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आधे शहर की बिजली गुल होने से हाहाकार
बदायूं।
Updated Thu, 30 Apr 2015 11:47 PM IST
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तीन दिन पहले आई आंधी में टूटी बिजली की लाइनों और ट्रांसफार्मरों के डैमेज होने से शहर में हुई बिजली की समस्या ने सभी को रुला दिया है। बृहस्पतिवार को शहर के आधे से ज्यादा इलाके में सुबह सात बजे से बिजली गुल रही। लिहाजा, गर्मी के कारण लोगों को और भी ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ीं। कुछ मोहल्लों में शाम करीब छह बजे सप्लाई को सुचारु किया गया। वहीं बिजली महकमे का दावा है कि पनबाड़ी बिजली उपकेंद्र पर नया आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाकर रात में बिजली की सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी। तीन दिन से उपभोक्ताओं को नाममात्र को ही सप्लाई मिल सकी है। लिहाजा, बिजली नहीं मिलने के कारण शहर में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
यहां बता दें कि मंगलवार की देर रात आए तूफान ने जिले में तबाही मचा दी थी। इस आंधी आंधी में जिले भर में तमाम जगहों पर बिजली की लाइनें ध्वस्त हो गईं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी डैमेज हो गए। शहर के पनबाड़िया बिजली उपकेंद्र पर लगा आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर भी डैमेज हो गया था। इस ट्रांसफार्मर से शहर का लावेला चौक, अनाज मंडी, पनबाड़ी आदि इलाके को सप्लाई होती है सो ट्रांसफार्मर के डैमेज होने से इन इलाकों में सप्लाई गुल है। हालांकि बिजली महकमे ने वैकल्पिक तौर पर अन्य उपकेंद्रों से दो-दो घंटे की सप्लाई दी, लेकिन उससे लोगों की समस्या दूर नहीं हुई। गर्मी भी असर दिखा रही है, इसलिए बिजली न मिलने के कारण लोगों को और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह सात से देर शाम तक पनबाड़ी बिजली उपकेंद्र से जुड़े मुहल्लों को सप्लाई बिल्कुल नहीं मिली।
पनबाड़ी बिजली उपकेंद्र पर डैमेज हुए आठ एमबीए के ट्रांसफार्मर को बदलकर नया लगाया गया है। जिसकी वजह से सुबह सात बजे से सप्लाई बंद थी। रात 10-11 बजे तक सप्लाई के सुचारु होने की उम्मीद है। बाकी रोजा फीडर को शाम 5.45 बजे चालू कर मधुवन कालोनी, इंदिरा चौक आदि को सप्लाई सुचारु कर दी गई।
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-छैल बिहारी, उपखंड अधिकारी पनबाड़ी उपकेंद्र
पेयजलापूर्ति प्रभावित होने से लोग दुखी
शहर के तमाम लोग नगर पालिका परिषद की जलापूर्ति पर ही आश्रित रहते हैं, लेकिन तीन दिन से बिजली न मिलने के कारण पेयजलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके चलते उन लोगों को पीने के पानी को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि पालिका प्रशासन का कहना है कि उसने जनरेटरों के जरिए जलापूर्ति की गई है। पालिका का प्रयास है कि सभी लोगों को भरपूर मात्रा में पानी मिल सके।
इन्वर्टर भी नहीं कर पा रहे है बैट्री चार्ज
तीन दिन से बिजली के गुल होने से लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों का कहना है कि जब लाइट ही नहीं मिल रही है तो इन्वर्टर कैसे बैटरियों को चार्ज कर सकते हैं। बैटरियों की ग्रेविटी भी गिर चुकी है, उसे उठाने को आठ से दस घंटे लगातार सप्लाई की जरूरत होगी।
खूब चल रहे हैं जेनरेटर
बिजली न मिलने के कारण सरकारी और अर्द्धसरकारी दफ्तरों, बैंकों आदि में तीन दिन से अधिकांश समय जेनरेटरों की आवाज सुनाई दी है।
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यहां बता दें कि मंगलवार की देर रात आए तूफान ने जिले में तबाही मचा दी थी। इस आंधी आंधी में जिले भर में तमाम जगहों पर बिजली की लाइनें ध्वस्त हो गईं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी डैमेज हो गए। शहर के पनबाड़िया बिजली उपकेंद्र पर लगा आठ एमबीए का ट्रांसफार्मर भी डैमेज हो गया था। इस ट्रांसफार्मर से शहर का लावेला चौक, अनाज मंडी, पनबाड़ी आदि इलाके को सप्लाई होती है सो ट्रांसफार्मर के डैमेज होने से इन इलाकों में सप्लाई गुल है। हालांकि बिजली महकमे ने वैकल्पिक तौर पर अन्य उपकेंद्रों से दो-दो घंटे की सप्लाई दी, लेकिन उससे लोगों की समस्या दूर नहीं हुई। गर्मी भी असर दिखा रही है, इसलिए बिजली न मिलने के कारण लोगों को और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह सात से देर शाम तक पनबाड़ी बिजली उपकेंद्र से जुड़े मुहल्लों को सप्लाई बिल्कुल नहीं मिली।
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पनबाड़ी बिजली उपकेंद्र पर डैमेज हुए आठ एमबीए के ट्रांसफार्मर को बदलकर नया लगाया गया है। जिसकी वजह से सुबह सात बजे से सप्लाई बंद थी। रात 10-11 बजे तक सप्लाई के सुचारु होने की उम्मीद है। बाकी रोजा फीडर को शाम 5.45 बजे चालू कर मधुवन कालोनी, इंदिरा चौक आदि को सप्लाई सुचारु कर दी गई।
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-छैल बिहारी, उपखंड अधिकारी पनबाड़ी उपकेंद्र
पेयजलापूर्ति प्रभावित होने से लोग दुखी
शहर के तमाम लोग नगर पालिका परिषद की जलापूर्ति पर ही आश्रित रहते हैं, लेकिन तीन दिन से बिजली न मिलने के कारण पेयजलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। इसके चलते उन लोगों को पीने के पानी को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालांकि पालिका प्रशासन का कहना है कि उसने जनरेटरों के जरिए जलापूर्ति की गई है। पालिका का प्रयास है कि सभी लोगों को भरपूर मात्रा में पानी मिल सके।
इन्वर्टर भी नहीं कर पा रहे है बैट्री चार्ज
तीन दिन से बिजली के गुल होने से लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर भी शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों का कहना है कि जब लाइट ही नहीं मिल रही है तो इन्वर्टर कैसे बैटरियों को चार्ज कर सकते हैं। बैटरियों की ग्रेविटी भी गिर चुकी है, उसे उठाने को आठ से दस घंटे लगातार सप्लाई की जरूरत होगी।
खूब चल रहे हैं जेनरेटर
बिजली न मिलने के कारण सरकारी और अर्द्धसरकारी दफ्तरों, बैंकों आदि में तीन दिन से अधिकांश समय जेनरेटरों की आवाज सुनाई दी है।