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फर्जी मुकदमा कराने वालों पर 182 की कार्रवाई
badaun
Updated Tue, 24 Feb 2015 12:58 AM IST
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उघैती थाने के एक गांव में गैंगरेप और डकैती कांड को पुलिस ने एक्सपंज कर दिया है। विवेचना के दौरान कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला जिससे साबित हो कि इस तरह की कोई घटना घटित हुई है। मामले की विवेचना कर रहे एसओ उघैती दिनेश सिंह ने एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में फर्जी मुकदमा दर्ज कराने और गवाही देने वालों के खिलाफ धारा 128 की कार्रवाई के लिए चालान दाखिल कर दिया है। गैंगरेप और डकैती के इस मामले में उघैती थाने के दो सिपाहियों समेत पांच आरोपी थे।
उघैती थाने के एक गांव की महिला ने आरोप लगाया था राजेश, रोहिताश, महेश समेत थाने के सिपाही लक्ष्मी, महेश और दो अज्ञात 31 जनवरी की रात उसके घर में घुस आए थे। इन लोगों ने घर में लूटपाट और उसके साथ गैंगरेप किया। डेढ़ साल से लापता चल रही संगीना नाम की महिला को मामले में गवाह बनाया गया था। गैंगरेप और डकैती जैसे संगीन आरोप पर पुलिस दवाब में आ गई और मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोप लगाने वाली महिला को मेडिकल के लिए भेजा तो उसने मेडिकल नहीं कराया। बाद में इस महिला ने 164 के बयान में भी रेप की बात से इंकार कर दिया था। एसओ उघैती दिनेश सिंह ने बताया कि विवेचना में मामला पूरी तरह से फर्जी पाया गया है। कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला जिससे साबित हो कि कोई घटना हुई है। इसे एक्सपंज कर दिया गया है। कोर्ट में चालान दाखिल करके मुकदमा दर्ज कराने वाले पति-पत्नी और गवाह के खिलाफ 182 की कार्रवाई के लिए कहा गया है।
मामला प्रथम दृष्टया ही फर्जी था। जिन लोगों ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर गुमराह करने की कोशिश की है उनके खिलाफ 182 की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।-बालेंदुभूषण सिंह, एसपी देहात
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उघैती थाने के एक गांव की महिला ने आरोप लगाया था राजेश, रोहिताश, महेश समेत थाने के सिपाही लक्ष्मी, महेश और दो अज्ञात 31 जनवरी की रात उसके घर में घुस आए थे। इन लोगों ने घर में लूटपाट और उसके साथ गैंगरेप किया। डेढ़ साल से लापता चल रही संगीना नाम की महिला को मामले में गवाह बनाया गया था। गैंगरेप और डकैती जैसे संगीन आरोप पर पुलिस दवाब में आ गई और मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोप लगाने वाली महिला को मेडिकल के लिए भेजा तो उसने मेडिकल नहीं कराया। बाद में इस महिला ने 164 के बयान में भी रेप की बात से इंकार कर दिया था। एसओ उघैती दिनेश सिंह ने बताया कि विवेचना में मामला पूरी तरह से फर्जी पाया गया है। कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला जिससे साबित हो कि कोई घटना हुई है। इसे एक्सपंज कर दिया गया है। कोर्ट में चालान दाखिल करके मुकदमा दर्ज कराने वाले पति-पत्नी और गवाह के खिलाफ 182 की कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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मामला प्रथम दृष्टया ही फर्जी था। जिन लोगों ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर गुमराह करने की कोशिश की है उनके खिलाफ 182 की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।-बालेंदुभूषण सिंह, एसपी देहात
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