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भाई ने कहा, हां मैंने ही बहन को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो अलापुर/उसावां (बदायूं)।
Updated Tue, 02 May 2017 12:06 AM IST
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हत्या
- फोटो : सोशल मीडिया
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उसावां के गांव गौंतरा पट्टी भौनी में रविवार को ऑनर किलिंग का शिकार हुई किशोरी
किशोरी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
उसावां के गांव गौंतरा पट्टी भौनी में रविवार को खुशनुमा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसे मारा गया। उसके भाई ने ही गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। युवती के पिता फखरुद्दीन की तहरीर पर पुलिस ने उसके भाई नईम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
उसावां थाने के गांव गौंतरा पट्टी भौनी निवासी फखरुद्दीन की 17 वर्षीय बेटी खुशनुमा का शव रविवार को दोपहर घर के कमरे में मिला था। उसकी कनपटी पर तमंचे से गोली मारकर हत्या की गई थी। परिवार वाले पहले इसे खुदकुशी बता रहे थे। ऑनर किलिंग के शक में पुलिस ने मृतका के पिता फखरुद्दीन और भाई नईम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पहले तो दोनों खुशनुमा की मौत को खुदकुशी बताते रहे। पुलिस ने सख्ती की तो दोनों टूट गए। नईम ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मानी। इसके चलते उसने खुशनुमा की गोली मारकर हत्या कर दी। नईम के जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने फखरुद्दीन की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। आला कत्ल भी बरामद हो गया है। एसओ एनके सिंह का कहना है कि आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की काफी कोशिश की।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी मामला दबाए रही पुलिस
अलापुर। ऑनर किलिंग की वारदात रविवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे हुई थी। खबर मिलने पर गांव पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद किशोरी के पिता और भाई को भी हिरासत में ले लिया। गौर करने वाली बात यह है कि मृतका के भाई नईम ने दिन में ही अपनी जुर्म स्वीकार कर लिया था। इसके बावजूद थाना पुलिस मामले को देर रात तक दबाए रही। मामले में मुकदमा शाम को ही दर्ज कर लिया गया था।
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बहन को मारने का भाई को कोई मलाल नहीं
नईम को अपनी बहन की हत्या का कोई अफसोस नहीं है। गिरफ्तारी के बाद उसने कहा कि उसने खुुशनुमा को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। वह परिवार की बदनामी करने पर तुली हुई थी। इसको लेकर पूरा परिवार बेहद तनाव में था। सबको तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए उसने खुशनुमा को मारना ही मुनासिब समझा। नईम बोला कि उसको बहन को मारने का कोई मलाल नहीं है बल्कि वह संतुष्ट है कि उसने जो किया ठीक किया।
- तो बेटी की हत्या के मामले में बच गया पिता फखरुद्दीन
- पहले दिन पिता और भाई दोनों ही हत्या को आत्महत्या बता रहे थे
- गोली की आवाज सुनकर दूसरे मकान से पहुंचा था विकलांग पिता
- पुलिस ने सख्ती की तो टूट गया नईम, कबूल कर लिया गुनाह
उसावां थाने के गांव गौंतरा पट्टी भौनी में हुई ऑनर किलिंग की वारदात में पहले पुलिस युवती के पिता फखरुद्दीन और भाई नईम दोनों पर शक कर रही थी। दूसरे दिन भाई ने जुर्म कुबूला तो पुलिस ने सिर्फ उसे ही दोषी मानते हुए आरोपी बनाया। पिता को इस बिना पर क्लीनचिट दे दी कि वह मौके पर नहीं था। जबकि बेटे के साथ पिता भी मौत की असलियत छुपा रहा था। ऐसा माना जा रहा था कि पुलिस को दोनों को आरोपी बनाएगी।
उसावां के गांव गौंतरा पट्टी भौनी 17 वर्षीय खूशनुमा पुत्र फखरुद्दीन की रविवार दोपहर उसी के भाई नईम ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नईम ऑनर किलिंग के इस मामले में खुदकुशी साबित करना चाहता था। उसने वारदात के बाद कारतूस का खोखा फंसा हुआ तमंचा शव के पास ही फेंक दिया था। गांव के लोगों की खबर पर पुलिस पहुंची तो युवती के पिता फखरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि वह दूसरे मकान में था। गोली चलने के शोर पर पहुंचा तो उनके बेटे नईम ने कहा कि खुशनुमा ने खुद को गोली मारी है। इस पर पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पिता अपने बयान पर कायम रहा, लेकिन नईम बयान बदलता रहा। इस पर पुलिस ने सख्ती की तो उसने गुनाह कबूल लिया। सूत्रों के अनुसार पिता को भी हत्या के के बारे में मालूम था। लड़की से कहासुनी भी उसी से हुई थी। पहले उसने यही कहा कि कहासुनी से क्षुब्ध होकर उसने खुद जान दी। लेकिन बाद में पुलिस ने कहा कि चूंकि भाई मौके पर था, उसने जुर्म कुबूल लिया। इसलिए बुजुर्ग विकलांग पिता को छोड़ दिया गया।
किशोरी के भाई ने गुनाह कबूल किया है। वारदात के वक्त घर में सिर्फ भाई और बहन थे। गांव के लोगों से पता लगा है कि नईम गर्म मिजाज का है। किशोरी के पिता का हत्या की इस वारदात से प्रथम दृष्टया कोई संबंध नहीं पाया गया है। बाकी की सच्चाई विवेचना में सामने आ जाएगी।
-एनके सिंह, एसओ उसहैत
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किशोरी के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
उसावां के गांव गौंतरा पट्टी भौनी में रविवार को खुशनुमा ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसे मारा गया। उसके भाई ने ही गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। युवती के पिता फखरुद्दीन की तहरीर पर पुलिस ने उसके भाई नईम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
उसावां थाने के गांव गौंतरा पट्टी भौनी निवासी फखरुद्दीन की 17 वर्षीय बेटी खुशनुमा का शव रविवार को दोपहर घर के कमरे में मिला था। उसकी कनपटी पर तमंचे से गोली मारकर हत्या की गई थी। परिवार वाले पहले इसे खुदकुशी बता रहे थे। ऑनर किलिंग के शक में पुलिस ने मृतका के पिता फखरुद्दीन और भाई नईम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पहले तो दोनों खुशनुमा की मौत को खुदकुशी बताते रहे। पुलिस ने सख्ती की तो दोनों टूट गए। नईम ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कई बार मना करने के बाद भी वह नहीं मानी। इसके चलते उसने खुशनुमा की गोली मारकर हत्या कर दी। नईम के जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने फखरुद्दीन की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। आला कत्ल भी बरामद हो गया है। एसओ एनके सिंह का कहना है कि आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की काफी कोशिश की।
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रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी मामला दबाए रही पुलिस
अलापुर। ऑनर किलिंग की वारदात रविवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे हुई थी। खबर मिलने पर गांव पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने के बाद किशोरी के पिता और भाई को भी हिरासत में ले लिया। गौर करने वाली बात यह है कि मृतका के भाई नईम ने दिन में ही अपनी जुर्म स्वीकार कर लिया था। इसके बावजूद थाना पुलिस मामले को देर रात तक दबाए रही। मामले में मुकदमा शाम को ही दर्ज कर लिया गया था।
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बहन को मारने का भाई को कोई मलाल नहीं
नईम को अपनी बहन की हत्या का कोई अफसोस नहीं है। गिरफ्तारी के बाद उसने कहा कि उसने खुुशनुमा को बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी। वह परिवार की बदनामी करने पर तुली हुई थी। इसको लेकर पूरा परिवार बेहद तनाव में था। सबको तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए उसने खुशनुमा को मारना ही मुनासिब समझा। नईम बोला कि उसको बहन को मारने का कोई मलाल नहीं है बल्कि वह संतुष्ट है कि उसने जो किया ठीक किया।
- तो बेटी की हत्या के मामले में बच गया पिता फखरुद्दीन
- पहले दिन पिता और भाई दोनों ही हत्या को आत्महत्या बता रहे थे
- गोली की आवाज सुनकर दूसरे मकान से पहुंचा था विकलांग पिता
- पुलिस ने सख्ती की तो टूट गया नईम, कबूल कर लिया गुनाह
उसावां थाने के गांव गौंतरा पट्टी भौनी में हुई ऑनर किलिंग की वारदात में पहले पुलिस युवती के पिता फखरुद्दीन और भाई नईम दोनों पर शक कर रही थी। दूसरे दिन भाई ने जुर्म कुबूला तो पुलिस ने सिर्फ उसे ही दोषी मानते हुए आरोपी बनाया। पिता को इस बिना पर क्लीनचिट दे दी कि वह मौके पर नहीं था। जबकि बेटे के साथ पिता भी मौत की असलियत छुपा रहा था। ऐसा माना जा रहा था कि पुलिस को दोनों को आरोपी बनाएगी।
उसावां के गांव गौंतरा पट्टी भौनी 17 वर्षीय खूशनुमा पुत्र फखरुद्दीन की रविवार दोपहर उसी के भाई नईम ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नईम ऑनर किलिंग के इस मामले में खुदकुशी साबित करना चाहता था। उसने वारदात के बाद कारतूस का खोखा फंसा हुआ तमंचा शव के पास ही फेंक दिया था। गांव के लोगों की खबर पर पुलिस पहुंची तो युवती के पिता फखरुद्दीन ने पुलिस को बताया कि वह दूसरे मकान में था। गोली चलने के शोर पर पहुंचा तो उनके बेटे नईम ने कहा कि खुशनुमा ने खुद को गोली मारी है। इस पर पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पिता अपने बयान पर कायम रहा, लेकिन नईम बयान बदलता रहा। इस पर पुलिस ने सख्ती की तो उसने गुनाह कबूल लिया। सूत्रों के अनुसार पिता को भी हत्या के के बारे में मालूम था। लड़की से कहासुनी भी उसी से हुई थी। पहले उसने यही कहा कि कहासुनी से क्षुब्ध होकर उसने खुद जान दी। लेकिन बाद में पुलिस ने कहा कि चूंकि भाई मौके पर था, उसने जुर्म कुबूल लिया। इसलिए बुजुर्ग विकलांग पिता को छोड़ दिया गया।
किशोरी के भाई ने गुनाह कबूल किया है। वारदात के वक्त घर में सिर्फ भाई और बहन थे। गांव के लोगों से पता लगा है कि नईम गर्म मिजाज का है। किशोरी के पिता का हत्या की इस वारदात से प्रथम दृष्टया कोई संबंध नहीं पाया गया है। बाकी की सच्चाई विवेचना में सामने आ जाएगी।
-एनके सिंह, एसओ उसहैत