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...अधूरी रह गई फिल्मों में ढोलक बजाने की तमन्ना
बदायूं।
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:13 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
नामचीन ढोलक वादक और भाजपा कार्यकर्ता थे सुशील कुमार
रविवार रात बरेली के आंवला में हुए अग्निकांड में चली गई जान
कठौली गांव निवासी सुशील कुमार सिंह जिले के नामचीन ढोलक वादक थे। वह अपनी इस कला को फिल्मों के जरिए देश और दुनिया के सामने पेश करना चाहते थे, लेकिन रविवार रात बरेली के आंवला इलाके में हुए हादसे से उनकी यह तमन्ना अधूरी रह गई। सोमवार तड़के उनका शव घर ले जाया गया तो परिवार में कोहराम मच गया।
यहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कठौली के रहने वाला 28 वर्षीय सुशील कुमार सिंह उर्फ साधू गढ़ी रिसौली गांव के प्रमोद प्रेमी की जागरण पार्टी में ढोलक बजाते थे। वह भाजपा को सक्रिय कार्यकर्ता भी थे। शनिवार शाम वह बरेली के आंवला इलाके में आयोजित देवी जागरण में ढोलक बजाने गए थे। वहां ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से पंडाल में लगी आग की चपेट में आकर सुरेेश और उनके साथी नरेश, प्रमोद, राहुल, राजकुमार आदि झुलस गए थे। सुशील को गंभीर हालत में यहां जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सोमवार तड़के करीब चार बजे सुशील का शव उनके घर कठौली गांव ले जाया गया तो परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया।
परिवार वालों के मुताबिक सुशील को बचपन से ढोलक बजाने का शौक था। समझदार होने पर उन्होंने जिले के नामचीन ढोलक वादक श्यामलाल को अपना उस्ताद बनाया। श्यामलाल यूपी के अलावा दूसरे प्रदेशों की नाटक कंपनियों में ढोलक बजा चुके थे। उनके बाद सुशील जिले के नंबर वन ढोलक बजाने वाले बन गए। वह अपना और गुरु का नाम रोशन करने के लिए फिल्मों में ढोलक बजाना चाहते थे। वह ऐसे व्यक्ति की तलाश में थे, जो उन्हें मुंबई में सही मुकाम दिला सके। दोस्तों की माने तो उन्होंने कई बार शाहजहांपुर निवासी फिल्मी अभिनेता राजपाल यादव से मदद के लिए संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन बदकिस्मती से मुलाकात नहीं हो सकी।
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परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे भाजपाई
सुशील कुमार भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता था। सोमवार को हादसे का पता लगने पर बिल्सी विधायक आरके शर्मा, पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष गंगाशरण शर्मा, भाजपा के मंडल मंत्री प्रशांत शरण शर्मा समेत कई भाजपाई सुशील के घर उनके परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
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डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
रामवीर चंदेल के पांच बेटों में सुशील कुमार तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े भाई पप्पू, दूसरे नंबर के सुनील और छोटे हरेंद्र व नरेंद्र हैं। करीब डेढ़ साल पहले उनकी शादी निशा सिंह से हुई थी। सुरेश के अभी कोई संतान नहीं है।
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रविवार रात बरेली के आंवला में हुए अग्निकांड में चली गई जान
कठौली गांव निवासी सुशील कुमार सिंह जिले के नामचीन ढोलक वादक थे। वह अपनी इस कला को फिल्मों के जरिए देश और दुनिया के सामने पेश करना चाहते थे, लेकिन रविवार रात बरेली के आंवला इलाके में हुए हादसे से उनकी यह तमन्ना अधूरी रह गई। सोमवार तड़के उनका शव घर ले जाया गया तो परिवार में कोहराम मच गया।
यहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कठौली के रहने वाला 28 वर्षीय सुशील कुमार सिंह उर्फ साधू गढ़ी रिसौली गांव के प्रमोद प्रेमी की जागरण पार्टी में ढोलक बजाते थे। वह भाजपा को सक्रिय कार्यकर्ता भी थे। शनिवार शाम वह बरेली के आंवला इलाके में आयोजित देवी जागरण में ढोलक बजाने गए थे। वहां ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से पंडाल में लगी आग की चपेट में आकर सुरेेश और उनके साथी नरेश, प्रमोद, राहुल, राजकुमार आदि झुलस गए थे। सुशील को गंभीर हालत में यहां जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सोमवार तड़के करीब चार बजे सुशील का शव उनके घर कठौली गांव ले जाया गया तो परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया।
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परिवार वालों के मुताबिक सुशील को बचपन से ढोलक बजाने का शौक था। समझदार होने पर उन्होंने जिले के नामचीन ढोलक वादक श्यामलाल को अपना उस्ताद बनाया। श्यामलाल यूपी के अलावा दूसरे प्रदेशों की नाटक कंपनियों में ढोलक बजा चुके थे। उनके बाद सुशील जिले के नंबर वन ढोलक बजाने वाले बन गए। वह अपना और गुरु का नाम रोशन करने के लिए फिल्मों में ढोलक बजाना चाहते थे। वह ऐसे व्यक्ति की तलाश में थे, जो उन्हें मुंबई में सही मुकाम दिला सके। दोस्तों की माने तो उन्होंने कई बार शाहजहांपुर निवासी फिल्मी अभिनेता राजपाल यादव से मदद के लिए संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन बदकिस्मती से मुलाकात नहीं हो सकी।
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परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे भाजपाई
सुशील कुमार भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता था। सोमवार को हादसे का पता लगने पर बिल्सी विधायक आरके शर्मा, पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक, भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष गंगाशरण शर्मा, भाजपा के मंडल मंत्री प्रशांत शरण शर्मा समेत कई भाजपाई सुशील के घर उनके परिवारीजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
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डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
रामवीर चंदेल के पांच बेटों में सुशील कुमार तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े भाई पप्पू, दूसरे नंबर के सुनील और छोटे हरेंद्र व नरेंद्र हैं। करीब डेढ़ साल पहले उनकी शादी निशा सिंह से हुई थी। सुरेश के अभी कोई संतान नहीं है।