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महावा नदी पर कब्जे की जांच करने पहुंची टीम
Sahaswan
Updated Tue, 07 Apr 2015 08:01 PM IST
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तत्कालीन डीएम एम देवराज ने धार्मिक सरोवर सरसौता के पास से होकर गुजर रही जलविहीन महावा नदी को पुन: पुर्नजीवित करने के लिए नहर की योजना तैयार की थी। तत्कालीन डीएम सीपी त्रिपाठी ने महावा नदी की भूमि पर अवैध कब्जेदारों को हटवाकर इस योजना को अमलीजामा पहनाया, लेकिन एक बार फिर इस भूमि पर कब्जे शुरू हो गए हैं। एसडीएम हरिशंकर यादव ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ जांच कराकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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बता दें कि महावा नदी को पुन: पुर्नजीवित कर नहर बनाने की योजना का खाका तैयार कर कुछ ही नहर तैयार हो पाई थी। तब तक डीएम एम देवराज का स्थानांतरण हो गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों में मायूसी छा गई, लेकिन डीएम सीपी त्रिपाठी ने इस योजना को पूरा कराने का बीड़ा उठाते हुए तत्कालीन एसडीएम रामअरज यादव को निर्देश देते हुए महावा नदी की भूमि पर अवैध कब्जेदारों को हटाने के निर्देश दिए गए। एसडीएम नदी की भूमि पर कब्जा लेते हुए उसमें खोदाई शुरू करा दी गई। इसी के साथ ही धार्मिक स्थल सरसौता और सहस्राबाहु के टीले पर सांसद धर्मेंद्र यादव के प्रयास से पर्यटक स्थल तैयार हो चुका है।
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अब नहर की भूमि पर वन विभाग द्वारा पौधरोपण करा दिया गया है। शेष भूमि पर कब्जेदारों ने मक्का बो दी है। इसकी शिकायत नागरिकों ने एसडीएम हरिशंकर यादव से की। एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम ने मौके पर जाकर देखा तब लोगों की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने कहा कि अगर किसी का फिर कब्जा मिला, तो मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। जांच टीम में राजस्व निरीक्षक वीरेंद्रपाल, रामबहादुर, पूरनलाल वर्मा, रामपाल, कामेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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