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सरिया चोरी में आया स्कूल प्रबंधक का नाम

Thu, 02 Apr 2015 12:21 AM IST
उझानी (बदायूं)
उझानी (बदायूं) Updated Thu, 02 Apr 2015 12:21 AM IST
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Bars come in theft Name of the school manager
निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में चल रहे सरिया चोरी के खेल का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने गिरफ्तार दिल्ली पुलिस के बर्खास्त सिपाही और स्कूल के प्रधानाचार्य समेत तीनों लोगों का बुधवार को चालान कर दिया गया। हालांकि इससे पहले सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कोतवाली आकर उनसे गहन पूछताछ की। उधर, नामजदों में कछला के स्कूल के प्रबंधक केपी यादव का नाम भी शामिल कर लिया गया है।
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पुलिस के मुताबिक, कछला के शिवनारायण स्मृति उमा विद्यालय के प्रबंधक केपी यादव का नाम इसलिए शामिल किया गया है कि चोरी की सरिया की रकम के बंटवारे को लेकर जब आरोपियों में झगड़ा हुआ, तो कुछ आरोपियों को धमकाया गया था। दूसरा, केपी यादव उस स्कूल का प्रबंधक है, जिसमें चोरी की सरिया बरामद हुई हैं। केपी यादव अभी फरार है। पूर्वाह्न में सिविल लाइंस थाने की पुलिस भी कोतवाली पहुंची। पुलिस ने गिरफ्तार हो चुके बर्खास्त सिपाही हरीओम सिंह, स्कूल के प्रधानाचार्य जेपी यादव और मैनपुरी के विजय यादव से पूछताछ की। चालान करते वक्त पुलिस ने तीनों का मेडिकल भी कराया।
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पैरोकार रहे सक्रिय, नहीं हुई सुनवाई
आरोपियों में विजय खुद को बेकसूर बता रहा है। उसका कहना है कि उसने तो इस खेल का भंडाफोड़ किया था। नामजदगी से पहले विजय को बेदाग साबित करने के लिए उसके पैरोकार भी सक्रिय रहे, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी।
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ठेकेदार का करीबी है बर्खास्त सिपाही
सूत्र बताते हैं कि सरिया चोरी के खेल की पूरी जानकारी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उगल दी है। पकड़ा गया बर्खास्त सिपाही हरीओम निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार का काफी करीबी रहा है। इधर, कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि मामले की विवेचना सिविल लाइंस थाना पुलिस कर रही है। उसी को सरिया चोरी के केस में शामिल अन्य लोगों के नाम पता करने हैं।

कहीं गुणवत्ता तो नहीं हुई प्रभावित!
उझानी। निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में सरिया चोरी का खेल कोई एक दिन नहीं चला, बल्कि काफी समय से होता रहा है। यह बात पूछताछ के दौरान सामने आने के बाद सवाल तो यह भी उठ रहा है कि अगर ऐसा हुआ है, तो निर्माण के दौरान सरिया कम लगी होगी। सरिया तो वही है, जो निर्माण के दौरान इस्तेमाल किए जाने को पहुंचती है। ऐसे में गुणवत्ता पर प्रश्न उठना भी लाजिमी है। जांच तो इस बात की भी होनी चाहिए।

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