{"_id":"59a0660e4f1c1b393a8b47a8","slug":"health-department-reaches-after-two-deaths","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही परिवार में दो मौतों के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक ही परिवार में दो मौतों के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Fri, 25 Aug 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
victim
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ही परिवार में बुखार से दो बच्चियों की मौत के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सिसरका गांव में पहुंची। यहां लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गईं। टीम ने यहां गंभीर बीमार ग्रामीणों के सैंपल लिए और स्लाइड बनाई। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। वहीं, आसपास के गांवों में भी बुखार फैलने लगा है।
आसफपुर ब्लॉक के गांव सिसरका में गुरुवार को बॉबी की तीन साल की बेटी देवकी और डेढ़ साल की बेटी की तेज बुखार आने के कुछ ही घंटों के अंतर से मौत हो गई थी। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बुखार की गिरफ्त में हैं। दो बच्चियों की मौत के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। हेल्थ कैंप लगाकर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बुखार पीड़ित मरीजों की स्लाइड बनाई गईं और रक्त के सैंपल लिए गए। गांव के लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी की तैनाती होने के बाद भी गांव में सफाई नहीं होती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी पंचायत राज विभाग ने सफाई कर्मचारी का बंदोबस्त नहीं किया। मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया गया है। गांव के सोमपाल, दिवाकर, राज कुमार, नूरबक्श के परिवारों में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
आसफपुर ब्लॉक के गांव सिसरका में गुरुवार को बॉबी की तीन साल की बेटी देवकी और डेढ़ साल की बेटी की तेज बुखार आने के कुछ ही घंटों के अंतर से मौत हो गई थी। गांव में दो दर्जन से ज्यादा लोग बुखार की गिरफ्त में हैं। दो बच्चियों की मौत के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। डॉ. अभिषेक कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। हेल्थ कैंप लगाकर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बुखार पीड़ित मरीजों की स्लाइड बनाई गईं और रक्त के सैंपल लिए गए। गांव के लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी की तैनाती होने के बाद भी गांव में सफाई नहीं होती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी पंचायत राज विभाग ने सफाई कर्मचारी का बंदोबस्त नहीं किया। मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया गया है। गांव के सोमपाल, दिवाकर, राज कुमार, नूरबक्श के परिवारों में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से ग्रामीणों में दहशत की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन