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इलाज के बहाने कहां ऐश की सजायाफ्ता ने?

Thu, 21 Apr 2016 12:31 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 21 Apr 2016 12:31 AM IST
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Ash said the pretext of treating convicted?
अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

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पूर्व विधायक योंगेंद्र सागर का रिश्तेदार है तेजेंद्र सागर
अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म में दिया गया है दोषी करार
जेल लौटने से पहले जिला अस्पताल में किया आराम


अपहरण और सामूहिक बलात्कार के आरोप में जिला जेल में सजा काट रहे बसपा के पूर्व विधायक योगेंद्र सागर के रिश्तेदार तेजेंद्र सागर को सिपाहियों और जिला अस्पताल के स्टाफ ने बिना भर्ती किए अस्पताल के नेत्ररोग वार्ड में रात भर आराम कराया। इसी मामले में योगेंद्र सागर भी सह अभियुक्त हैं। तेजेंद्र केजीएमसी लखनऊ में इलाज के लिए 18 मार्च को निकला था। उसकी अभिरक्षा में पुलिस लाइंस से सिपाही सुरेश मिश्रा, नरेंद्र रावत और रामपाल को भेजा गया था। बुधवार को जेल प्रशासन ने उसे फिर जेल में दाखिल कर लिया।
 रीढ़ की हड्डी में तकलीफ बताते हुए तेजेंद्र खुद को लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करा लिया। बताया गया मेडिकल कॉलेज में तेजेंद्र की एमआरआई होनी थी। इधर सूत्र बताते हैं कि वह मेडिकल कॉलेज पहुंचा ही नहीं। इसके चलते न उसका कोई ट्रीटमेंट हुआ और न एमआरआई। मंगलवार की रात दो सिपाहियों के साथ वह जिला अस्पताल पहुंच गया। अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए उसने नेत्र रोग का वार्ड खुलवाया। यहां पूरी रात आराम फरमाने के बाद बुधवार को दोपहर 1.46 बजे फिर जेल में दाखिल हो गया।
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जेल से निकलने के बाद तेजेंद्र कहां कहां गया? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अभिरक्षा में गए सिपाहियों ने जेल प्रशासन को लिखकर दिया है कि उनसे मेडिकल कॉलेज में एमआरआई के लिए आठ हजार रुपये मांगे गए। रुपये न होने की वजह से एमआरआई नहीं हो सकी। इसलिए वह उसे लेकर बदायूं चले आए। गौर करने वाली बात है कि सिपाही सुरेश मिश्रा ने मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का एक पर्चा जेल में 19 अप्रैल का दाखिल किया है जबकि चार लोगों के आने-जाने का यात्रा टिकट नहीं दिया गया। सूत्र बताते हैं कि एक सिपाही लखनऊ पर्चा बनवाने भेज दिया गया। दो सिपाही और अभियुक्त यहीं आराम फरमाते रहे।
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वर्जन-
मामला गंभीर है, पूरे मामले में जांच कराई जाएगी। अगर सिपाहियों की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेल प्रशासन से भी मामले में बात की जाएगी। -सौमित्र यादव, एसएसपी

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सिपाहियों ने लिखकर दिया है कि उनसे एमआरआई के लिए आठ हजार रुपये की मांग की गई थी। उनके पास रुपये नहीं थे। इस वजह से तेजेंद्र सागर का एमआरआई नहीं हो सका। कोई डिस्चार्ज स्लिप नहीं दी गई है। मेडिकल कॉलेज का एक कार्ड भी तेजेंद्र के साथ दाखिल किया गया है। -एमएल दोहरे, जेल अधीक्षक
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