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आठ दिन में फांसी पर झूल गए तीन किसान

Mon, 06 Apr 2015 12:07 AM IST
badaun
badaun Updated Mon, 06 Apr 2015 12:07 AM IST
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Hanging in eight days The three farmers swinging

बेमौसम बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी है। अन्नदाता मौत को गले लगा रहा है। आठ दिन में तीन किसान फांसी के फंदे पर झूल चुके हैं। फसल बर्बाद होने के गम में दो किसानों की हार्टअटैक से मौत हो चुकी है। प्रशासन मुआवजा देने की बात तो कह रहा है, लेकिन किसानों को भरोसे में लेने की जरूरत नहीं समझ रहा।

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मार्च और अप्रैल में अन्नदाता पर मौसम की ऐसी मार पड़ी कि अब वह आत्मघाती कदम उठाने से भी गुरेज नहीं कर रहा। 27 अप्रैल को बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ादासपुर में राजेश नाम के किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। राजेश पर बैंक का कर्ज था। उनकी फसल भी बारिश में बर्बाद हो चुकी थी। दो अप्रैल को दातागंज तहसील क्षेत्र के गांव गढ़ा निवासी सूरजपाल ने फांसी लगाकर जान दे दी। सूरजपाल सूदखोरों के चंगुल में थे। फसल बर्बाद होने से मौतों का सिलसिला यही नहीं रुका। ताजा मामला उसहैत के गांव काकोरी में मुनेंद्र गिरी की खुदकुशी का है।
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इस दौरान फसल बर्बाद होने से गम में दो किसानों की हार्टअटैक से भी मौत हो चुकी है। 23 मार्च को दातागंज के गांव गढ़ा निवासी अफीम कास्तकार पन्नू की हार्टअटैक से मौत हुई। 21 मार्च को बिसौली तहसील के सैदपुर में आशिक अली की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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खुदकुशी करने वाले नहीं
हैं मुआवजे के हकदार
बदायूं। खुदकुशी करने वाले किसान मुआवजे के हकदार नहीं हैं। प्रशासन उनके परिवारों को दूसरे तरीकों से आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश कर रहा है। किसान दुर्घटना बीमा के तहत अगर किसी किसान की आकस्मिक मौत होती है, तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये मिलते हैं। जबकि खुदकुशी के मामले में वह बीमा योजना से लाभ का हकदार नहीं होता है। एसडीएम दातागंज ओपी तिवारी ने बताया कि खुदकुशी करने वाले गरीब किसानों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। मुनेंद्र के परिवार को लोहिया आवास दिलाने की भी उन्होंने संस्तुति की है।


मृतक के दो भाई हैं जेल में
उसहैत। मुनेंद्र नौ भाई बहन थे। इनमें सिर्फ उनके बड़े भाई लालगिरी की शादी हुई है। मुनेंद्र के दो भाई देव गिरी और रविंद्र गिरी करीब तीन साल से जेल में हैं। इन पर अपनी बहन की हत्या का आरोप है। मुनेंद्र समेत इनके भाई राजगिरी, सतेंद्र, कमलेश और एक 17 साल की बहन छाया अविवाहित हैं।

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