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सड़क हादसा: अपनी चोट भूल मां बाप की तलाश कर रहीं ढाई वर्षीय जुड़वां छोटू-बिट्टू

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:42 AM IST
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Road Accident: Two-and-a-half-year-old twins Chhotu and Bittu are searching for their parents, forgetting their own injuries
मुदित गौड़
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खुर्जा। अपनी चोट का दर्द भूलकर ढाई वर्षीय जुड़वां बहनें छोटू व बिट्टू अपनी मां बबली (35) और पिता रिंकू उर्फ नीरज को अस्पताल में तलाश रही हैं। रोते-रोते वह केवल मम्मी और पापा पुकार रही हैं। रोती बिलखती बुआ प्रवीन दोनों बेटियों को गले लगाकर बस शांत करने के प्रयास में लगी है, लेकिन उनको क्या समझाएं कि अब उनकी मां कभी नहीं आएगी।

जनपद एटा के नगला सेवा निवासी प्रवीन ने बताया कि उनके पति रजनेश गुरूग्राम में सुरक्षाकर्मी का काम करते हैं। जहां वह पति रजनेश और बेटी निधि के साथ रहती हैं। वहीं, उनके चचेरे भाई मूलरूप से एटा जनपद के पिलुआ निवासी रिंकू उर्फ नीरज भी गुरूग्राम में रहते हैं और चालक की नौकरी करते हैं। रक्षा बंधन मनाने के लिए बृहस्पतिवार को प्रवीन, उनकी बेटी निधि, भाई नीरज, भाभी बबली और उनकी जुड़वां बेटी बिट्टू व छोटू सभी लोग एटा के लिए रवाना हुए थे।
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उन्होंने पहले कौशांबी बस डिपो से कानपुर जाने वाली बस पकड़ी। इसमें भाई व भाभी बच्चों के साथ चालक की विपरीत दिशा में दूसरे नंबर की सीट पर बैठे थे। वह उनकी दूसरी तरफ अपनी बेटी के साथ बैठीं थीं। रात के सफर होेने के चलते बस में सभी लोग सो रहे थे। उनकी भी आंख लग गई, तभी चीख पुकार के साथ आंख खुली तो भाभी बबली में बस का एक हिस्सा फंस गया था और भाई नीरज की गर्दन में पाइप घुस गया। दोनों बच्चे वहीं पर पड़े रो रहे थे। तभी पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
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जहां कैलाश अस्पताल में गंभीर हालत में भाभी बबली आईसीयू में ले गए। भाई नीरज को एमडी हॉस्पिटल ले जाया गया। उन्होंने ही दोनों बेटियों को संभाला। थोड़ी देर बाद चिकित्सकों ने भाभी की मौत की जानकारी दी। वहीं बेटियां भूखी प्यासी बिलख रही थीं और मां को पुकार रही थीं। ऐसे में उनको क्या समझाऊं की बेटा अब मां नहीं आएंगी। वहीं उनके पिता को भी गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया। बच्चे पिता की भी झलक देख सके।

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दो साल पहले पिता, तीन साल पहले पत्नी की मौत, अब खुद गंभीर :-
बस में सवार घायल अमित निवासी मोहम्मदाबाद, जनपद फर्रुखाबाद ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। वर्ष 2023 में पत्नी को पैरालाइज हो गया था और मौत हो गई। वर्ष 2024 में पिता बृजपाल की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद मां मिथलेश ही गांव में रहकर उनके दोनों बेटों को पालन पोषण कर रही हैं। त्योहार पर वह अपनी बहनोंं के लिए दिल्ली से साड़ी व बेटों के लिए स्कूल के बैग लेकर जा रहे थे।

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राखी बंधने से पहले ही पांच साल के देवांश की बहन ने तोड़ा दम :-
हादसे में नौ वर्षीय राधिका की भी मौत हो गई। मूलरूप से इटावा निवासी चंदन ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करते हैं। उनकी बेटी राधिका, बेटा देवांश और पत्नी निशा सभी लोग रक्षा बंधन के चलते गांव जा रहे थे। त्योहार से पहले ही पांच साल के देवांश की बहन की मौत हो गई और परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया।
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