{"_id":"5c682493bdec22629b007b3b","slug":"51550328979-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक घोटाले की जांच को पहुंची क्राइम ब्रांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंक घोटाले की जांच को पहुंची क्राइम ब्रांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जरीफनगर (बदायूं)। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में हुए लाखों रुपये के घोटाले के मामले में शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम जरीफनगर पहुंची। टीम ने ब्रांच मैनेजर और अन्य स्टाफ से जानकारी जुटाई, साथ ही घोटाले के संबंध में अभिलेख चेक किए।
कुछ समय पूर्व जरीफनगर की सर्व यूपी किसान ग्रामीण बैंक से कई लोगों के खाते से लाखों रुपये नदारद हो गए थे। इस संबंध में ब्रांच मैनेजर ने क्षेत्र के तीन वीसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने कई लोगों के खातों से रुपये निकाल लिए। इसकी विभागीय जांच भी हुई थी लेकिन उसका परिणाम कुछ नहीं निकला। हालांकि बाद में वीसी को हटा दिया गया था। इस संबंध में शनिवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर मदनलाल अपनी टीम के साथ बैंक पहुंचे। उन्होंने ब्रांच मैनेजर रमेश चंद्र और अन्य स्टाफ से मामले की जानकारी जुटाई। ब्रांच मैनेजर ने कहा कि वीसी गांव-गांव घूमकर लोगों के बैंक में खाता खुलवाते थे। कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिससे वे शक के घेरे में आ गए थे। टीम ने बैंक के अन्य स्टाफ से भी जानकारी जुटाई। अभिलेख भी खंगाले। उसके बाद टीम लौट गई।
विज्ञापन
कुछ समय पूर्व जरीफनगर की सर्व यूपी किसान ग्रामीण बैंक से कई लोगों के खाते से लाखों रुपये नदारद हो गए थे। इस संबंध में ब्रांच मैनेजर ने क्षेत्र के तीन वीसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने कई लोगों के खातों से रुपये निकाल लिए। इसकी विभागीय जांच भी हुई थी लेकिन उसका परिणाम कुछ नहीं निकला। हालांकि बाद में वीसी को हटा दिया गया था। इस संबंध में शनिवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर मदनलाल अपनी टीम के साथ बैंक पहुंचे। उन्होंने ब्रांच मैनेजर रमेश चंद्र और अन्य स्टाफ से मामले की जानकारी जुटाई। ब्रांच मैनेजर ने कहा कि वीसी गांव-गांव घूमकर लोगों के बैंक में खाता खुलवाते थे। कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिससे वे शक के घेरे में आ गए थे। टीम ने बैंक के अन्य स्टाफ से भी जानकारी जुटाई। अभिलेख भी खंगाले। उसके बाद टीम लौट गई।
विज्ञापन