{"_id":"5aea1a094f1c1ba0098b7abc","slug":"gangrape-victim-fears-from-culprits","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट में फफक पड़ी गैंगरेप पीड़िता, कहा - साहब उनसे डर लगता है ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोर्ट में फफक पड़ी गैंगरेप पीड़िता, कहा - साहब उनसे डर लगता है
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Thu, 03 May 2018 01:35 AM IST
विज्ञापन
डेढ़ साल पहले गैंगरेप की शिकार हुई एक दलित किशोरी बुधवार को जब स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत में पहुंची तो फफक -फफककर रोने लगी। जज देवराज सिंह ने जब उससे कहा कि डरो मत, बताओ क्या हुआ तो उसने कहा कि आरोपी उसे धमका रहे हैं कि यदि उनके पक्ष में गवाही न दी तो उसे मार देंगे। इस पर कोर्ट ने पुलिस को उसे सुरक्षा के साथ घर पहुंचवाने का आदेश दिया।
करीब डेढ़ साल पहले थाना हजरतपुर क्षेत्र में दलित नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके दो आरोपी सलाखों के पीछे हैं जबकि तीसरा आरोपी जमानत पर है। आज इसी मामले में गवाही होनी थी। पीड़िता को उसके पिता कोर्ट लेकर पहुंचे। पिता के भी बयान होने थे। जिस वक्त पीड़िता को कोर्ट के अंदर बुलाया गया, तभी वह जोर से रोने लगी। स्पेशल जज के पूछने पर उसने डर की वजह बताई। बाद में पीड़िता के पिता ने कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराया। कहा कि वह अपने जानमाल को लेकर चिंतित हैं। यदि पुलिस थोड़ी भी लापरवाह रही तो आरोपी उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं। उसकी बात सुनने के बाद स्पेशल जज देवराज प्रसाद सिंह ने पीड़िता के पिता के बयान लेने के बाद दोनों को थाना सिविल लाइंस भिजवाया। एसओ हजरतपुर को एक पत्र लिखा कि पीड़ित पक्ष को सुरक्षित घर भिजवाया जाए। गुरुवार को प्रात: 11 बजे पुलिस सुरक्षा में फिर से यहां से भिजवाया जाए। यह जानकारी जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता बिलाल उद्दीन ने दी।
मालूम हो कि 14 नवंबर 2016 को पीड़िता घर के बाहर गई थी, तभी मुकेश और सर्वेश ने उसे खेत में ले जाकर उससे गैंगरेप किया था। इस घटना के दो आरोपी जेल में हैं, जबकि तीसरा आरोपी रामसहाय का नाम विवेचना में सामने आया है। तीनों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें रामसहाय जमानत पर छूटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब डेढ़ साल पहले थाना हजरतपुर क्षेत्र में दलित नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके दो आरोपी सलाखों के पीछे हैं जबकि तीसरा आरोपी जमानत पर है। आज इसी मामले में गवाही होनी थी। पीड़िता को उसके पिता कोर्ट लेकर पहुंचे। पिता के भी बयान होने थे। जिस वक्त पीड़िता को कोर्ट के अंदर बुलाया गया, तभी वह जोर से रोने लगी। स्पेशल जज के पूछने पर उसने डर की वजह बताई। बाद में पीड़िता के पिता ने कोर्ट को पूरे मामले से अवगत कराया। कहा कि वह अपने जानमाल को लेकर चिंतित हैं। यदि पुलिस थोड़ी भी लापरवाह रही तो आरोपी उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं। उसकी बात सुनने के बाद स्पेशल जज देवराज प्रसाद सिंह ने पीड़िता के पिता के बयान लेने के बाद दोनों को थाना सिविल लाइंस भिजवाया। एसओ हजरतपुर को एक पत्र लिखा कि पीड़ित पक्ष को सुरक्षित घर भिजवाया जाए। गुरुवार को प्रात: 11 बजे पुलिस सुरक्षा में फिर से यहां से भिजवाया जाए। यह जानकारी जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता बिलाल उद्दीन ने दी।
विज्ञापन
मालूम हो कि 14 नवंबर 2016 को पीड़िता घर के बाहर गई थी, तभी मुकेश और सर्वेश ने उसे खेत में ले जाकर उससे गैंगरेप किया था। इस घटना के दो आरोपी जेल में हैं, जबकि तीसरा आरोपी रामसहाय का नाम विवेचना में सामने आया है। तीनों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें रामसहाय जमानत पर छूटा है।
विज्ञापन