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सीबीआई का डेरा: डबल मर्डर और अपहरण की जांच तेज
ब्यूरो /बदायूं
Updated Thu, 25 May 2017 12:12 AM IST
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चर्चित रिटायर्ड इंजीनियर दंपति मर्डर केस और इस्लामनगर थाने के गांव सिठौली से उमेश यादव अपहरण कांड की जांच कर रही सीबीआई की विशेष अपराध शाखा की एक टीम बुधवार को बदायूं पहुंच गई। इन दोनों मामलों में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। जांच अधिकारी सीबीआई के डीएसपी वी दीक्षित ने टीम के साथ बुधवार को यहां दोनों मसलों पर गहन मंत्रणा की। सूत्रों की मानें तो दोनों ही मामलों में कुछ अहम क्लू मिले हैं। शहर कोतवाली के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर 75 वर्षीय विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी 70 साल की सन्नो गुप्ता के शव आठ अप्रैल 2015 की रात घर की रसोई में मिले थे। उनकी चाकुओं और नुकीली रॉड से गोदकर हत्या की गई थी। इस पेंचीदा मर्डर मिस्ट्री के वर्कआउट को एसटीएफ समेत पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया। कातिलों की सुरागरसी के लिए फिंगर प्रिंट और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी जुटे। दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस के फेल होने पर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की। सितंबर 2016 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। मामले में सीबीआई की जांच अब तेज होती जा रही है। दूसरा मामला इस्लामनगर थाने के गांव सिठौली का है। यहां से अगवा उमेश यादव के मामले में भी सीबीआई जांच कर रही है। उमेश यादव पुत्र चंद्रपाल 31 जुलाई 2014 को लापता हो गया था। उमेश के पिता चंद्रपाल का गांव के ही मनफूल यादव से जमीन को लेकर विवाद था। गांव के भूदेव की 52 बीघा जमीन मनफूल खरीदना चाहता था। इसमें से 26 बीघा जमीन उमेश के पिता चंद्रपाल ने खरीद ली थी। मनफूल के परिवार और रिश्तेदारी में कई लोग पुलिस में ऊंचे ओहदों पर थे। जमीन के इस विवाद में 2002 में मनफूल पक्ष के रघुवीर की हत्या कर दी गई थी। हत्या के इस मामले में चंद्रपाल और उमेश को कोर्ट ने सजा सुनाई थी। बाद में दोनों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। 31 जुलाई 2014 को उमेश लापता हो गया। उमेश की मां सत्यवती ने थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। बाद में कोर्ट के आदेश पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। विवेचना और कार्रवाई में लापरवाही पर सत्यवती ने हाईकोर्ट की शरण ली। फरवरी 2016 में हाईकोर्ट ने मामले में जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। इस मामले में भी सीबीआई की विशेष अपराध शाखा जांच कर रही है।
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