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आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो उसावां।
Updated Sat, 06 May 2017 11:41 PM IST
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ध्ामाका
- फोटो : अमर उजाला
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- उसावां के वार्ड नंबर दो में शनिवार सुबह हादसा
- एसडीएम और सीओ ने मौका मुआयना कर जानकारी ली
कस्बे के वार्ड नंबर दो में गूरा बाईपास के निकट शनिवार सुबह आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट हो गया। इसमें आतिशबाजी बना रहे दो लड़के बुरी तरह से झुलस गए। जिसमें एक की बाद में बरेली के जिला अस्पताल में मौत हो गई। खबर मिलने पर एसडीएम दातागंज रणविजय सिंह और सीओ प्रशांत कुमार ने मौका मुआयना किया। मामले में पुलिस पड़ताल कर रही है।
वार्ड नंबर दो में आतिशबाज वीर सहाय का आतिशबाजी बनाने का अड्डा है। शनिवार को सुबह यहां खुली हुई जगह में सुमित (17) पुत्र वीर सहाय और अवनीश (18) पुत्र रंगीले आतिशबाजी बना रहे थे। दोनों लड़के अनार में बारूद भर रहे थे। इसी दौरान बारूद में विस्फोट हो गया। गनीमत रही कि मौके पर आतिशबाजी का ज्यादा सामान नहीं था। बारूद से सुमित और अवनीश झुलस गए। इन दोनों को सीएचसी लाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। धमाका होने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। वहां से इन्हें बरेली के जिला अस्पताल भेजा गया, जहां अवनीश की मौत गई। सूचना पर प्रभारी एसओ वीरेश शुक्ला फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मामले में पड़ताल की जा रही है। वीर सहाय का कहना है कि वह लाइसेंसधारी आतिशबाज है। इधर, सूचना मिलने पर एसडीएम दातागंज रणविजय सिंह और सीओ प्रशांत कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। आतिशबाज वीर सहाय मूल रूप से थाना क्षेत्र के गांव नगरिया चिकन का निवासी है। करीब 20 साल पहले वह उसावां कस्बे में आकर परिवार के साथ बस गया था।
- ज्यादा आतिशबाज नहीं करते लाइसेंस शर्तों का पालन
- जिले में पहले भी होते रहे हैं इस तरह का हादसे
आतिशबाजी बेचने और रखने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। प्रभारी अधिकारी आयुध को लाइसेंस जारी करने का अधिकार होता है। इसके साथ ही आतिशबाजों के लिए कुछ नियम और शर्तें तय होती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में ज्यादातर आतिशबाज लाइसेंस शर्तों का पालन ही नहीं करते। आतिशबाजी की दुकान या गोदाम आबादी से दूर होने चाहिए। इसके साथ ही यहां अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम भी शर्तों में शामिल है। आतिशबाज को पांच किलो तक कच्चा माल और 10 से 15 किलो तैयार आतिशबाजी रखने का अधिकार एक लाइसेंस पर होता है। इसके बावजूद कई आतिशबाज इससे ज्यादा माल का स्टॉक रखते हैं। उसावां में हुआ हादसा पहली बार नहीं है। जिले में इससे पहले भी आतिशबाजी की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। हादसे के बाद कुछ दिन तक प्रशासन अभियान चलाता है। बाद में सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है।
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- अलापुर में चार साल पहले धमाके में हुई थी चार की मौत
- जबरदस्त धमाके के चार इमारतों के भी उड़ गए थे परखचे
करीब चार साल पहले अलापुर में आतिशबाज के गोदाम में विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इस धमाके की वजह से आस-पास के चार भवनों के भी परखचे उड़ गए थे। इतनी बढ़ी घटना के बाद कुछ दिन तक प्रशासन ने सक्रियता बरती, लेकिन बाद में सब पुराने ढर्रे पर आ गया।
अलापुर कस्बे में श्यामलाल नाम के आतिशबाज के पास लाइसेंस है। चार साल पहले श्यामलाल के पटाखा गोदाम में धमाका हो गया था। इसमें श्यामलाल के नौकर वसीम की मौके पर मौत हो गई। बाद में श्यामलाल के नाती पारस समेत तीन लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। उसावां में हुए धमाके के बाद एक बार फिर से पुलिस-प्रशासन आतिशबाजी के लाइसेंसों को लेकर सक्रिय हो गया है। सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी आयुध श्रीराम यादव का कहना है कि पूरे जिले में अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले आतिशबाजों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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- एसडीएम और सीओ ने मौका मुआयना कर जानकारी ली
कस्बे के वार्ड नंबर दो में गूरा बाईपास के निकट शनिवार सुबह आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट हो गया। इसमें आतिशबाजी बना रहे दो लड़के बुरी तरह से झुलस गए। जिसमें एक की बाद में बरेली के जिला अस्पताल में मौत हो गई। खबर मिलने पर एसडीएम दातागंज रणविजय सिंह और सीओ प्रशांत कुमार ने मौका मुआयना किया। मामले में पुलिस पड़ताल कर रही है।
वार्ड नंबर दो में आतिशबाज वीर सहाय का आतिशबाजी बनाने का अड्डा है। शनिवार को सुबह यहां खुली हुई जगह में सुमित (17) पुत्र वीर सहाय और अवनीश (18) पुत्र रंगीले आतिशबाजी बना रहे थे। दोनों लड़के अनार में बारूद भर रहे थे। इसी दौरान बारूद में विस्फोट हो गया। गनीमत रही कि मौके पर आतिशबाजी का ज्यादा सामान नहीं था। बारूद से सुमित और अवनीश झुलस गए। इन दोनों को सीएचसी लाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। धमाका होने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। वहां से इन्हें बरेली के जिला अस्पताल भेजा गया, जहां अवनीश की मौत गई। सूचना पर प्रभारी एसओ वीरेश शुक्ला फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मामले में पड़ताल की जा रही है। वीर सहाय का कहना है कि वह लाइसेंसधारी आतिशबाज है। इधर, सूचना मिलने पर एसडीएम दातागंज रणविजय सिंह और सीओ प्रशांत कुमार ने भी मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। आतिशबाज वीर सहाय मूल रूप से थाना क्षेत्र के गांव नगरिया चिकन का निवासी है। करीब 20 साल पहले वह उसावां कस्बे में आकर परिवार के साथ बस गया था।
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- ज्यादा आतिशबाज नहीं करते लाइसेंस शर्तों का पालन
- जिले में पहले भी होते रहे हैं इस तरह का हादसे
आतिशबाजी बेचने और रखने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। प्रभारी अधिकारी आयुध को लाइसेंस जारी करने का अधिकार होता है। इसके साथ ही आतिशबाजों के लिए कुछ नियम और शर्तें तय होती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में ज्यादातर आतिशबाज लाइसेंस शर्तों का पालन ही नहीं करते। आतिशबाजी की दुकान या गोदाम आबादी से दूर होने चाहिए। इसके साथ ही यहां अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम भी शर्तों में शामिल है। आतिशबाज को पांच किलो तक कच्चा माल और 10 से 15 किलो तैयार आतिशबाजी रखने का अधिकार एक लाइसेंस पर होता है। इसके बावजूद कई आतिशबाज इससे ज्यादा माल का स्टॉक रखते हैं। उसावां में हुआ हादसा पहली बार नहीं है। जिले में इससे पहले भी आतिशबाजी की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। हादसे के बाद कुछ दिन तक प्रशासन अभियान चलाता है। बाद में सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है।
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- अलापुर में चार साल पहले धमाके में हुई थी चार की मौत
- जबरदस्त धमाके के चार इमारतों के भी उड़ गए थे परखचे
करीब चार साल पहले अलापुर में आतिशबाज के गोदाम में विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इस धमाके की वजह से आस-पास के चार भवनों के भी परखचे उड़ गए थे। इतनी बढ़ी घटना के बाद कुछ दिन तक प्रशासन ने सक्रियता बरती, लेकिन बाद में सब पुराने ढर्रे पर आ गया।
अलापुर कस्बे में श्यामलाल नाम के आतिशबाज के पास लाइसेंस है। चार साल पहले श्यामलाल के पटाखा गोदाम में धमाका हो गया था। इसमें श्यामलाल के नौकर वसीम की मौके पर मौत हो गई। बाद में श्यामलाल के नाती पारस समेत तीन लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। उसावां में हुए धमाके के बाद एक बार फिर से पुलिस-प्रशासन आतिशबाजी के लाइसेंसों को लेकर सक्रिय हो गया है। सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी आयुध श्रीराम यादव का कहना है कि पूरे जिले में अभियान चलाकर चेकिंग की जाएगी। नियमों का पालन न करने वाले आतिशबाजों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।