{"_id":"57e7e1504f1c1bf60a573d3f","slug":"death-in-custody-in-the-case-of-five-clean-chit-to-policemen","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिरासत में मौत मामले में पांच पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हिरासत में मौत मामले में पांच पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
दो दरोगा, दो कांस्टेबल और एक होमगार्ड पर था आरोप
आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत मामले में आरोपी पांच पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट मिल गई है। मामले में जांच के बाद पुलिस महकमे ने इस संबंध में रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेज दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस कर्मियों की नामजदगी गलत थी। हरमेश को जब पुलिस ने हिरासत में लिया, उस वक्त वह जख्मी था। उसको अस्पताल भेजा जा रहा था। इससे पहले उसने दम तोड़ दिया।
बिसौली कोतवाली के गांव सलेमपुर निवासी हरमेश पुत्र शंकर लाल के खिलाफ गांव के ही बुद्धसेन ने 31 मार्च 2014 को भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने हरमेश को गिरफ्तार कर लिया। एक अप्रैल 2014 को उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इससे गुस्साए गांव के लोगों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करने के साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था।
मामले में तत्कालीन प्रभारी कोतवाल ब्रजेश यादव की ओर से एसआई मनोज कुमार, गौरव त्यागी, कांस्टेबल विकास यादव, प्रशांत और होमगार्ड मोहकम सिंह के खिलाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। सभी को सस्पेंड कर दिया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। हरमेश के परिवार के लोगों ने मानवाधिकार आयोग से पूरे प्रकरण की शिकायत की। करीब दो साल की जांच के बाद रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेज दी गई है। सीओ बिसौली राजवीर सिंह की जांच रिपोर्ट में पांचों पुलिस कर्मियों को क्लीनचिट देते हुए हरमेश मामले में उनकी नामजदगी को झूठा बताया गया है।
विज्ञापन
-----
बुद्धसेन पक्ष पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
बदायूं। मानवाधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हरमेश के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज कराने वाले बुद्धसेन ने राजवीर और मुकेश के साथ मिलकर हरमेश को पीटा था। इसमें वह जख्मी को गया था। हरमेश पुलिस हिरासत में जरूर था, लेकिन उसे अस्पताल भेजा जा रहा था। जांच में पाया गया कि बुद्धसेन पक्ष ने हरमेश की गैर इरादतन हत्या की है। ऐसे में बुद्धसेन, मुकेश और राजवीर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाया जा रहा है।
------
मामला मेरे समय का नहीं है। इस बारे में जानकारी जुटाने के बाद ही मैं कुछ कह सकता हूं। जांच के बाद पूरा मामला खत्म हो चुका है, तो इस पर ज्यादा कुछ कहने की जरूरत भी नहीं लगती।
-संजय राय, एसपी देहात
दो दरोगा, दो कांस्टेबल और एक होमगार्ड पर था आरोप
आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत मामले में आरोपी पांच पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट मिल गई है। मामले में जांच के बाद पुलिस महकमे ने इस संबंध में रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेज दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस कर्मियों की नामजदगी गलत थी। हरमेश को जब पुलिस ने हिरासत में लिया, उस वक्त वह जख्मी था। उसको अस्पताल भेजा जा रहा था। इससे पहले उसने दम तोड़ दिया।
बिसौली कोतवाली के गांव सलेमपुर निवासी हरमेश पुत्र शंकर लाल के खिलाफ गांव के ही बुद्धसेन ने 31 मार्च 2014 को भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने हरमेश को गिरफ्तार कर लिया। एक अप्रैल 2014 को उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इससे गुस्साए गांव के लोगों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कई घंटे तक मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे जाम रहा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव करने के साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था।
विज्ञापन
मामले में तत्कालीन प्रभारी कोतवाल ब्रजेश यादव की ओर से एसआई मनोज कुमार, गौरव त्यागी, कांस्टेबल विकास यादव, प्रशांत और होमगार्ड मोहकम सिंह के खिलाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। सभी को सस्पेंड कर दिया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। हरमेश के परिवार के लोगों ने मानवाधिकार आयोग से पूरे प्रकरण की शिकायत की। करीब दो साल की जांच के बाद रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को भेज दी गई है। सीओ बिसौली राजवीर सिंह की जांच रिपोर्ट में पांचों पुलिस कर्मियों को क्लीनचिट देते हुए हरमेश मामले में उनकी नामजदगी को झूठा बताया गया है।
विज्ञापन
-----
बुद्धसेन पक्ष पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा
बदायूं। मानवाधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हरमेश के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज कराने वाले बुद्धसेन ने राजवीर और मुकेश के साथ मिलकर हरमेश को पीटा था। इसमें वह जख्मी को गया था। हरमेश पुलिस हिरासत में जरूर था, लेकिन उसे अस्पताल भेजा जा रहा था। जांच में पाया गया कि बुद्धसेन पक्ष ने हरमेश की गैर इरादतन हत्या की है। ऐसे में बुद्धसेन, मुकेश और राजवीर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलाया जा रहा है।
------
मामला मेरे समय का नहीं है। इस बारे में जानकारी जुटाने के बाद ही मैं कुछ कह सकता हूं। जांच के बाद पूरा मामला खत्म हो चुका है, तो इस पर ज्यादा कुछ कहने की जरूरत भी नहीं लगती।
-संजय राय, एसपी देहात