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दबाव बनाया तो थाने आ गया फरार आरोपी
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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इस्लामनगर। थाने से फरार जिस आरोपी धीरेंद्र को पुलिस गुरुवार को पकड़ने से ही इंकार कर रही थी, शुक्रवार को उसे थाना पुलिस ने नाजायज हथियार रखने में जेल भेज दिया। फजीहत के बाद पुलिस ने अनौपचारिक तौर पर मान लिया कि धीरेंद्र थाने से भागा था जिसे पकड़ लिया गया।
बुधवार शाम नौगवां चौकी पुलिस ने तीन लोगों को गश्त के दौरान संदिग्ध हालात में मौसमपुर रोड से पकड़ा था। इनसे एक तमंचा और कारतूस और बाइक बरामद हुई थी। नौगवां चौकी पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को लाकर थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। वहां से गुरुवार सुबह के समय धीरेंद्र, मुंशी के कमरे से भागने में कामयाब हो गया। इसके बाद बैकफुट पर आई थाना पुलिस ने देवेंद्र और हरिओम के परिवारीजनों को बुलाकर उन्हें भी सुपुर्दगी में दे दिया। किसी तरह धीरेंद्र के भागने की खबर कस्बे में फैल गई तो थाना पुलिस उस पर लीपापोती करने लगी। किसी को तमंचे में पकड़ने से ही इंकार करने लगी। थाना पुलिस घटना को अफवाह बता रही थी। जब अखबारों में खबर सुर्खियां बनीं तो वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद थाना पुलिस ने धीरेंद्र के परिवारीजनों पर दबाव बनाया। इनमें से एक को लाकर थाने बैठाया। तब कहीं जाकर धीरेंद्र ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने नए तरीके से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार दोपहर में उसे जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष रामनरेश माथुर ने बताया कि धीरेंद्र को नाजायज हथियार रखने के मामले में जेल भेजा है। इंकार की बात को वह हंसकर मुकर गए।
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बुधवार शाम नौगवां चौकी पुलिस ने तीन लोगों को गश्त के दौरान संदिग्ध हालात में मौसमपुर रोड से पकड़ा था। इनसे एक तमंचा और कारतूस और बाइक बरामद हुई थी। नौगवां चौकी पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को लाकर थाना पुलिस के हवाले कर दिया था। वहां से गुरुवार सुबह के समय धीरेंद्र, मुंशी के कमरे से भागने में कामयाब हो गया। इसके बाद बैकफुट पर आई थाना पुलिस ने देवेंद्र और हरिओम के परिवारीजनों को बुलाकर उन्हें भी सुपुर्दगी में दे दिया। किसी तरह धीरेंद्र के भागने की खबर कस्बे में फैल गई तो थाना पुलिस उस पर लीपापोती करने लगी। किसी को तमंचे में पकड़ने से ही इंकार करने लगी। थाना पुलिस घटना को अफवाह बता रही थी। जब अखबारों में खबर सुर्खियां बनीं तो वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद थाना पुलिस ने धीरेंद्र के परिवारीजनों पर दबाव बनाया। इनमें से एक को लाकर थाने बैठाया। तब कहीं जाकर धीरेंद्र ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने नए तरीके से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार दोपहर में उसे जेल भेज दिया। थानाध्यक्ष रामनरेश माथुर ने बताया कि धीरेंद्र को नाजायज हथियार रखने के मामले में जेल भेजा है। इंकार की बात को वह हंसकर मुकर गए।
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