फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   gangreap

वीरपाल के पैंतरों के आगे तीन जिलों की पुलिस पस्त

Sun, 11 Jan 2015 12:21 AM IST
Updated Sun, 11 Jan 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन

किशोरी को अगवा कर मूसाझाग थाने में गैंगरेप करने के आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव से तीन जिलों की पुलिस हार मान कर हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई है। पत्नी, साली, बेटे और साढ़ूू के पुलिस के पास होने के कारण उसके ज्यादातर रिश्तेदारों ने अपने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए हैं। सरेंडर अर्जी डालने के बाद पुलिस को अब उसके हाजिर होने का ही इंतजार है। सूचना मिली है कि वीरपाल भेष बदलकर कचहरी जा सकता है। बुर्के में उसे अदालत तक ले जाने की प्लानिंग की जा रही है। आईजी विजय सिंह मीना ने बताया कि टीमें लगाकर वीरपाल की तलाश की जा रही है। सोमवार को वह हाजिर होने की प्लानिंग कर रहा है। इससे पहले ही उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञापन

वीरपाल की सियासी लोग अब भी मदद कर रहे हैं। यही वजह है कि बदायूं के अलावा बरेली और शाहजहांपुर की पुलिस उसे पकड़ने की प्लानिंग में कामयाब नहीं हो पा रही है। दो दिन पहले पुलिस वीरपाल पर दबाव बनाने के लिए निगोही इलाके के उसकी पत्नी, बेटे, साढ़ूू और साली को पकड़ लाई थी लेकिन इसके बाद भी वह कमजोर नहीं पड़ा। शुक्रवार को वह बदायूं आया और चार घंटे रुकने के बाद चला भी गया। पुलिस को अब उसकी नई लोकेशन बरेली के आसपास मिल रही है। कोर्ट ने इसकी अर्जी पर सुनवाई के लिए 12 जनवरी की तारीख तय कर दी। अनुमान लगाया जा रहा है कि वह हर हाल कोर्ट में हाजिर होना चाहता है। इसीलिए वह बरेली और बदायूं में घूम रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी को जिले के एक नेता का संरक्षण है। बरेली के एक बड़े नेता भी वीरपाल के करीबी रिश्तेदार हैं। वह भी उसकी लगातार मदद कर रहे हैं।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक वीरपाल की पत्नी अपना मोबाइल निगोही में ही छोड़ आई है। शुक्रवार को उनके एक रिश्तेदार का उसके  नंबर पर फोन आया तो उठ गया। फोन करने वाले ने बात शुरू होते ही पहला सवाल किया, बरखेड़ा वालों का क्या रहा। इस पर फोन रिसीव करने वाले ने उन्हें बुरी तरह हड़काकर चुप रहने हिदायत दी और फोन काट दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुर्की से बचने के लिए दी सरेंडर अर्जी
बदायूं। कानून के जानकारों की मानें तो वीरपाल ने कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में सरेंडर अर्जी दी है। वीरपाल लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। मामले के विवेचक एसओ मूसाझाग अशोक कुमार इसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की वारंट जारी करने की कोशिश में लगे हुए थे। अगर आरोपी की ओर से कोर्ट में सरेंडर अर्जी दे दी जाती है तो कोर्ट कुर्की की कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed