{"_id":"57dbe9cf4f1c1b7a31d477fa","slug":"a-dip-in-the-ganges-ancestors-jldan-done","type":"story","status":"publish","title_hn":" गंगा में डुबकी लगा पूर्वजों को किया जलदान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गंगा में डुबकी लगा पूर्वजों को किया जलदान
ब्यूरो /बदायूं
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
डुबकी लगा पूर्वजों को किया जलदान
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पितृपक्ष पूर्णिमा पर शुक्रवार के लिए गंगाघाट पर हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने डुबकी लगाने के बाद पूजन कराया। उन्होंने अपने पूर्वजों को तर्पण कर उनका स्मरण भी किया।
कछला गंगाघाट पर तड़के से जलदान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। निजी संसाधनों और प्राइवेट वाहनों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों को याद किया। पूर्वजों से सुख और चैन की कामना करते हुए लोगों ने जलदान किया। इस दौरान गंगाघाट पर हर-हर गंगे की गूंज रही। अधिकतर श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की याद में भगत बजवा कर प्रार्थना भी की। कई लोगों ने ब्राह्मणों को भोजन भी कराया।
गंगाघाट के समीप आश्रमों में भी धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चला। श्रद्धालुओं ने कुष्ठ आश्रम में भी दान देकर पुण्य अर्जित किया। महात्माओं ने बताया कि पितृपक्ष पूर्णिमा पर जलदान का विशेष महत्व होता है। विधि और विधान से किए जाने वाला जलदान ही पूर्वजों को तृप्त करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा इंतजाम भी कराए गए।
विज्ञापन
बरेली-मथुरा हाइवे पर धीमे पड़े वाहनों के पहिए
उझानी। पितृपक्ष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ के वजह से बरेली और कासगंज की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। डग्गामार वाहनों को बेतरतीब खड़े कर दिए जाने से बस और ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ गया। पुलिस चौकी के आसपास सुबह में करीब नौ बजे लगा जाम दो घंटा तक परेशानी की वजह बना रहा। आवागमन सुचारू कराने के लिए पुलिस को भी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कछला गंगाघाट पर तड़के से जलदान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। निजी संसाधनों और प्राइवेट वाहनों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों को याद किया। पूर्वजों से सुख और चैन की कामना करते हुए लोगों ने जलदान किया। इस दौरान गंगाघाट पर हर-हर गंगे की गूंज रही। अधिकतर श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की याद में भगत बजवा कर प्रार्थना भी की। कई लोगों ने ब्राह्मणों को भोजन भी कराया।
विज्ञापन
गंगाघाट के समीप आश्रमों में भी धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चला। श्रद्धालुओं ने कुष्ठ आश्रम में भी दान देकर पुण्य अर्जित किया। महात्माओं ने बताया कि पितृपक्ष पूर्णिमा पर जलदान का विशेष महत्व होता है। विधि और विधान से किए जाने वाला जलदान ही पूर्वजों को तृप्त करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा इंतजाम भी कराए गए।
विज्ञापन
बरेली-मथुरा हाइवे पर धीमे पड़े वाहनों के पहिए
उझानी। पितृपक्ष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ के वजह से बरेली और कासगंज की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। डग्गामार वाहनों को बेतरतीब खड़े कर दिए जाने से बस और ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ गया। पुलिस चौकी के आसपास सुबह में करीब नौ बजे लगा जाम दो घंटा तक परेशानी की वजह बना रहा। आवागमन सुचारू कराने के लिए पुलिस को भी मशक्कत का सामना करना पड़ा।