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हत्यारोपी पिता-पुत्र और तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास
अमर उजाला, बदायूं
Updated Wed, 23 Sep 2015 11:51 PM IST
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यह घटना थाना अलापुर क्षेत्र के गांव ईकरी में वर्ष 2011 में दिसंबर माह में घटी थी। गांव निवासी वादी बुंदा खां पुत्र नन्हें खां ने पुलिस को तहरीर दी थी कि दो दिन पहले उसी के गांव का अतीक पुत्र फुरखंद उनके खेत में खड़ी फसल में अपनी बकरियों को चरा रहा था। विरोध करने पर वह झगड़े पर उतारू हो गया। तब गांव वालों ने हस्तक्षेप कर फैसला करा दिया, लेकिन अतीक इसी बात को लेकर रंजिश मानने लगा था। बुंदा ने कहा कि पांच दिसंबर 2011 को शाम छह बजे उनका पुत्र लालू मोहर्रम के ताजिये देखने जा रहा था। जब वह शकील के घर के पास पहुंचा तो पहले से घात लगाए बैठे अतीक खां, नबाव खां, भूरे खां पुत्रगण फुरखंद अली तथा वाजिद खां पुत्र तुफैल खां, गुड्डू खां उर्फ साजिद खां पुत्र वाजिद खां ने लालू को घेर लिया। भूरे, नबाव तथा वाजिद ने उनके पुत्र को पकड़ लिया। अतीक ने पौनिया था गुड्डू ने तमंचे से एक-एक गोली लालू के सीने पर मारी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तभी से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। आज इसका फैसला सुनाया जाना था। दोनों पक्षों के लोग भारी संख्या में कोर्ट परिसर में मौजूद थे। स्पेशल जज ई.सी.एक्ट विकास कुमार ने जैसे ही अपना फैसला सुनाया कि आरोपी पांचों लोगों को आजीवन कारावास के साथ ही चार पर 25-25 हजार और एक पर 28 हजार रुपये जुर्माना ठोंका गया है। तैसे ही आरोपियों के परिजनों और उनके अन्य संबंधियों के चेहरों पर उदासी छा गई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मुकेश यादव ने जोरदार पैरवी की थी।
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