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कार में ड्रेस ठेकेदार की हत्या कर लाखों की लूट
Updated Thu, 25 Jan 2018 10:00 AM IST
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कार में यूनिफार्म ठेकेदार की हत्या कर लाखों की लूट
पहले बेहोश किया फिर गला दबाकर मार डाला
नकदी, जेवर और कागजात लूट ले गए, अज्ञात में रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
बच्चों की यूनिफार्म बनाने के ठेकेदार की उन्हीं की कार में गला दबाकर हत्या कर दी गई। उनका शव आवास विकास कॉलोनी से मझिया रोड पर कार की पिछली सीट पर मिला। बताते हैं कि जेवर और महत्वपूर्ण कागजात के अलावा करीब सात लाख रुपये भी उनसे लूट लिए गए। शहर से सटे इलाके में घटना के बाद एसएसपी ने भी मुआयना किया। मायके से लौटी पत्नी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना सिविल लाइंस की आवास विकास ए ब्लॉक कॉलोनी से मझिया रोड पर खड़ी सलेटी कलर की सेंट्रो कार में शव होने की सूचना स्थानीय लोगों ने यूपी 100 को दी। ड्राइवर शराफत हुसैन पीआरवी लेकर पहुंचे तो देखा कि कार की पिछली सीट पर पड़े व्यक्ति की नाक से खून बह रहा है और कार अंदर से पूरी तरह लॉक है। कार को हिलाने से भी कोई लाभ नहीं हुआ। तब पीआरवी ने मंडी चौकी पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और फिर शव की सूचना पर परेड ग्राउंड से एसएसपी चंद्रप्रकाश, एसपी सिटी, सीओ सिटी और कोतवाल सदर मौके पर आ गए। अगली सीट का साइड मिरर तोड़कर कार का लॉक खोला गया और फिर शव को निकाला गया। मृतक के पास कोई ऐसी चीज नहीं थी जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। उसकी जेब में एक टेलर के नंबर की पर्ची मिली। इस पर कॉल करके सीरियल नंबर बताया तो नाम संजय रस्तोगी पता लगा और मोबाइल नंबर मिला। यह मोबाइल भी स्विच ऑफ था। बाद में पते के आधार पर पहचान कर ली गई। पता लगा कि मृतक संजय बेसिक स्कूलों के बच्चों की यूनिफार्म बनाने का ठेकेदार था। उसके और भी कई काम थे। शव को सील कर पोस्टमार्टम हाउस लाया गया।
पुलिस की सूचना पर पांच दिन से बिल्सी मायके में रह रही संजय की पत्नी बेसिक शिक्षिका एकता वार्ष्णेय और उनके परिवार वाले बदायूं आ गए। परिवार में हड़कंप मच गया। एकता ने बताया कि वह कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। तब डॉ. सीके जैन से दवा ली थी। स्कूल में भी छुट्टी थी। आराम कराने के लिहाज से उनके भाई उन्हें बिल्सी बुला ले गए थे। बताया कि मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे करीब उनकी पति से मोबाइल पर बात हुई थी। तब उन्होंने बताया था कि किसी को डेढ़ लाख रुपये का पेमेंट देने जा रहे हैं। पांच से छह लाख रुपया उनके बैग में अलग से पड़ा रहता था। तब से वह पति का नंबर ट्राई कर रहीं थीं जो स्विच ऑफ बताया जा रहा है। उन्होंने तीन लोगों के नाम लेते हुए उन पर रंजिश में पति की हत्या का शक जाहिर किया। देर शाम तहरीर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दी गई जिसके आधार पर मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
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पोस्टमार्टम में अचेत कर हत्या की पुष्टि
बदायूं। संजय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वजह गला दबाना पुष्ट हुआ। उनके गले पर दबाने का निशान भी साफ था। इसके अलावा मौत से पहले जहर या शराब पिलाकर अचेत करने जैसी स्थिति भी रिपोर्ट में आई है। नशे की वजह की पूर्ण पुष्टि के लिए विसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
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बैग, मोबाइल और नकदी गायब
बदायूं। संजय की कार में पिछली सीट पर हमेशा एक काला बैग रहता था। इससे में वह पांच से सात लाख रुपये हमेशा रखते थे। इसके अलावा महत्वपूर्ण कागजात भी बैग में रहते थे। घटना के बाद कार से यह बैग, संजय के दो मोबाइल, दो सोने की अंगूठी, सोने की चेन आदि सामान गायब था। शव के पास एक मिठाई का डिब्बा रखा था। कार की चाबी उनके सीने पर रखी थी।
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कार में यूनिफार्म ठेकेदार की हत्या कर लाखों की लूट
पहले बेहोश किया फिर गला दबाकर मार डाला
नकदी, जेवर और कागजात लूट ले गए, अज्ञात में रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
बच्चों की यूनिफार्म बनाने के ठेकेदार की उन्हीं की कार में गला दबाकर हत्या कर दी गई। उनका शव आवास विकास कॉलोनी से मझिया रोड पर कार की पिछली सीट पर मिला। बताते हैं कि जेवर और महत्वपूर्ण कागजात के अलावा करीब सात लाख रुपये भी उनसे लूट लिए गए। शहर से सटे इलाके में घटना के बाद एसएसपी ने भी मुआयना किया। मायके से लौटी पत्नी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना सिविल लाइंस की आवास विकास ए ब्लॉक कॉलोनी से मझिया रोड पर खड़ी सलेटी कलर की सेंट्रो कार में शव होने की सूचना स्थानीय लोगों ने यूपी 100 को दी। ड्राइवर शराफत हुसैन पीआरवी लेकर पहुंचे तो देखा कि कार की पिछली सीट पर पड़े व्यक्ति की नाक से खून बह रहा है और कार अंदर से पूरी तरह लॉक है। कार को हिलाने से भी कोई लाभ नहीं हुआ। तब पीआरवी ने मंडी चौकी पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और फिर शव की सूचना पर परेड ग्राउंड से एसएसपी चंद्रप्रकाश, एसपी सिटी, सीओ सिटी और कोतवाल सदर मौके पर आ गए। अगली सीट का साइड मिरर तोड़कर कार का लॉक खोला गया और फिर शव को निकाला गया। मृतक के पास कोई ऐसी चीज नहीं थी जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। उसकी जेब में एक टेलर के नंबर की पर्ची मिली। इस पर कॉल करके सीरियल नंबर बताया तो नाम संजय रस्तोगी पता लगा और मोबाइल नंबर मिला। यह मोबाइल भी स्विच ऑफ था। बाद में पते के आधार पर पहचान कर ली गई। पता लगा कि मृतक संजय बेसिक स्कूलों के बच्चों की यूनिफार्म बनाने का ठेकेदार था। उसके और भी कई काम थे। शव को सील कर पोस्टमार्टम हाउस लाया गया।
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पुलिस की सूचना पर पांच दिन से बिल्सी मायके में रह रही संजय की पत्नी बेसिक शिक्षिका एकता वार्ष्णेय और उनके परिवार वाले बदायूं आ गए। परिवार में हड़कंप मच गया। एकता ने बताया कि वह कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। तब डॉ. सीके जैन से दवा ली थी। स्कूल में भी छुट्टी थी। आराम कराने के लिहाज से उनके भाई उन्हें बिल्सी बुला ले गए थे। बताया कि मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे करीब उनकी पति से मोबाइल पर बात हुई थी। तब उन्होंने बताया था कि किसी को डेढ़ लाख रुपये का पेमेंट देने जा रहे हैं। पांच से छह लाख रुपया उनके बैग में अलग से पड़ा रहता था। तब से वह पति का नंबर ट्राई कर रहीं थीं जो स्विच ऑफ बताया जा रहा है। उन्होंने तीन लोगों के नाम लेते हुए उन पर रंजिश में पति की हत्या का शक जाहिर किया। देर शाम तहरीर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दी गई जिसके आधार पर मामले की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
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पोस्टमार्टम में अचेत कर हत्या की पुष्टि
बदायूं। संजय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वजह गला दबाना पुष्ट हुआ। उनके गले पर दबाने का निशान भी साफ था। इसके अलावा मौत से पहले जहर या शराब पिलाकर अचेत करने जैसी स्थिति भी रिपोर्ट में आई है। नशे की वजह की पूर्ण पुष्टि के लिए विसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
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बैग, मोबाइल और नकदी गायब
बदायूं। संजय की कार में पिछली सीट पर हमेशा एक काला बैग रहता था। इससे में वह पांच से सात लाख रुपये हमेशा रखते थे। इसके अलावा महत्वपूर्ण कागजात भी बैग में रहते थे। घटना के बाद कार से यह बैग, संजय के दो मोबाइल, दो सोने की अंगूठी, सोने की चेन आदि सामान गायब था। शव के पास एक मिठाई का डिब्बा रखा था। कार की चाबी उनके सीने पर रखी थी।