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दौरा पड़ा तो ट्रैक्टर से गिरकर कुचला युवक, मौत
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नूरपुर पिनौनी (बदायूं)। खेत की जुताई करके घर लौट रहे युवक की अपने ही ट्रैक्टर से कुचलकर मौत हो गई। ट्रैक्टर चलाते समय अचानक युवक को दौरा पड़ गया था, जिससे वह चलते ट्रैक्टर से नीचे जा गिरा और ट्रैक्टर कुचलते हुए सड़क किनारे खंदी में घुस गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर परिवार वाले शव को अपने घर ले गए। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नूरपुर पिनौनी निवासी सुखपाल मौर्य (35) पुत्र मटरू लाल मौर्य खेतीबाड़ी करके अपना परिवार पाल रहा था। रविवार सुबह करीब नौ बजे सुखपाल अपना ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करके घर लौट रहा था। उस वक्त सुखपाल खुद ट्रैक्टर चला रहा था। रास्ते में नवीन मंडी के सामने अचानक उसको दौरा पड़ गया। तभी उसके हाथों से स्टेयरिंग छूट गया और वह ट्रैक्टर के बड़े पहिए के आगे जा गिरा। ट्रैक्टर उसे कुचलते हुए आगे निकल गया और सड़क किनारे खंदी में जा घुसा। उसके पीछे से आ रहे लोगों ने हादसे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां युवक को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की जानकारी होते ही सुखपाल के परिवार में कोहराम मच गया। वह भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। फिर शव को अपने घर ले गए।
सुखपाल के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
सुखपाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। हालांकि उसके नाम कोई जमीन नहीं है। उसके पिता के नाम करीब 12 बीघा जमीन है। सुखपाल ही खेतीबाड़ी करता था। उसके अन्य भाई सहयोग करते थे। घर में जिम्मेदार होने के नाते परिवार वालों को सुखपाल से बहुत उम्मीदें थीं। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नूरपुर पिनौनी निवासी सुखपाल मौर्य (35) पुत्र मटरू लाल मौर्य खेतीबाड़ी करके अपना परिवार पाल रहा था। रविवार सुबह करीब नौ बजे सुखपाल अपना ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करके घर लौट रहा था। उस वक्त सुखपाल खुद ट्रैक्टर चला रहा था। रास्ते में नवीन मंडी के सामने अचानक उसको दौरा पड़ गया। तभी उसके हाथों से स्टेयरिंग छूट गया और वह ट्रैक्टर के बड़े पहिए के आगे जा गिरा। ट्रैक्टर उसे कुचलते हुए आगे निकल गया और सड़क किनारे खंदी में जा घुसा। उसके पीछे से आ रहे लोगों ने हादसे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां युवक को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की जानकारी होते ही सुखपाल के परिवार में कोहराम मच गया। वह भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। फिर शव को अपने घर ले गए।
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सुखपाल के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
सुखपाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। हालांकि उसके नाम कोई जमीन नहीं है। उसके पिता के नाम करीब 12 बीघा जमीन है। सुखपाल ही खेतीबाड़ी करता था। उसके अन्य भाई सहयोग करते थे। घर में जिम्मेदार होने के नाते परिवार वालों को सुखपाल से बहुत उम्मीदें थीं। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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