। गुरुवार को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट और यह दावा कि दोनों लड़कियों ने खुदकुशी की है के बाद दोनों सिपाहियों को जल्द राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन

पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी काम आई
बदायूं। सीबीआई सूत्रों की मानें तो लड़कियों के साथ रेप और हत्या की बात को ऐसे ही खारिज नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी, पोस्टमार्टम पैनल के तीनों डॉक्टरों से कई बार पूछताछ और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर जांच एजेंसी के मेडिकल बोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला है। मल्टी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को जांच एजेंसी भरोसेमंद मान रही है। इसके साथ ही मुख्य गवाह नजरू के बयानों को भी जांच एजेंसी ने आधार बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पॉलीग्राफी टेस्ट में खुल गए कई झूठ
बदायूं। मामले का सच सामने लाने के लिए सीबीआई ने आरोपियों, पीड़ित पक्ष और गवाहों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया था। पॉलीग्राफी टेस्ट पर भरोसा करें तो आरोपियों के बयान सही थे, जबकि गवाहों और पीड़ित पक्ष के बयानों में विरोधाभास था। बाद में पूछताछ के दौरान भी कई तथ्य सामने आए थे। इनमें सबसे अहम बात निकल कर सामने यह आई कि दोनों गवाहों ने कई झूठ बोले। मुख्य गवाह नजरू ने एफआईआर में कुछ कहा और पूछताछ के दौरान कुछ। गवाह रामबाबू का झूठ सीबीआई ने पॉलीग्राफी टेस्ट और पूछताछ के दौरान पकड़ा था।

नजरू के बयान पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
बदायूं। पीड़ित परिवार स्वीकार कर रहा है कि घटना की रिपोर्ट नजरू के बयान पर दर्ज कराई गई थी। उस रात नजरू और रामबाबू साथ नहीं थे। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बाद रामबाबू कह रहा है कि नजरू ने पप्पू और बड़ी लड़की के साथ होने की सूचना दी थी। इसके बाद लड़कियां कहां गई यह नजरू नहीं जानता।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed